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कर्मचारी दिखे बगैर मास्क, अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए लगाना पड़ा मास्क
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मॉडल टाउन स्थित राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ग्राम सचिव पद की लिखित परीक्षा देने ?
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ग्राम सचिव पद के लिए 27 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा भले शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुई, मगर कोरोना की सुरक्षा चेन जरूर टूटती नजर आई। रविवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले उम्मीदवारों के चेहरों पर मास्क लगा होना सुनिश्चित करने की ड्यूटी करने वाले कर्मचारी खुद बगैर मास्क रहे। यही नहीं परीक्षा केंद्र से महज 30 कदम की दूरी पर फोटोस्टेट की दुकानें खुली रही। जबकि प्रशासन ने धारा 144 के तहत 200 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानें बंद रखने के निर्देश जारी किए थे।
ग्राम सचिव पदों के लिए रविवार को दूसरे दिन भी लिखित परीक्षा हुई। सुबह व शाम के सत्र में दो दिनों में करीब 20 हजार विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था रही। इनमें से करीब दस प्रतिशत उम्मीदवारों के अनुपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। फिलहाल प्रशासन ने सही आंकड़ा दर्शाने में असमर्थता जाहिर की है। प्रात:कालीन सत्र की परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को अल सुबह ठंड में घर से निकलना पड़ा। परीक्षा से एक घंटे पहले केंद्र पहुंचे उम्मीदवारों को सुरक्षा चक्रों से होकर गुजरना पड़ा। चेहरे पर मास्क के बाद मेटल डिटेक्टर से जांच हुई। इसके बाद थर्मल स्कैनिंग व आंखों की पुतलियों की इलेक्ट्रॉनिक जांच की गई। इसके बाद उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया। इस दौरान जांच करने वाले कर्मचारी खुद बगैर मास्क नजर आए। दोनों ही सत्रों में कुछ यही स्थिति बनी रही। कुछ परीक्षा केंद्रों के पास धारा 144 लागू होने के बावजूद फोटोस्टेट की दुकानें खुली रही। दुकानदार सरेआम नियमों का उल्लंघन करते नजर आए। इस ओर पुलिस या प्रशासन किसी का ध्यान नहीं गया।
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नहीं निकली तो यूं छोड़ दी नोजपिन
परीक्षा केंद्रों में किसी तरह का उपकरण या आभूषण ले जाना प्रतिबंधित रहा। इसके चलते केंद्रों के बाहर ही उम्मीदवारों से उनके उपकरण व आभूषण उतरवा दिए गए। इस प्रक्रिया के महिलाओं का परेशानी उठानी पड़ी। अरसे से नाक व कान में पड़ी बालियां उतारने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद भी नाक से नोजपिन नहीं निकली तो उसे यूं ही छोड़ना पड़ा। हालांकि ऐसा कुछ ही केसों में हुआ।
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बाइक की चाबी, मोबाइल रखने के लिए नहीं मिली जगह
परीक्षा केंद्र में किसी तरह का सामान अंदर ले जाना वर्जित रहा। इसके चलते दूर-दराज के इलाके से अपनी स्कूटी या बाइक पर सवार होकर आए उम्मीदवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अपने साथ लाई बाइक या स्कूटी की चाबी, मोबाइल, पर्स व अन्य जरूरी सामान को लेकर वे इधर-उधर घूमते नजर आए। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोई जगह नहीं मिली। इससे उम्मीदवार आहत नजर आए।
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उपायुक्त ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने ग्राम सचिव पद की लिखित परीक्षा को नकल रहित व पारदर्शी कराने के उद्देश्य से रविवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान परीक्षा के सभी मापदंडों का आंकलन करने के साथ कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की पालना भी जांची गई। कुछ परीक्षा केंद्रों पर मास्क नहीं लगाने वाले परीक्षार्थियों को मास्क लगाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल, राजकीय महिला महाविद्यालय समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा को शांतिपूर्ण कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा उड़नदस्तों का गठन भी किया गया था।
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ग्राम सचिव पदों के लिए रविवार को दूसरे दिन भी लिखित परीक्षा हुई। सुबह व शाम के सत्र में दो दिनों में करीब 20 हजार विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था रही। इनमें से करीब दस प्रतिशत उम्मीदवारों के अनुपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। फिलहाल प्रशासन ने सही आंकड़ा दर्शाने में असमर्थता जाहिर की है। प्रात:कालीन सत्र की परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को अल सुबह ठंड में घर से निकलना पड़ा। परीक्षा से एक घंटे पहले केंद्र पहुंचे उम्मीदवारों को सुरक्षा चक्रों से होकर गुजरना पड़ा। चेहरे पर मास्क के बाद मेटल डिटेक्टर से जांच हुई। इसके बाद थर्मल स्कैनिंग व आंखों की पुतलियों की इलेक्ट्रॉनिक जांच की गई। इसके बाद उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया। इस दौरान जांच करने वाले कर्मचारी खुद बगैर मास्क नजर आए। दोनों ही सत्रों में कुछ यही स्थिति बनी रही। कुछ परीक्षा केंद्रों के पास धारा 144 लागू होने के बावजूद फोटोस्टेट की दुकानें खुली रही। दुकानदार सरेआम नियमों का उल्लंघन करते नजर आए। इस ओर पुलिस या प्रशासन किसी का ध्यान नहीं गया।
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नहीं निकली तो यूं छोड़ दी नोजपिन
परीक्षा केंद्रों में किसी तरह का उपकरण या आभूषण ले जाना प्रतिबंधित रहा। इसके चलते केंद्रों के बाहर ही उम्मीदवारों से उनके उपकरण व आभूषण उतरवा दिए गए। इस प्रक्रिया के महिलाओं का परेशानी उठानी पड़ी। अरसे से नाक व कान में पड़ी बालियां उतारने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद भी नाक से नोजपिन नहीं निकली तो उसे यूं ही छोड़ना पड़ा। हालांकि ऐसा कुछ ही केसों में हुआ।
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बाइक की चाबी, मोबाइल रखने के लिए नहीं मिली जगह
परीक्षा केंद्र में किसी तरह का सामान अंदर ले जाना वर्जित रहा। इसके चलते दूर-दराज के इलाके से अपनी स्कूटी या बाइक पर सवार होकर आए उम्मीदवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अपने साथ लाई बाइक या स्कूटी की चाबी, मोबाइल, पर्स व अन्य जरूरी सामान को लेकर वे इधर-उधर घूमते नजर आए। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोई जगह नहीं मिली। इससे उम्मीदवार आहत नजर आए।
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उपायुक्त ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने ग्राम सचिव पद की लिखित परीक्षा को नकल रहित व पारदर्शी कराने के उद्देश्य से रविवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान परीक्षा के सभी मापदंडों का आंकलन करने के साथ कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की पालना भी जांची गई। कुछ परीक्षा केंद्रों पर मास्क नहीं लगाने वाले परीक्षार्थियों को मास्क लगाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल, राजकीय महिला महाविद्यालय समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा को शांतिपूर्ण कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा उड़नदस्तों का गठन भी किया गया था।

रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में ग्राम सचिव की परीक्षा देने के बाद बाहर आते अ?- फोटो : RohtakCity