{"_id":"67eece5600f08a16ed09b03f","slug":"mask-making-workshop-concludes-at-hkv-rohtak-news-c-203-1-sroh1011-116209-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: हकेंवि में मुखौटा निर्माण कार्यशाला का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: हकेंवि में मुखौटा निर्माण कार्यशाला का समापन
Thu, 03 Apr 2025 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:63- हकेवि में मुखौटा निर्माण कार्यशाला के समापन सत्र में विशेषज्ञ के साथ प्रतिभागी
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मुखौटा निर्माण कार्यशाला का समापन वीरवार को हिंदी रंगमंच दिवस पर हुआ। 65 विद्यार्थियों ने मुखौटा निर्माण की तकनीक सीखी।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षु शिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और शिक्षण में कला व रंगमंच के समावेश की बारीकियों से अवगत हुए। कुलपति ने संदेश के माध्यम से कहा कि अवश्य ही इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागी लाभांवित हुए होंगे। शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि कार्यशाला में प्रशिक्षु शिक्षकों को शिक्षण क्षमताओं को विकसित करने और अपने विद्यार्थियों को रंगमंच के माध्यम से शिक्षित करने के नए तरीके सीखने का अवसर मिला। कार्यशाला के समापन पर कार्यशाला समन्वयक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा कि यह कार्यशाला प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए एक अच्छा अनुभव रहा।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षु शिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और शिक्षण में कला व रंगमंच के समावेश की बारीकियों से अवगत हुए। कुलपति ने संदेश के माध्यम से कहा कि अवश्य ही इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागी लाभांवित हुए होंगे। शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि कार्यशाला में प्रशिक्षु शिक्षकों को शिक्षण क्षमताओं को विकसित करने और अपने विद्यार्थियों को रंगमंच के माध्यम से शिक्षित करने के नए तरीके सीखने का अवसर मिला। कार्यशाला के समापन पर कार्यशाला समन्वयक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा कि यह कार्यशाला प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए एक अच्छा अनुभव रहा।
विज्ञापन