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Rohtak News: मत्स्य पालन कर आत्मनिर्भर बनीं खरकड़ा की मनीषा
Sun, 07 Jun 2026 08:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 07 Jun 2026 08:24 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सरकार की तरफ से संचालित स्वरोजगार व कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। खरकड़ा गांव की मनीषा भी इसकी एक उदाहरण हैं। उन्होंने मत्स्य पालन को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया बल्कि महिला उद्यमिता की एक नई मिसाल भी स्थापित की है। इसकी जानकारी उपायुक्त सचिन गुप्ता ने दी है।
उन्होंने बताया कि मनीषा को जलीय कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा एक समाचार पत्र में प्रकाशित लेख से मिली। परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2020 में हिसार स्थित एक्वा कल्चर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एआरटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद खरकड़ा गांव के निकट तीन एकड़ क्षेत्र में मीठे पानी में मत्स्य पालन शुरू किया।
मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के चलते मनीषा ने पहले ही उत्पादन चक्र में लगभग 50 मीट्रिक टन मछली उत्पादन किया। इससे उन्हें पांच लाख रुपये तक की आय हुई।
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सचिन गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार किसानों व ग्रामीण युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी व अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आमजन को इनका लाभ उठाना चाहिए।
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रोहतक। सरकार की तरफ से संचालित स्वरोजगार व कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। खरकड़ा गांव की मनीषा भी इसकी एक उदाहरण हैं। उन्होंने मत्स्य पालन को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया बल्कि महिला उद्यमिता की एक नई मिसाल भी स्थापित की है। इसकी जानकारी उपायुक्त सचिन गुप्ता ने दी है।
उन्होंने बताया कि मनीषा को जलीय कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा एक समाचार पत्र में प्रकाशित लेख से मिली। परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2020 में हिसार स्थित एक्वा कल्चर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एआरटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद खरकड़ा गांव के निकट तीन एकड़ क्षेत्र में मीठे पानी में मत्स्य पालन शुरू किया।
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मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के चलते मनीषा ने पहले ही उत्पादन चक्र में लगभग 50 मीट्रिक टन मछली उत्पादन किया। इससे उन्हें पांच लाख रुपये तक की आय हुई।
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सचिन गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार किसानों व ग्रामीण युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी व अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आमजन को इनका लाभ उठाना चाहिए।