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Rohtak News: मां कुष्मांडा को नारियल चुन्नी भेंट कर मांगी मन्नत
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01सीटीके35....माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर हनुमान मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
रोहतक। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को घरों व मंदिरों मां कुष्मांडा की पूजा-आर्चन की गई। पूजा करने के लिए सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। वहीं, श्रद्धालुओं ने मां कुष्मांडा को नारियल चुन्नी भेंट कर परिवार के लिए मन्नत मांगी।
शहर के दुर्गा भवन व मॉडल टाउन स्थित गुफा वाले मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही पूजा करने के लिए भक्तों आते नजर आए। वही माता के जयकारों से मंदिरों गूंज उठा। इसके बाद शाम को सैकड़ों भक्तों ने मंदिर पहुंचाकर मां की आरती में शामिल हुए।
भक्तों ने मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामना
माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में मंगलवार को चैत्र नवरात्रों के तीसरे दिन मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामना की। इसके बाद शाम को मां दुर्गा स्तुति पाठ, प्रवचन, भजन संध्या और आरती का आयोजन किया गया। साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि कुष्मांडा संस्कृत का शब्द है। इसका अर्थ कुम्हड़ा है। कहा जाता है कि मां कुष्मांडा को कुम्हड़े की बलि बहुत प्रिय है। इसलिए देवी दुर्गा का नाम कुष्मांडा पड़ा। मां कुष्मांडा की पूजा करने से सुख-समृद्धि और उन्नतिदायक का लाभ प्राप्त होता है।
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शहर के दुर्गा भवन व मॉडल टाउन स्थित गुफा वाले मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही पूजा करने के लिए भक्तों आते नजर आए। वही माता के जयकारों से मंदिरों गूंज उठा। इसके बाद शाम को सैकड़ों भक्तों ने मंदिर पहुंचाकर मां की आरती में शामिल हुए।
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भक्तों ने मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामना
माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में मंगलवार को चैत्र नवरात्रों के तीसरे दिन मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामना की। इसके बाद शाम को मां दुर्गा स्तुति पाठ, प्रवचन, भजन संध्या और आरती का आयोजन किया गया। साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि कुष्मांडा संस्कृत का शब्द है। इसका अर्थ कुम्हड़ा है। कहा जाता है कि मां कुष्मांडा को कुम्हड़े की बलि बहुत प्रिय है। इसलिए देवी दुर्गा का नाम कुष्मांडा पड़ा। मां कुष्मांडा की पूजा करने से सुख-समृद्धि और उन्नतिदायक का लाभ प्राप्त होता है।
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