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Rohtak News: ऑनलाइन गेम में हारा सवा लाख तो घर के जेवर बेच दिए

Tue, 12 Nov 2024 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 12 Nov 2024 01:41 AM IST
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Lost 1.25 lakh rupees in online game and sold the jewelery of the house
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। एक 20 वर्षीय पाॅलीटेक्निक छात्र ऑनलाइन जुए में सवा लाख रुपये हार गया। सट्टेबाजों ने जब धमकाया तो छात्र ने अपने घर में चोरी की और जेवर बेचकर 1.25 लाख रुपये चुका दिए। रविवार शाम से छात्र घर से लापता है। उसने घर में छोड़े नोट में ऑनलाइन जुए में रुपये हारने का जिक्र किया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है।



सदर थाना क्षेत्र निवासी भूपेंद्र ने पुलिस को बताया है कि उनका बेटा पॉलीटेक्निक द्वितीय वर्ष का छात्र है। भूपेंद्र का कहना है करीब एक माह पहले बेटा ऑनलाइन जुए में सवा लाख रुपये से अधिक रुपये गंवा बैठा था। उसने बिना किसी को बताए घर के जेवर बेच दिए। जेवर बिकने की जानकारी जब भूपेंद्र व उसकी पत्नी को हुई तो उन्होंने बेटे को समझाते हुए डांटा। भूपेंद्र ने बताया कि रविवार शाम करीब 5 बजे बेटा मां से यह कहकर घर से निकला कि मुझे किसी को एक लाख रुपये देने हैं। बाद में उसके बेड पर कागज का एक नोट मिला। भूपेंद्र ने बताया जब शाम को वे घर पहुंचे तो पत्नी ने सारी बातें बताई। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू की गई।
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दोस्त को भी नहीं मालूम कहां गया छात्र



भूपेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को ढूढ़ने के लिए उसके एक दोस्त को फोन किया। पहले उसने बताया कि वह बाइक से गया है। हालांकि अब उसे भी नहीं पता कि वह कहां है। उसका फोन भी बंद आ रहा है। जब बेटे का कोई सुराग नहीं लगा तो भूपेंद्र ने देर रात सदर थाने में इसकी शिकायत दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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गेमिंग की लत से चिड़चिड़ा हो रहे बच्चे: मनोचिकित्सक



मनोचिकित्सक विवेक सिंह बताते हैं गेमिंग की परेशानी से जूझ रहा बच्चा छोटी से छोटी चीज को लेकर चिड़चिड़ाने लगता है। गुस्सा होने लगता है। अगर कोई भी बच्चा गेमिंग की लत का शिकार हो चुका है तो वह हर काम से पहले गेम को रखेगा। गेमिंग डिसऑर्डर से जूझ रहा बच्चा मोबाइल या गेमिंग स्क्रीन पर ज्यादा वक्त गुजारता है। ऐसे में वह किसी से मिलना भी पसंद नहीं करता है। हर वक्त उसे केवल गेमिंग की तलब होती है। अगर यह सभी लक्षण बच्चों में दिखाई दे रहे हैं तो माता-पिता को तुरंत सतर्क होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ज्यादा से बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और उनकी गतिविधियों पर नजर हमेशा बनाए रखें।




पहले लत लगाते हैं, फिर पैसे वसूलते हैं एप


साइबर थाना प्रभारी आनंद यादव ने बताया कि आजकल बहुत से ऐसे एप आ चुके हैं जो गेम के नाम पर पैसे खर्च करने के लिए कहते हैं। पहले तो जीतने का लालच दिया जाता है, ताकि बच्चा उनके झांसे में आ जाए। जैसे-जैसे समय बीतता है, गेमिंग एप पैसे वसूलने लगते हैं। तब तक बच्चा पूर्ण रूप से गेम की लत में पड़ जाता है और माता-पिता को पता भी नहीं चलता है। माता-पिता से आग्रह है कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। जागरूकता बहुत जरूरी है।
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