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एक वर्षीय एलएलएम कोर्स पर यूजीसी सख्त 

Fri, 08 Apr 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला Updated Fri, 08 Apr 2016 01:03 AM IST
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llm course, one year, ugc strict, rohtak
यूजीसी - फोटो : demo
एलएलएम (मास्टर ऑफ लॉ) का एक वर्षीय कोर्स संचालित कराने वाले शिक्षण संस्थानों के प्रति केंद्रीय अनुदान आयोग (यूजीसी) सख्त हो गया है। यूजीसी ने ऐसे संस्थानों को पत्र भेजकर कोर्स से संबंधित मानकों के संबंध में 16 बिंदुओं पर जवाब मांगा है। यूजीसी को शिकायत मिल रही थी कि एलएलएम का एक वर्षीय कोर्स संचालित करने वाले कई शिक्षण संस्थान मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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साल 2012 के बाद यूजीसी ने एलएलएम कोर्स के संबंध में बड़ा परिवर्तन किया। यूजीसी ने प्रोग्राम तैयार कर शिक्षण संस्थानों को छूट दी कि वह चाहें तो दो साल के एलएलएम कोर्स को एक साल में पूरा करा सकते हैं, लेकिन इसके लिए मानक सामान्य के मुकाबले बेहतर होने चाहिए। मानकों के संबंध में सभी शिक्षण संस्थानों को यूजीसी की ओर से एक गाइड लाइन जारी की गई।
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यूजीसी की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद बहुत से संस्थानों ने एलएलएम कोर्स को एक वर्ष का कर दिया। पिछले कुछ समय से यूजीसी को शिकायतें मिल रही थीं कि एक वर्ष में एलएलएम कोर्स कराने वाले शिक्षण संस्थान मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद यूजीसी ने सख्त कदम उठाया है। यूजीसी ने एलएलएम का कोर्स संचालित करने वाले शिक्षण संस्थानों से मानकों से संबंधित 16 बिंदुओं पर जवाब मांगा है। मसलन, शिक्षण संस्थान में कितनी फैकल्टी रेगुलर और कितनी प्राइवेट है, क्या इंफ्रास्ट्रक्चर है? एक वर्ष का कोर्स कराने के लिए संस्थान के पास क्या खासियत है? जैसे सवालों का जवाब एक वर्षीय एलएलएम कोर्स संचालित करने वाले शिक्षण संस्थानों को देना होगा। 
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एमडीयू में दो वर्षीय कोर्स 
एमडीयू और कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी में एलएलएम कोर्स दो वर्ष का ही संचालित किया जा रहा है, जबकि खानपुर कलां विश्वविद्यालय में एक वर्ष का है। इसके अलावा कई संस्थानों में एक वर्ष तो कई में दो वर्ष का एलएलएम कोर्स संचालित किया जा रहा है। 
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