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Rohtak News: कलानौर का मुक्तिधाम बदलहाल, तीन फीट तक जलभराव
Tue, 11 Nov 2025 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:53 AM IST
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कलानौर के शिवालय मंदिर के पास मुक्तिधाम के पास सड़क पर जमा दूषित पानी। संवाद
- फोटो : samvad
मुक्तिधाम में जलभराव के कारण दो किलोमीटर दूर ले जाते हैं पार्थिव शरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर। शिव मंदिर के पास स्थित मुक्तिधाम में अब ठहरा हुआ पानी लहरें मार रहा है। बारिश के दो महीने बीत चुके हैं लेकिन श्मशान घाट में आज भी 2 से 3 फीट जलभराव है। काई, कीचड़, बदबू और मच्छरों से भरे इस स्थल को देखकर कोई सोच भी नहीं सकता कि यहां किसी की अंतिम यात्रा पूरी हो सकती है।
वार्डवासियों की मजबूरी अब यह है कि वे अपने परिजनों के पार्थिव शरीर को इस मुक्तिधाम से करीब दो किलोमीटर दूर मोखरा रोड स्थित दूसरे श्मशान घाट तक ले जाते हैं।
एक स्थानीय बुजुर्ग का कहना था कि जहां आत्मा की शांति की बात होती है, वहीं आज जलभराव है। लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर भी गहरी नाराजगी जताई है।
वहीं, सोनू गुलाटी, पूर्ण मुल्तानी, नरेश चुघ, जितेंद्र सोनी, अजय बिस्ला का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, पर किसी ने दर्द को महसूस करने की कोशिश नहीं की। न कोई सफाई हुई, न पानी निकासी का इंतज़ाम।
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अब सवाल यह उठता है कि क्या इंसान को अपने अंतिम सफर तक सम्मानपूर्वक पहुंचने का भी अधिकार नहीं बचा। श्मशान घाट में ठहरा यह पानी केवल बारिश का नहीं, यह हमारी व्यवस्था की संवेदनहीनता और समाज की चुप्पी का आइना बन चुका है।
तालाब ओवरफ्लो है। पानी कम होने पर इसकी निकासी हो जाएगी। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज लाइन दुरुस्त की जा रही है। जल्द ही गलियों में जलभराव से निजात मिलेगी।
- विनय कुमार, सचिव, नगर पालिका कलानौर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर। शिव मंदिर के पास स्थित मुक्तिधाम में अब ठहरा हुआ पानी लहरें मार रहा है। बारिश के दो महीने बीत चुके हैं लेकिन श्मशान घाट में आज भी 2 से 3 फीट जलभराव है। काई, कीचड़, बदबू और मच्छरों से भरे इस स्थल को देखकर कोई सोच भी नहीं सकता कि यहां किसी की अंतिम यात्रा पूरी हो सकती है।
वार्डवासियों की मजबूरी अब यह है कि वे अपने परिजनों के पार्थिव शरीर को इस मुक्तिधाम से करीब दो किलोमीटर दूर मोखरा रोड स्थित दूसरे श्मशान घाट तक ले जाते हैं।
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एक स्थानीय बुजुर्ग का कहना था कि जहां आत्मा की शांति की बात होती है, वहीं आज जलभराव है। लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर भी गहरी नाराजगी जताई है।
वहीं, सोनू गुलाटी, पूर्ण मुल्तानी, नरेश चुघ, जितेंद्र सोनी, अजय बिस्ला का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, पर किसी ने दर्द को महसूस करने की कोशिश नहीं की। न कोई सफाई हुई, न पानी निकासी का इंतज़ाम।
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अब सवाल यह उठता है कि क्या इंसान को अपने अंतिम सफर तक सम्मानपूर्वक पहुंचने का भी अधिकार नहीं बचा। श्मशान घाट में ठहरा यह पानी केवल बारिश का नहीं, यह हमारी व्यवस्था की संवेदनहीनता और समाज की चुप्पी का आइना बन चुका है।
तालाब ओवरफ्लो है। पानी कम होने पर इसकी निकासी हो जाएगी। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज लाइन दुरुस्त की जा रही है। जल्द ही गलियों में जलभराव से निजात मिलेगी।
- विनय कुमार, सचिव, नगर पालिका कलानौर