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राेहतक में जसिया चौक से जाट आरक्षण आंदोलन की हुंकार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 06 Jun 2016 02:10 AM IST
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आरक्षण आंदोलन पर सख्ती
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जाटों ने एक बार फिर प्रदेश में आंदोलन की हुंकार भरी है। शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर रोहतक-पानीपत हाइवे स्थित जसिया चौक पर रविवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने में कड़ी सुरक्षा के बीच सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। धरना स्थल पर मायावती के पक्ष में नारेबाजी करके दूसरे दलों को चेताया गया कि आरक्षण को समर्थन दो, नहीं तो बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, प्रदेश सकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरना स्थल के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं किया। वहीं, धरने को शांतिपूर्ण चलाने के लिए 11 सदस्यों की कमेटी गठित की गई।
पूर्व घोषणा के अनुसार, रविवार सुबह आठ बजे धरना स्थल पर हवन के साथ न्याय रैली की शुरूआत हुई, जो बाद में अनिश्चितकालीन धरने में बदल गई। दोपहर तक धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। पूरे दिन धरना स्थल पर लोगों का आना जाना लगा रहा। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के कारण दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ा है। सरकार जाटों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। जाटों को निशाना बनाकर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए और किए जा रहे हैं। जाट किसी का हक नहीं, बल्कि हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। धरने के दौरान प्रदेश के विभिन्न दलों के नेताओं को पत्र भेजे गए।
पत्र में चेताया गया कि नेता जाट आरक्षण को लेकर धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दें, नहीं तो उनका बहिष्कार कर बसपा सुप्रीमो मायावती को समर्थन दिया जाएगा, क्योंकि बसपा सुप्रीमो ने जाट आरक्षण का समर्थन किया है। जाट आरक्षण का समर्थन करने पर मायावती के पक्ष में नारे लगाए गए। उधर, पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हर स्थिति से निपटने को तैयार था। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया, लेकिन धरनास्थल पर किसी से कोई बातचीत नहीं की।
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इन नेताओं को भेजे गए पत्र
अनिश्चितकालीन धरने पर हुए निर्णय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक आनंद दांगी, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, बलराज कुंडू और शकुंतला खटक आदि को पत्र भेजे गए। सांसद दुष्यंत चौटाला समेत अन्य कई नेताओं को पत्र भेजने की तैयारी है। साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती को भी आरक्षण का समर्थन करने के लिए आभार जताया गया और उन्हें धरने पर आने के लिए बुलावा पत्र भेजा गया।
यह है 11 लोगों की कमेटी
अनिश्चितकालीन धरने को शांतिपूर्ण चलाने के लिए 11 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इसमें समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा, उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल, कृष्णलाल हुड्डा, नरेश कुमार, सुमित कुमार, पवन हुड्डा, बलजीत सिंह, सुंदर प्रधान, धर्मवीर हुड्डा, बिजेंद्र खिड़वाली और उम्मेद सरपंच को शामिल किया गया है।
मांग पूरी होने पर ही खत्म करेंगे धरना : जिलाध्यक्ष
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा और उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक चलेगा। उनकी लड़ाई सरकार के साथ है। अब हर रोज धरने पर लोगों की संख्या बढ़ेगी। धरने के दौरान किसी को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जब तक सरकार जाटों की मांग को पूरा नहीं करेगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।
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पूर्व घोषणा के अनुसार, रविवार सुबह आठ बजे धरना स्थल पर हवन के साथ न्याय रैली की शुरूआत हुई, जो बाद में अनिश्चितकालीन धरने में बदल गई। दोपहर तक धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। पूरे दिन धरना स्थल पर लोगों का आना जाना लगा रहा। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के कारण दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ा है। सरकार जाटों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। जाटों को निशाना बनाकर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए और किए जा रहे हैं। जाट किसी का हक नहीं, बल्कि हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। धरने के दौरान प्रदेश के विभिन्न दलों के नेताओं को पत्र भेजे गए।
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पत्र में चेताया गया कि नेता जाट आरक्षण को लेकर धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दें, नहीं तो उनका बहिष्कार कर बसपा सुप्रीमो मायावती को समर्थन दिया जाएगा, क्योंकि बसपा सुप्रीमो ने जाट आरक्षण का समर्थन किया है। जाट आरक्षण का समर्थन करने पर मायावती के पक्ष में नारे लगाए गए। उधर, पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हर स्थिति से निपटने को तैयार था। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया, लेकिन धरनास्थल पर किसी से कोई बातचीत नहीं की।
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इन नेताओं को भेजे गए पत्र
अनिश्चितकालीन धरने पर हुए निर्णय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक आनंद दांगी, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, बलराज कुंडू और शकुंतला खटक आदि को पत्र भेजे गए। सांसद दुष्यंत चौटाला समेत अन्य कई नेताओं को पत्र भेजने की तैयारी है। साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती को भी आरक्षण का समर्थन करने के लिए आभार जताया गया और उन्हें धरने पर आने के लिए बुलावा पत्र भेजा गया।
यह है 11 लोगों की कमेटी
अनिश्चितकालीन धरने को शांतिपूर्ण चलाने के लिए 11 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इसमें समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा, उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल, कृष्णलाल हुड्डा, नरेश कुमार, सुमित कुमार, पवन हुड्डा, बलजीत सिंह, सुंदर प्रधान, धर्मवीर हुड्डा, बिजेंद्र खिड़वाली और उम्मेद सरपंच को शामिल किया गया है।
मांग पूरी होने पर ही खत्म करेंगे धरना : जिलाध्यक्ष
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा और उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक चलेगा। उनकी लड़ाई सरकार के साथ है। अब हर रोज धरने पर लोगों की संख्या बढ़ेगी। धरने के दौरान किसी को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जब तक सरकार जाटों की मांग को पूरा नहीं करेगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।