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Rohtak News: जगदीप ने मेरा घर बर्बाद कर दिया था, जो हश्र हुआ वह उसी लायक था...
Tue, 01 Apr 2025 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:07 AM IST
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रोहतक। जगदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजकरण ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि जगदीप का जो हश्र हुआ वह उसी लायक था। जगदीप ने उसके घर को बर्बाद कर दिया था। अब उसकी एक अन्य रिश्तेदार पर गलत नजर थी। अब वह किसी और घर को बर्बाद नहीं होने देना चाहता था।
उधर, पुलिस हत्यारोपी को रिमांड पर लेकर मृतक के मोबाइल और बाइक को बरामद करेगी। साथ ही हत्यारोपी का मोबाइल और जिस कार से वारदात को अंजाम दिया है, उनकी बरामदगी करेगी। वहीं, आरोपी अमित की गिरफ्तारी के लिए भी अभी तलाश जारी है।
पुलिस को हत्यारोपी ने बताया कि जगदीप लगातार उनके घर में बात करके माहौल को खराब कर रहा था। इससे वह आहत था, चूंकि अकसर उसकी पत्नी दीपा से मोबाइल पर बात करता था। संदेह होने पर मोबाइल की ऑडियो रिकाॅर्डिंग की गई तो उसी के बाद जगदीप की हत्या की साजिश रची थी। ऑडियो में कुछ ऐसी बात थी कि जगदीप एक अन्य रिश्तेदार पर गलत नजर डाल रहा था। उनके घर में विवाद करा ही रहा था अब एक और घर को वह बर्बाद करने की साजिश कर रहा था। यह उसे मंजूर नहीं था और इसलिए जगदीप की जिंदा दफन करने की वारदात को अंजाम दिया था।
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रोहतक से भागने के बाद हरेक गतिविधि पर थी नजर
पुलिस ने जब हरदीप को काबू किया तो वह कार-मोबाइल छोड़कर भाग गया था। इसके बाद दमन दीव गया था। वहां से जब एक समाचार पत्र में 25 साल बाद हत्यारोपी की गिरफ्तारी की खबर पढ़ी तो उसका दिमाग ठंडा हो गया। उसने सोचा कि पुलिस एक न एक दिन ताे गिरफ्तार कर ही लेगी, इससे रिश्तेदार और परिजन को क्यों परेशान किया जाए। इसके बाद वह गांव वापस आया और फिर पुलिस के समक्ष पेश होने की तैयारी कर रहा था। इसकी भनक लगी तो चरखी दादरी के पैंतावास गांव में जाकर उसे काबू कर लिया।
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यह था प्रकरण
24 दिसंबर को जगदीप का अपहरण कर उसे जिंदा जमीन में दबा दिया था और 91 दिन बाद 24 मार्च को ही अपहरण और हत्या का खुलासा सीआईए 1 के एएसआई विनोद दलाल ने की थी। चूंकि उन्हीं को इसकी सूचना मिली थी। इस प्रकरण की जांच सीआईए 1 प्रभारी कुलदीप कादियान कर रहे थे। शव मिलने के बाद से हत्यारोपी राजकरण और उसका साथ फरार हो गए थे। पुलिस को पता चला है कि हरदीप की गिरफ्तारी के बाद दोनों की आपस में बात हुई और फिर एक साथ भाग गए। 30 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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राजकरण समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। भागे हुए हत्यारोपी अमित की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई हुई है और दबिश दे रही है।जल्द ही उसको भी काबू किया जाएगा।
वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी, रोहतक।
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उधर, पुलिस हत्यारोपी को रिमांड पर लेकर मृतक के मोबाइल और बाइक को बरामद करेगी। साथ ही हत्यारोपी का मोबाइल और जिस कार से वारदात को अंजाम दिया है, उनकी बरामदगी करेगी। वहीं, आरोपी अमित की गिरफ्तारी के लिए भी अभी तलाश जारी है।
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पुलिस को हत्यारोपी ने बताया कि जगदीप लगातार उनके घर में बात करके माहौल को खराब कर रहा था। इससे वह आहत था, चूंकि अकसर उसकी पत्नी दीपा से मोबाइल पर बात करता था। संदेह होने पर मोबाइल की ऑडियो रिकाॅर्डिंग की गई तो उसी के बाद जगदीप की हत्या की साजिश रची थी। ऑडियो में कुछ ऐसी बात थी कि जगदीप एक अन्य रिश्तेदार पर गलत नजर डाल रहा था। उनके घर में विवाद करा ही रहा था अब एक और घर को वह बर्बाद करने की साजिश कर रहा था। यह उसे मंजूर नहीं था और इसलिए जगदीप की जिंदा दफन करने की वारदात को अंजाम दिया था।
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रोहतक से भागने के बाद हरेक गतिविधि पर थी नजर
पुलिस ने जब हरदीप को काबू किया तो वह कार-मोबाइल छोड़कर भाग गया था। इसके बाद दमन दीव गया था। वहां से जब एक समाचार पत्र में 25 साल बाद हत्यारोपी की गिरफ्तारी की खबर पढ़ी तो उसका दिमाग ठंडा हो गया। उसने सोचा कि पुलिस एक न एक दिन ताे गिरफ्तार कर ही लेगी, इससे रिश्तेदार और परिजन को क्यों परेशान किया जाए। इसके बाद वह गांव वापस आया और फिर पुलिस के समक्ष पेश होने की तैयारी कर रहा था। इसकी भनक लगी तो चरखी दादरी के पैंतावास गांव में जाकर उसे काबू कर लिया।
यह था प्रकरण
24 दिसंबर को जगदीप का अपहरण कर उसे जिंदा जमीन में दबा दिया था और 91 दिन बाद 24 मार्च को ही अपहरण और हत्या का खुलासा सीआईए 1 के एएसआई विनोद दलाल ने की थी। चूंकि उन्हीं को इसकी सूचना मिली थी। इस प्रकरण की जांच सीआईए 1 प्रभारी कुलदीप कादियान कर रहे थे। शव मिलने के बाद से हत्यारोपी राजकरण और उसका साथ फरार हो गए थे। पुलिस को पता चला है कि हरदीप की गिरफ्तारी के बाद दोनों की आपस में बात हुई और फिर एक साथ भाग गए। 30 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
राजकरण समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। भागे हुए हत्यारोपी अमित की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई हुई है और दबिश दे रही है।जल्द ही उसको भी काबू किया जाएगा।
वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी, रोहतक।