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जल्द सुलझाएं साइबर क्राइम के मामले: आईजी
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रोहतक। रेंज में साइबर अपराध से सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने व साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और दर्ज मामलों की जांच प्रक्रिया को सशक्त करने के लिए विशेष बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राकेश कुमार आर्य ने अपने कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों को साइबर अपराध से संबंधित मामलों की जांच की प्रक्रिया व साइबर अपराध के मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की गई सभी शिकायतों का रजिस्टर इंद्राज किया जाए। सभी थानों के हेल्प डेस्क का हसी डिस्प्ले बोर्ड होना चाहिए। किसी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो। किसी भी साइबर क्राइम थाना, साइबर हेल्प डेस्क या साइबर सेल में आए व्यक्ति की बात सुनकर उस पर तुरंत कार्रवाई कर उसकी संतुष्टि की जाए। सभी साइबर हेल्प डेस्क साइबर क्राइम थाना के संपर्क में रहेंगे। साइबर थाना व साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात सभी अनुसंधानकर्ता साइट्रेन मॉड्यूल पर आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्राप्त शिकायतों में करीब 30 प्रतिशत शिकायतों का तत्परता से निपटारा किया गया। इस वर्ष रेंज में ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में दर्ज 82 मामलों पर तत्परता एवं गहनता से कार्रवाई करते हुए 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त मामलों में हेल्पलाइन नंबर 1930 व पुलिस के आपसी समन्वय से करीब 72 लाख रुपए होल्ड कराए गए। पुलिस ने करीब 5 लाख रुपये बरामद कर पीड़ितों को वापस साइबर अपराधों को लेकर सरकार द्वारा ठोस कदम उठाते हुए साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 व साइबर कम्पलेंट पोर्टल www.cybercrime.gov.in आमजन के लिए लगातार 24 घंटे उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि आनलाइन कम्पलेंट पोर्टल पर साइबर संबंधी शिकायत दर्ज रजिस्टर होते ही कम्पलेंट का अलर्ट सीधा 1930 टीम व पुलिस तक पहुंच जाता है। जिससे साइबर ठगी में गंवाया गया पैसा तुरंत ब्लाक होकर कुछ प्रक्रिया पुरी होने के बाद उसी बैंक खातें में वापिस आ जाता है। साइबर अपराध से जुडे़ मामलों में पुलिस की जांच व तफतीश को मजबूत करने तथा वांछित दोषियों की धरपकड़ करने के संबंध में हिदायत की गई। साइबर अपराधों से बचने के लिए आमजन का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में साइबर फ्रॉड संबंधित आने वाली समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया गया व साइबर अपराध शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करने बारे निर्देश दिए गए। साइबर जागरूकता अभियान चला कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
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इस दौरान एएसपी भिवानी लोगेश कुमार आईपीएस, डीएसपी झज्जर राहुल देव, डीएसपी चरखी दादरी वीरेंद्र सिंह, पीएसआई राजू सिंधु साइबर सेल मॉनिटरिंग प्रभारी रोहतक रेंज, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक रोहतक निरीक्षक कुलदीप सिंह, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक झज्जर निरीक्षक सतीश कुमार, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक भिवानी पीएसआई विकास, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक चरखी दादरी पीएसआई संदीप कुमार, रोहतक रेंज के अंतर्गत सभी जिलों के साइबर सुरक्षा सैल प्रभारी मौजूद रहे।
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आईजी ने कहा कि साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की गई सभी शिकायतों का रजिस्टर इंद्राज किया जाए। सभी थानों के हेल्प डेस्क का हसी डिस्प्ले बोर्ड होना चाहिए। किसी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो। किसी भी साइबर क्राइम थाना, साइबर हेल्प डेस्क या साइबर सेल में आए व्यक्ति की बात सुनकर उस पर तुरंत कार्रवाई कर उसकी संतुष्टि की जाए। सभी साइबर हेल्प डेस्क साइबर क्राइम थाना के संपर्क में रहेंगे। साइबर थाना व साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात सभी अनुसंधानकर्ता साइट्रेन मॉड्यूल पर आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्राप्त शिकायतों में करीब 30 प्रतिशत शिकायतों का तत्परता से निपटारा किया गया। इस वर्ष रेंज में ऑनलाइन धोखाधड़ी के संबंध में दर्ज 82 मामलों पर तत्परता एवं गहनता से कार्रवाई करते हुए 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त मामलों में हेल्पलाइन नंबर 1930 व पुलिस के आपसी समन्वय से करीब 72 लाख रुपए होल्ड कराए गए। पुलिस ने करीब 5 लाख रुपये बरामद कर पीड़ितों को वापस साइबर अपराधों को लेकर सरकार द्वारा ठोस कदम उठाते हुए साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 व साइबर कम्पलेंट पोर्टल www.cybercrime.gov.in आमजन के लिए लगातार 24 घंटे उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि आनलाइन कम्पलेंट पोर्टल पर साइबर संबंधी शिकायत दर्ज रजिस्टर होते ही कम्पलेंट का अलर्ट सीधा 1930 टीम व पुलिस तक पहुंच जाता है। जिससे साइबर ठगी में गंवाया गया पैसा तुरंत ब्लाक होकर कुछ प्रक्रिया पुरी होने के बाद उसी बैंक खातें में वापिस आ जाता है। साइबर अपराध से जुडे़ मामलों में पुलिस की जांच व तफतीश को मजबूत करने तथा वांछित दोषियों की धरपकड़ करने के संबंध में हिदायत की गई। साइबर अपराधों से बचने के लिए आमजन का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
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बैठक में साइबर फ्रॉड संबंधित आने वाली समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया गया व साइबर अपराध शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करने बारे निर्देश दिए गए। साइबर जागरूकता अभियान चला कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
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इस दौरान एएसपी भिवानी लोगेश कुमार आईपीएस, डीएसपी झज्जर राहुल देव, डीएसपी चरखी दादरी वीरेंद्र सिंह, पीएसआई राजू सिंधु साइबर सेल मॉनिटरिंग प्रभारी रोहतक रेंज, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक रोहतक निरीक्षक कुलदीप सिंह, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक झज्जर निरीक्षक सतीश कुमार, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक भिवानी पीएसआई विकास, साइबर क्राइम थाना प्रबंधक चरखी दादरी पीएसआई संदीप कुमार, रोहतक रेंज के अंतर्गत सभी जिलों के साइबर सुरक्षा सैल प्रभारी मौजूद रहे।