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डॉक्टरों की हवाई यात्रा मामले में प्रशासन को विशेष शिकायत का इंतजार

Fri, 02 Aug 2019 02:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2019 02:51 AM IST
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In the air travel case of the doctors waiting for the special complaint to the administration
पीजीआईएमएस के अधिकारियों को अब अपने डॉक्टरों की विदेश यात्रा मामले में विशेष शिकायत मिलने का इंतजार है। जबकि यहां के डॉक्टरों का हवाई यात्रा मामला स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व विभाग के शीष अधिकारियों के संज्ञान में है। इसके बावजूद यह जांच एक बार फिर मजाक बनने जा रही है। कई प्रयासों के बावजूद संस्थान निजी दवा कंपनी के खर्च पर विदेश भ्रमण करने वाले अपने डॉक्टरों से उनका डाटा ही नहीं ले पा रहा है। हैरानी तो इस बात की है कि संस्थान स्वयं डॉक्टरों को विदेश जाने की अनुमति देता है और उसी का डाटा मांग रहा है। जबकि नियमानुसार संस्थान को विदेश यात्रा में किए गए खर्च का विवरण लेना है कि वह किस मद में किया गया है।
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सूत्रों की मानें तो संस्थान अपने डॉक्टरों को हवाई यात्रा मामले में बचाने की तैयारी में है, क्योंकि इस मामले में अधिकांश डॉक्टरों के साथ कई सीनियर डॉक्टरों के पैर उलझ रहे हैं। जांच अधिकारी भी सामूहिक जांच के नाम पर इस मामले से कोई तथ्य नहीं निकाल पा रहे हैं। कुछ डॉक्टरों को शांत करने के लिए यहां तक कहा जा रहा है कि यदि किसी डॉक्टर की विशेष शिकायत हो तो अलग से जांच हो सकती है। क्योंकि सामूहिक जांच में कुछ प्वाइंट रह जाते हैं। वहीं इस मामले में कुछ चयनित डॉक्टरों पर प्रशासन भी निशाना साधने से नहीं चूक रहा है। बताया जा रहा है कि संस्थान में कुछ डॉक्टरों के परिजन विदेशों में रहते हैं और वह हर साल उनसे मिलने जाते हैं। ऐसे में उनके समक्ष सारे सवाल उठाये जा रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व निदेशक डॉ. नित्यानंद महज टिकट बुकिंग मामले में अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। मामला उठने के बाद शुरू हुई जांच अब न तो थम रही है और न ही पूरी हो पा रही है।
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इम्प्लांट मामला भी बना है गले की फांस
पीजीआईएमएस में जब्त इम्प्लांट मामला भी गले की फांस बना हुआ है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इम्प्लांट जब्त करने वाले सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सरोहा को संस्थान ने मंत्रणा के लिए बार-बार बुलाया और जब वह पहुंचे तो संबंधित अधिकारी सीट पर नहीं मिले। पहले भी जब्त इम्प्लांट पर कार्रवाई करने की बजाए अधिकारी इसे छोड़ने की जुगत में रहे हैं। लेकिन मामला हाईप्रोफाइल होने व हाईकोर्ट में विचाराधीन होेने के चलते अधर में लटका है।
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हवाई यात्रा मामले में जांच चल रही है। इसके अलावा इम्प्लांट मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सारा सामान निदेशक कार्यालय के स्ट्रांग रूम में रखा है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
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