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भारतीय लोकतंत्र के संरक्षण और संवर्धन में मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान : उपायुक्त
Tue, 30 May 2023 03:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 30 May 2023 03:19 AM IST
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रोहतक। भारतीय लोकतंत्र के संरक्षण और संवर्धन में पत्रकारिता, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक का महत्वपूर्ण योगदान है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उपायुक्त अजय कुमार ने जिले के मीडिया कर्मियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी एवं भाषायी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारतीय पत्रकारिता स्वतंत्रता आंदोलन की साक्षी रही है।
उपायुक्त ने कहा कि आपातकाल और अघोषित आपातकाल भी भारतीय प्रेस और हिंदी पत्रकारिता ने देखे है। तमाम बाधाओं, प्रतिबंध और प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी भारतीय पत्रकारिता ने अपनी विकास यात्रा तय की है। 30 मई 1826 को कोलकाता से साप्ताहिक हिन्दी पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू हुआ था। हिंदी पत्रकारिता ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वर्तमान में स्वावलंबी भारत, स्वाभिमान भारत और स्वदेश भारत के साथ-साथ स्वभाषा के विकास के लिए प्रयत्नशील भारत का निर्माण भी हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से हो रहा है।
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कुरीतियों को दूर करने में मिली मदद
उपायुक्त ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को भी दूर करने में मदद मिली है। पंडित जुगल किशोर सुकुल ने हिंदी के प्रथम साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया था। उस समय अंग्रेजी, फारसी और बांग्ला भाषा में अनेक पत्र निकलते थे। लेकिन हिंदी में कोई भी समाचार पत्र प्रकाशित नहीं होता था। इसे मद्देनजर रखते हुए हिंदी साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया गया। इस अवधि में कई समाचार पत्रों का प्रकाशन और शुरू हुआ। हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से देशवासियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी एवं भाषायी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारतीय पत्रकारिता स्वतंत्रता आंदोलन की साक्षी रही है।
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उपायुक्त ने कहा कि आपातकाल और अघोषित आपातकाल भी भारतीय प्रेस और हिंदी पत्रकारिता ने देखे है। तमाम बाधाओं, प्रतिबंध और प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी भारतीय पत्रकारिता ने अपनी विकास यात्रा तय की है। 30 मई 1826 को कोलकाता से साप्ताहिक हिन्दी पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू हुआ था। हिंदी पत्रकारिता ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वर्तमान में स्वावलंबी भारत, स्वाभिमान भारत और स्वदेश भारत के साथ-साथ स्वभाषा के विकास के लिए प्रयत्नशील भारत का निर्माण भी हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से हो रहा है।
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कुरीतियों को दूर करने में मिली मदद
उपायुक्त ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को भी दूर करने में मदद मिली है। पंडित जुगल किशोर सुकुल ने हिंदी के प्रथम साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया था। उस समय अंग्रेजी, फारसी और बांग्ला भाषा में अनेक पत्र निकलते थे। लेकिन हिंदी में कोई भी समाचार पत्र प्रकाशित नहीं होता था। इसे मद्देनजर रखते हुए हिंदी साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया गया। इस अवधि में कई समाचार पत्रों का प्रकाशन और शुरू हुआ। हिन्दी पत्रकारिता के माध्यम से देशवासियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।