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Rohtak News: चैलेंज के रूप में लिया कमेंट, 49 की उम्र में बुलेट सीख नाप डाली 4100 किमी की दूरी
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बुलेट पर सवार रोहतक की सुनीता हुड्डा। संवाद
रोहतक। 49 की उम्र का वह दौर है जिसमें अक्सर लोगों के हाथ-पैर कांपने लगते हैं, लेकिन सेक्टर-1 की सुनीता हुड्डा ने सोशल मीडिया पर मिले एक कमेंट को न केवल चैलेंज के रूप में लिया बल्कि बुलेट चलाना सीखा। फिर कश्मीर से कन्याकुमारी तक करीब 4100 किलोमीटर की दूरी बुलेट पर ही नाप डाली। मूल रूप से खिड़वाली गांव की 59 वर्षीय बेटी सुनीता को आसपास के लोग अब बुलेट वाली लेडी कहकर पुकारते हैं। बुलेट को अक्सर पुरुषों की सवारी माना जाता है लेकिन सुनीता ने इस मिथक को तोड़कर यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं। अब वह हर उस महिला के लिए नजीर बनी हुई हैं जो ये मानती हैं कि वे ड्राइविंग नहीं कर पाएंगी।
सुनीता का गुरुग्राम में भी मकान है। सुनीता के मुताबिक, साइकिल चलाना बचपन में सीख लिया था और वह स्कूटी भी चलाती रही हैं लेकिन बुलेट उन्होंने 49 की उम्र में सीखी।
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अभी बुलेट स्टैंड पर है, जब चलाएंगी तो हंसी गायब हो जाएगी...
बुलेट की आवाज उनको बचपन से भाती है। उस समय घर में भाई के पास भी बुलेट थी। वर्ष 2014 में वह गुरुग्राम के बाइकर्स ग्रुप के साथ हिमाचल के स्पीति में घूमने गईं। तब उन्हें बुलेट चलानी नहीं आती थी और वह उनके पीछे बैठकर गई थीं। उन्होंने एक दिन बुलेट पर बैठकर मुस्कुराते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डाली तो एक युवक ने कमेंट करते हुए कहा कि अभी बुलेट स्टैंड पर है, जब चलाएंगी तो हंसी गायब हो जाएगी। इसी कमेंट को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और बुलेट सीखी। ज्यादातर जगह वह बुलेट पर जाना ही पसंद करती हैं।
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सुनीता का गुरुग्राम में भी मकान है। सुनीता के मुताबिक, साइकिल चलाना बचपन में सीख लिया था और वह स्कूटी भी चलाती रही हैं लेकिन बुलेट उन्होंने 49 की उम्र में सीखी।
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अभी बुलेट स्टैंड पर है, जब चलाएंगी तो हंसी गायब हो जाएगी...
बुलेट की आवाज उनको बचपन से भाती है। उस समय घर में भाई के पास भी बुलेट थी। वर्ष 2014 में वह गुरुग्राम के बाइकर्स ग्रुप के साथ हिमाचल के स्पीति में घूमने गईं। तब उन्हें बुलेट चलानी नहीं आती थी और वह उनके पीछे बैठकर गई थीं। उन्होंने एक दिन बुलेट पर बैठकर मुस्कुराते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डाली तो एक युवक ने कमेंट करते हुए कहा कि अभी बुलेट स्टैंड पर है, जब चलाएंगी तो हंसी गायब हो जाएगी। इसी कमेंट को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और बुलेट सीखी। ज्यादातर जगह वह बुलेट पर जाना ही पसंद करती हैं।
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