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Haryana Politics: 39 साल बाद हाथ लगी थी रोहतक को चौधर; 19 साल 8 दिन में चली गई, भूपेंद्र हुड्डा का रिकॉर्ड बचा
Wed, 13 Mar 2024 08:52 AM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 13 Mar 2024 08:52 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव के नजदीक हरियाणा में सियासी हलचलें जारी हैं। मंगलवार को प्रदेश में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद राजनीति के समीरकरणों में बदलाव आया है। इस कारण प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन तक लगातार मुख्यमंत्री रहने का रिकाॅर्ड भी हुड्डा के नाम ही है।
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सांकेतिक
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक को 39 साल बाद चौधर मिली थी, लेकिन 19 साल 8 दिन में चली गई। 2005 के बाद अब 2024 में प्रदेश के नए मुख्यमंत्री नायब सैनी बने हैं, जो रोहतक जिले से बाहर अंबाला के नारायणगढ़ हलके के रहने वाले हैं और कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। इतना ही नहीं, रोहतक में भाजपा का पहले से ही एक भी विधायक नहीं है। केवल लोकसभा सांसद अरविंद शर्मा व राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा हैं।
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प्रदेश के अंदर राजनीति को क्षेत्र के हिसाब से चार भागों में बांटा जाता है। एक तरफ पंचकूला से लेकर पानीपत तक जीटी रोड बेल्ट है। इससे आगे देशवाली बेल्ट है, जिसमें रोहतक, झज्जर व सोनीपत जिला आता है। फरीदाबाद से लेकर नारनौल तक यादव बाहुल्य दक्षिण हरियाणा है। भिवानी, हिसार व सिरसा बांगड़ी बेल्ट में आते हैं, जबकि जींद, कैथल व फतेहाबाद का इलाका बांगर बेल्ट कहलाता है।
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सबसे पहले 1966 में पंडित भगवत दयाल शर्मा प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने, जो पुराने रोहतक के बेरी कस्बे से थे। वह मात्र 143 दिन ही सीएम की कुर्सी पर रह सके। उसके बाद 1967 से लेकर 2005 तक रोहतक के हाथ चौधर नहीं लगी। लंबे समय तक तीन लाल का दबदबा रहा। भिवानी से बंसीलाल, सिरसा से देवीलाल व उनके बेटे ओमप्रकाश चौटाला व हिसार के आदमपुर से भजनलाल 39 साल तक मुख्यमंत्री रहे। हालांकि बीच में बनारसी दास गुप्ता, राव बीरेंद्र सिंह व हुकम सिंह भी मुख्यमंत्री बने, लेकिन कार्यकाल लंबा नहीं रहा।
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भजनलाल की जगह जब हुड्डा बन गए मुख्यमंत्री
मार्च 2005 में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा, लेकिन भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहे। सियासी हलकों में कहा जाता था कि राजनीति में भजनलाल को पीएचडी हासिल है, लेकिन हुड्डा के आगे उनकी नहीं चली। प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन तक लगातार मुख्यमंत्री रहने का रिकाॅर्ड भी हुड्डा के नाम है। वह 9 साल 235 दिन मुख्यमंत्री रहे, जबकि मनोहर लाल 9 साल 138 दिन मुख्यमंत्री रहे हैं। उनका कार्यकाल हुड्डा से 97 दिन कम है। हुड्डा का जहां रोहतक के गांव सांघी, जबकि मनोहर लाल का जन्म निंदाना में हुआ था। चाहे मनोहर लाल करनाल से विधायक रहे, लेकिन उनका बचपन रोहतक के बनियानी गांव में बीता था।
मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री बनकर चौंकाया था
2014 में भाजपा ने पार्टी नेता रामबिलास शर्मा के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और बहुमत हासिल किया, जबकि मनोहर लाल ने करनाल से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने। भाजपा ने मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बनाया। इतना ही नहीं, 2019 में मनोहर लाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा, लेकिन जजपा से गठबंधन कर सरकार बनानी पड़ी। 2019 से 12 मार्च 2024 तक मुख्यमंत्री रहे।