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गुरु पूर्णिमा 20 जुलाई 5:59 से शुरू, स्नान का विशेष महत्व

Sat, 20 Jul 2024 03:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sat, 20 Jul 2024 03:21 AM IST
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Guru Purnima starts from 5:59 pm on 20th July, special importance of bathing
रोहतक। गुरु पूर्णिमा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 21 जुलाई को मनाई जाएगी। पं. सुनील शास्त्री सामड़ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का महत्व गुरु और शिष्य के बीच पवित्र संबंध का प्रतीक माना जाता है। हर दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके ज्ञान व मार्गदर्शन के लिए उनका सम्मान करते हैं।
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महर्षि वेद व्यास ने ही पहली बार मानव जाति को चारों वेदों का ज्ञान दिया था। इसलिए उन्हें प्रथम गुरु की उपाधि दी जाती है। पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की भी पूजा का विशेष महत्व होता है।
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गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व
गुरु पूर्णिमा के दिन लोग गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ-साथ कुछ उपाय करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन आध्यात्मिक गुरुओं के साथ-साथ अकादमिक गुरुओं का भी सम्मान किया जाता है।
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नदियों में स्नान नहीं कर सकते तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाएं
पं. सुनील शास्त्री ने बताया कि इस दिन शिष्य अपने गुरु की विशेष पूजा करते हैं। शिष्य अपने गुरु को तिलक लगाकर, माला पहनाकर व दक्षिणा देकर अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साथ ही इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। जो लोग पवित्र नदियों में स्नान करने नहीं जा सकते वे नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान करते समय पावन नदियों को ध्यान करना चाहिए। स्नान के के बाद घर के मंदिर में दीपक प्रज्ज्वलित करें।


पशु पक्षियों की भोजन कराने से होती है अक्षय पुण्य की प्राप्ति
गुरु पूर्णिमा के दिन दान पुण्य का विशेष महत्व होता है। भोजन वस्त्र और धन का दान करने से विशेष लाभ होता है। साथ ही पशु पक्षियों की भोजन कराने से भी अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। सनातन धर्म में सर्व प्रथम गुरु माता-पिता को माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा का वास्वतिक अर्थ
गुरु पूर्णिमा भगवान शिव का स्थापित ऐसा ज्ञान पर्व है, जिसमें व्यास परंपरा की पवित्रता है। यह ज्ञान की आराधना का पर्व है।


शुभ मुहूर्त
-पूर्णिमा प्रारंभ 20 जुलाई 5:59 से शुरू
-21 जुलाई शाम 3:46 पर समापन
-पूजा करने के लिए पूरा दिन शुभ
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