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बेकरी संचालक 50 प्रतिशत कम सेल दिखा कर रहा था जीएसटी की चोरी
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रोहतक। दिल्ली रोड स्थित एक बेकरी संचालक की फर्म पर सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मार साढ़े 7 लाख रुपये के टैक्स की चोरी पकड़ने का दावा किया है। विभाग की ओर से फर्म संचालक को टैक्स की राशि के अलावा ब्याज व जुर्माना जोड़कर साढ़े नौ लाख रुपये जमा कराने का नोटिस दिया है। इसमें से संचालक ने दो लाख रुपये जमा करवा दिए हैं।
सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों के मुताबिक टीम को सूचना मिली थी कि बेकरी फर्म की ओर से टैक्स चोरी किया जा रहा है। टीम ने करीब डेढ़ महीने तक बेकरी पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को टीम ने फर्म संचालक के घर, गोदाम व शोरूम पर छापामारी की। इस दौरान पता चला कि बेकरी फर्म का जुलाई 2017 में रजिस्ट्रेशन कं पोजिट कैटेगिरी में कराया गया था। वहीं फर्म का टर्न ओवर फरवरी महीने से इस कैटेगरी से बाहर था। संचालक की ओर से 50 प्रतिशत कम सेल दिखाई जा रही थी। जिस पर अब तक का टैक्स सात लाख रुपये बनता है। टीम ने उस पर ब्याज व जुर्माना जोड़कर संचालक को साढ़े नौ लाख रुपये का नोटिस दिया था।
ऐसे हो रही थी टैक्स चोरी
संचालक की ओर से फर्म का रजिस्ट्रेशन कंपोजिट श्रेणी में कराया गया था, जिसमें एक करोड़ से कम टर्न ओवर होने पर टैक्स एक प्रतिशत लिया जाता है। 1 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर होने पर अलग-अलग सामान पर 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है।
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इनकम टैक्स बचाने के लिए दिखाई जाती है कम सेल
जीएसटी अधिकारी का कहना है कि जिन फर्मों की ओर सेल कम दिखाई जाती है उसके पीछे मकसद टैक्स से बचना होता है। कारोबारी कम सेल दिखा कर कम जीएसटी देना चाहते हैं। कारोबाजी जैसे ही जीएसटी देंगे उसी हिसाब से उनको आयकर का ब्योरा देना पड़ता है। उससे बचने की फिराक में सेंट्रल जीएसटी की चोरी करते हैं।
यह है कंपोजिट कैटेगिरी
अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रल जीएसटी की श्रेणी में ऐसी फर्म आती है, जिनका साल भर का कारोबार एक करोड़ से कम होता है। इस श्रेणी में रजिस्ट्रेशन लेने वाले को उत्पाद पर एक प्रतिशत का सेंट्रल जीएसटी टैक्स जमा करना होता है। जबकि एक करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों को 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी टैक्स अलग-अलग उत्पादों पर अलग-अलग देना पड़ता है।
चाट कारोबारी पर 20 लाख रुपये का लग चुका है जुर्माना
सेेंट्रल जीएसटी की ओर से छह अक्तूबर को दिल्ली रोड पर एक चाट भंडार पर छापेमारी की थी। विभाग की ओर से 20 लाख रुपये भरने का नोटिस जारी किया गया था।
शहर की रजिस्टर्ड 35 से अधिक फर्म 50 प्रतिशत कम दिखा रहीं सेल
जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि शहर की 35 ऐसी दुकान व संस्थान हैं। जिनकी ओर से सेल 50 प्रतिशत कम दिखाई जा रही है। विभाग ने इन फार्मों की छानबीन पूरी कर ली है। विभाग कभी भी इन फर्मों पर छापेमारी कर सकता है। संचालक खुद आकर विभाग में अपना टैक्स जमा कर देते हैं तो उनको ब्याज व जुर्माने से निजात मिल जाएगी।
बेकरी संचालक की ओर से सेल दिखाने में चोरी की गई है। छानबीन के बाद साढ़े नौ लाख रुपये जमा कराने के लिए नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही संचालक की ओर से 2 लाख रुपया जमा कराया गया है।
- विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी रोहतक।
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सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों के मुताबिक टीम को सूचना मिली थी कि बेकरी फर्म की ओर से टैक्स चोरी किया जा रहा है। टीम ने करीब डेढ़ महीने तक बेकरी पर नजर बनाए रखी। मंगलवार को टीम ने फर्म संचालक के घर, गोदाम व शोरूम पर छापामारी की। इस दौरान पता चला कि बेकरी फर्म का जुलाई 2017 में रजिस्ट्रेशन कं पोजिट कैटेगिरी में कराया गया था। वहीं फर्म का टर्न ओवर फरवरी महीने से इस कैटेगरी से बाहर था। संचालक की ओर से 50 प्रतिशत कम सेल दिखाई जा रही थी। जिस पर अब तक का टैक्स सात लाख रुपये बनता है। टीम ने उस पर ब्याज व जुर्माना जोड़कर संचालक को साढ़े नौ लाख रुपये का नोटिस दिया था।
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ऐसे हो रही थी टैक्स चोरी
संचालक की ओर से फर्म का रजिस्ट्रेशन कंपोजिट श्रेणी में कराया गया था, जिसमें एक करोड़ से कम टर्न ओवर होने पर टैक्स एक प्रतिशत लिया जाता है। 1 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर होने पर अलग-अलग सामान पर 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है।
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इनकम टैक्स बचाने के लिए दिखाई जाती है कम सेल
जीएसटी अधिकारी का कहना है कि जिन फर्मों की ओर सेल कम दिखाई जाती है उसके पीछे मकसद टैक्स से बचना होता है। कारोबारी कम सेल दिखा कर कम जीएसटी देना चाहते हैं। कारोबाजी जैसे ही जीएसटी देंगे उसी हिसाब से उनको आयकर का ब्योरा देना पड़ता है। उससे बचने की फिराक में सेंट्रल जीएसटी की चोरी करते हैं।
यह है कंपोजिट कैटेगिरी
अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रल जीएसटी की श्रेणी में ऐसी फर्म आती है, जिनका साल भर का कारोबार एक करोड़ से कम होता है। इस श्रेणी में रजिस्ट्रेशन लेने वाले को उत्पाद पर एक प्रतिशत का सेंट्रल जीएसटी टैक्स जमा करना होता है। जबकि एक करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों को 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी टैक्स अलग-अलग उत्पादों पर अलग-अलग देना पड़ता है।
चाट कारोबारी पर 20 लाख रुपये का लग चुका है जुर्माना
सेेंट्रल जीएसटी की ओर से छह अक्तूबर को दिल्ली रोड पर एक चाट भंडार पर छापेमारी की थी। विभाग की ओर से 20 लाख रुपये भरने का नोटिस जारी किया गया था।
शहर की रजिस्टर्ड 35 से अधिक फर्म 50 प्रतिशत कम दिखा रहीं सेल
जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि शहर की 35 ऐसी दुकान व संस्थान हैं। जिनकी ओर से सेल 50 प्रतिशत कम दिखाई जा रही है। विभाग ने इन फार्मों की छानबीन पूरी कर ली है। विभाग कभी भी इन फर्मों पर छापेमारी कर सकता है। संचालक खुद आकर विभाग में अपना टैक्स जमा कर देते हैं तो उनको ब्याज व जुर्माने से निजात मिल जाएगी।
बेकरी संचालक की ओर से सेल दिखाने में चोरी की गई है। छानबीन के बाद साढ़े नौ लाख रुपये जमा कराने के लिए नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही संचालक की ओर से 2 लाख रुपया जमा कराया गया है।
- विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी रोहतक।