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हरा राशन कार्ड धारक अगर पात्र, तो मिलेगा राशन, बनेगा कोविड-19 कार्ड
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रोहतक। शासन व प्रशासन की तरफ से उन परिवारों को भी राशन पहुंचाया जाएगा, जो हरा कार्ड धारक होने के कारण अब तक लॉकडाउन के बीच सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। इन पात्र परिवारों को जल्द कोविड-19 कार्ड बनेगा। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग बूथ वाइज पात्र परिवारों को चिह्ति करेगा। इस आशय का शुक्रवार शाम को जिला मुख्यालय पर पत्र भेजा गया। पत्र के बाद डीसी आरएस वर्मा ने मेयर व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी परिवार को राशन की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। सरकार डिपो के माध्यम से जहां गुलाबी, पीला व खाकी राशन कार्ड धारकों को मासिक राशन के अलावा 5 किलो प्रति व्यक्ति अतिरिक्त गेहूं उपलब्ध करवा रही है। जबकि बिना कार्ड धारकों व जरूरतमंद लोगों की सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से राशन व पका भोजन देकर मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 42 हजार हरे राशन कार्ड धारक हैं। उनमें से काफी संख्या में लोग ऐसे भी हैं, जिनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। उनको राशन की जरूरत है, लेकिन हरा राशन कार्ड होने के कारण वे न तो असंगठित क्षेत्र के श्रीमिकों की सहायता राशि वाली योजना में पात्र बन सके और न ही डिपो से राशन मिल सका। ऐसे में इन पात्र लोगों के कोविड-19 के नाम से राशन कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। जिला उपायुक्त ने डीएफएससी को हिदायत दी है कि बूथ वाइज ऐसे पात्र लोगों को चिह्नित करें। ताकि उनको सरकारी नियमों के तहत राशन मिल सके।
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मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी परिवार को राशन की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। सरकार डिपो के माध्यम से जहां गुलाबी, पीला व खाकी राशन कार्ड धारकों को मासिक राशन के अलावा 5 किलो प्रति व्यक्ति अतिरिक्त गेहूं उपलब्ध करवा रही है। जबकि बिना कार्ड धारकों व जरूरतमंद लोगों की सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से राशन व पका भोजन देकर मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 42 हजार हरे राशन कार्ड धारक हैं। उनमें से काफी संख्या में लोग ऐसे भी हैं, जिनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। उनको राशन की जरूरत है, लेकिन हरा राशन कार्ड होने के कारण वे न तो असंगठित क्षेत्र के श्रीमिकों की सहायता राशि वाली योजना में पात्र बन सके और न ही डिपो से राशन मिल सका। ऐसे में इन पात्र लोगों के कोविड-19 के नाम से राशन कार्ड बनाने का निर्णय लिया है। जिला उपायुक्त ने डीएफएससी को हिदायत दी है कि बूथ वाइज ऐसे पात्र लोगों को चिह्नित करें। ताकि उनको सरकारी नियमों के तहत राशन मिल सके।
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