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1900 उपभोक्ताओं ने छोड़ी गैस सब्सिडी, अब आपकी बारी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 15 Jul 2015 01:57 AM IST
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जरूरतमंदों के लिए घरेलू गैस पर सब्सिडी छोड़ने के लिए जिले के उपभोक्ता खुलकर दरियादिली नहीं दिखा रहे हैं।
मोदी सरकार की चार माह की पहल के बाद भी अभी तक जिले में सब्सिडी छोड़ने वाले कुल करीब 1900 उपभोक्ता ही सामने आए हैं।
बता दें कि जिले में करीब 2 लाख 18 हजार घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार ने बताया कि हम सब्सिडी छोड़ने के लिए लागातार जागरूक कर रहे हैं। ताकि यह पैसा उन माताओं के हित में लगाया जा सके जो आज भी चूल्हे के धुएं में खाना बना रही हैं।
किस एजेंसी से कितने लोगों ने छोड़ी सब्सिडी
- आईओसी के अधिकारी अधिकारी मनतेष मीड़ा ने बताया कि इंडेन गैस एजेंसी के जिले भर में एक लाख दस हजार उपभोक्ता हैं। लेकिन अभी तक केवल 650 लोगों ने ही सब्सिडी छोड़ी है।
- बीपीसीएल के अधिकारी ने बताया कि भारत गैस एजेंसी के जिले भर में 59 हजार उपभोक्ता हैं। अभी तक करीब 600 लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है।
- एचपीसीएल के अधिकारी जसविंदर सैनी ने बताया कि एचपी गैस एजेंसी के 49000 हजार उपभोक्ता हैं और केवल 658 लोगों ने ही सब्सिडी छोड़ी है।
सिलेंडर का वजन
घरेलू सिलेंडर का वजन 14.2 किग्रा. और कामर्शियल सिलेंडर का वजन 19 किग्रा. होता है। हालांकि कामर्शियल पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।
कैसे तय होता है रेट
अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में हर जिले में सिलेंडर के दाम अलग-अलग हो सकते हैं। क्योंकि यह दूरी, टोल टैक्स और खर्चे पर निर्भर करता है। हालांकि कीमत में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है।
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वीआईपी का नहीं मिल रहा सहयोग
अधिकारी बताते हैं कि सब्सिडी छोड़ने के लिए जिले के वीआईपी का सहयोग नहीं मिल रहा है। अगर वीआईपी सहयोग दें तो सब्सिडी छोड़ने की मुहिम में और तेजी लाई जा सकती है। ये वीआईपी दूसरों के लिए रोल मॉडल बनकर उभर सकते हैं।
आपसे कितना होगा लाभ
एक आदमी को एक साल में 12 घरेलू गैस सिलेंडर मिलते हैं। एक सिलेंडर पर सरकार की ओर से आपको करीब 200 रुपये सब्सिडी दी जाती है। जैसे कि एक सिलेंडर आपके घर पर 624 रुपये में पहुंचता है। इसमें से 200 रुपये बतौर सब्सिडी वापस आपके बैंक खाते में आ जाते हैं। ऐसे में आप सब्सिडी छोड़कर गरीबों की मदद कर सकते हैं। जानकारों की मानें तो पूरे देश में सब्सिडी छोड़ने वालों से लगभग 468 करोड़ रुपये बचने का अनुमान है।
कैसे छोड़ सकते हैं सब्सिडी
‘गिव इट अप’ मुहिम में आप सहयोग देने के लिए आप एलपीजी सब्सिडी डॉट इन पर लॉग इन करके उसमें दिए हुए नियमों को फॉलो कर सब्सिडी छोड़ सकते हैं।
आपने छोड़ी सब्सिडी तो हम बताएंगे जनता को
यदि आपने सब्सिडी छोड़ी हो तो हमें प्रूफ के साथ बताएं। हम आपकी फोटो प्रकाशित करेंगे और आपको बनाएंगे रोल मॉडल। सब्सिडी छोड़ने के प्रूफ के साथ हमें 9991133441 पर आपका फोटो व्हाट्स एप करें।
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मोदी सरकार की चार माह की पहल के बाद भी अभी तक जिले में सब्सिडी छोड़ने वाले कुल करीब 1900 उपभोक्ता ही सामने आए हैं।
बता दें कि जिले में करीब 2 लाख 18 हजार घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार ने बताया कि हम सब्सिडी छोड़ने के लिए लागातार जागरूक कर रहे हैं। ताकि यह पैसा उन माताओं के हित में लगाया जा सके जो आज भी चूल्हे के धुएं में खाना बना रही हैं।
किस एजेंसी से कितने लोगों ने छोड़ी सब्सिडी
- आईओसी के अधिकारी अधिकारी मनतेष मीड़ा ने बताया कि इंडेन गैस एजेंसी के जिले भर में एक लाख दस हजार उपभोक्ता हैं। लेकिन अभी तक केवल 650 लोगों ने ही सब्सिडी छोड़ी है।
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- बीपीसीएल के अधिकारी ने बताया कि भारत गैस एजेंसी के जिले भर में 59 हजार उपभोक्ता हैं। अभी तक करीब 600 लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है।
- एचपीसीएल के अधिकारी जसविंदर सैनी ने बताया कि एचपी गैस एजेंसी के 49000 हजार उपभोक्ता हैं और केवल 658 लोगों ने ही सब्सिडी छोड़ी है।
सिलेंडर का वजन
घरेलू सिलेंडर का वजन 14.2 किग्रा. और कामर्शियल सिलेंडर का वजन 19 किग्रा. होता है। हालांकि कामर्शियल पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।
कैसे तय होता है रेट
अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में हर जिले में सिलेंडर के दाम अलग-अलग हो सकते हैं। क्योंकि यह दूरी, टोल टैक्स और खर्चे पर निर्भर करता है। हालांकि कीमत में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है।
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वीआईपी का नहीं मिल रहा सहयोग
अधिकारी बताते हैं कि सब्सिडी छोड़ने के लिए जिले के वीआईपी का सहयोग नहीं मिल रहा है। अगर वीआईपी सहयोग दें तो सब्सिडी छोड़ने की मुहिम में और तेजी लाई जा सकती है। ये वीआईपी दूसरों के लिए रोल मॉडल बनकर उभर सकते हैं।
आपसे कितना होगा लाभ
एक आदमी को एक साल में 12 घरेलू गैस सिलेंडर मिलते हैं। एक सिलेंडर पर सरकार की ओर से आपको करीब 200 रुपये सब्सिडी दी जाती है। जैसे कि एक सिलेंडर आपके घर पर 624 रुपये में पहुंचता है। इसमें से 200 रुपये बतौर सब्सिडी वापस आपके बैंक खाते में आ जाते हैं। ऐसे में आप सब्सिडी छोड़कर गरीबों की मदद कर सकते हैं। जानकारों की मानें तो पूरे देश में सब्सिडी छोड़ने वालों से लगभग 468 करोड़ रुपये बचने का अनुमान है।
कैसे छोड़ सकते हैं सब्सिडी
‘गिव इट अप’ मुहिम में आप सहयोग देने के लिए आप एलपीजी सब्सिडी डॉट इन पर लॉग इन करके उसमें दिए हुए नियमों को फॉलो कर सब्सिडी छोड़ सकते हैं।
आपने छोड़ी सब्सिडी तो हम बताएंगे जनता को
यदि आपने सब्सिडी छोड़ी हो तो हमें प्रूफ के साथ बताएं। हम आपकी फोटो प्रकाशित करेंगे और आपको बनाएंगे रोल मॉडल। सब्सिडी छोड़ने के प्रूफ के साथ हमें 9991133441 पर आपका फोटो व्हाट्स एप करें।