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Rohtak News: आज से फौजदारी कोर्ट की भी छुट्टियां, 30 तक केवल आपात केसों की होगी सुनवाई
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रोहतक। जिला अदालत में दीवानी केसों के साथ-साथ अब 30 जून तक फौजदारी केसों की भी सुनवाई नहीं होगी। अब केवल आपातकालीन केसों की सुनवाई होगी। इसके लिए एएसजे राजकुमार यादव, सीजेएम दीप्ति व जेएमआई आशीष आर्य की अदालत खुली रहेगी।
बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने बताया कि हर साल जून माह में अदालतों की गर्मियों की छुट्टियां होती हैं। इसमें दीवानी अदालतों की एक माह तो फौजदारी कोर्ट का 15 दिन का अवकाश होता है। एक जून से 30 जून तक दीवानी कोर्ट की पहले से छुट्टी हैं। जबकि फौजदारी कोर्ट की 16 से छुट्टियां शुरू होंगी। आरोपियों की पेशी से लेकर जमानत के मामलों सहित दूसरे आपात केसों की सुनवाई के लिए तीन कोर्ट खुली रहेंगी।
भ्रष्टाचार के केस में डीवीआर पर फैसला टला
उधर, नगर निगम के 10 लाख के भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को एएसजे महेश कुमार की अदालत में फैसला नहीं हो सका। उसे अगली सुनवाई तक टाल दिया गया। बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने अर्जी दाखिल की थी कि विजिलेंस ने 31 मई को निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा, नक्शा नवीस त्रिलोकचंद शर्मा व सहयोगी योगेश को 10 लाख रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद हैं। उनको नक्शा नवीस के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर चाहिए, जो विजिलेंस ने कब्जे में ले रखी है। दोनों पक्षों में बहस के बाद शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन फैसला टल गया।
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बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने बताया कि हर साल जून माह में अदालतों की गर्मियों की छुट्टियां होती हैं। इसमें दीवानी अदालतों की एक माह तो फौजदारी कोर्ट का 15 दिन का अवकाश होता है। एक जून से 30 जून तक दीवानी कोर्ट की पहले से छुट्टी हैं। जबकि फौजदारी कोर्ट की 16 से छुट्टियां शुरू होंगी। आरोपियों की पेशी से लेकर जमानत के मामलों सहित दूसरे आपात केसों की सुनवाई के लिए तीन कोर्ट खुली रहेंगी।
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भ्रष्टाचार के केस में डीवीआर पर फैसला टला
उधर, नगर निगम के 10 लाख के भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को एएसजे महेश कुमार की अदालत में फैसला नहीं हो सका। उसे अगली सुनवाई तक टाल दिया गया। बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने अर्जी दाखिल की थी कि विजिलेंस ने 31 मई को निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा, नक्शा नवीस त्रिलोकचंद शर्मा व सहयोगी योगेश को 10 लाख रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद हैं। उनको नक्शा नवीस के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर चाहिए, जो विजिलेंस ने कब्जे में ले रखी है। दोनों पक्षों में बहस के बाद शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन फैसला टल गया।
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