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फर्जी आंसर की के बहाने लाखों की ठगी का खेल
forgery pretend
Updated Sun, 13 Dec 2015 02:10 AM IST
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एसएससी आंसर की लीक मामले में एसएससी आयोग ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
आयोग की ओर से पुलिस को भेजी रिपोर्ट में आंसर की को पुराने पेपर की बताई गई है।
वहीं पुलिस का कहना है कि पकड़े गए तीनों आरोपी फर्जी आंसर की के बहाने अभ्यर्थियों से लाखों रुपये हड़पने की योजना बना रहे थे।
हालांकि महम नाके से पकड़ा गया तीसरा आरोपी बिजेंद्र उर्फ मास्टर ने पहले ही कह दिया था कि आंसर की 2013 के पेपर की है।
वहीं मामले में मुख्य आरोपी आसन गांव का छोटा अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
जांच अधिकारी राजेश जांगड़ा ने बताया कि आयोग को करीब पांच दिन पहले आरोपियों से बरामद आंसर की मिलान के लिए भेजी गई थी।
एक दिन पहले ही आयोग ने अपनी रिपोर्ट भेजी है। आयोग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों से बरामद की एसएससी की पूर्व में आयोजित हो चुकी परीक्षा की थी।
वहीं, मामले मेें पुलिस को छका चुके आरोपी आसन निवासी छोटा के गैर जमानती वारंट जारी कर दिये गए हैं। जांच अधिकारी राजेश जांगड़ा ने बताया कि कई बार आरोपी को पूछताछ का नोटिस भेजने के बाद भी वह नहीं आया। इस पर कोर्ट में अप्लीकेशन लगाकर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाए गए है।
ये था मामला
करीब दो महीने पहले देशभर में एसएससी की तरफ से परीक्षा हुई थी। परीक्षा आंसर की के शक में पुलिस ने मदीना के नवीन और किशनगढ़ के दिलबाग सिंह को गिरफ्तार किया था। दिलबाग सिंह ने एक-एक लाख रुपये में आंसर की का सौदा किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद बड़ाली गांव के बिजेंद्र को भी गिरफ्तार किया था। वहीं मुख्य आरोपी आसन गांव का छोटा अभी तक फरार है। पुलिस ने एसएससी को आंसर की पुष्टि के लिए भेजी थी।
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आयोग की ओर से पुलिस को भेजी रिपोर्ट में आंसर की को पुराने पेपर की बताई गई है।
वहीं पुलिस का कहना है कि पकड़े गए तीनों आरोपी फर्जी आंसर की के बहाने अभ्यर्थियों से लाखों रुपये हड़पने की योजना बना रहे थे।
हालांकि महम नाके से पकड़ा गया तीसरा आरोपी बिजेंद्र उर्फ मास्टर ने पहले ही कह दिया था कि आंसर की 2013 के पेपर की है।
वहीं मामले में मुख्य आरोपी आसन गांव का छोटा अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
जांच अधिकारी राजेश जांगड़ा ने बताया कि आयोग को करीब पांच दिन पहले आरोपियों से बरामद आंसर की मिलान के लिए भेजी गई थी।
एक दिन पहले ही आयोग ने अपनी रिपोर्ट भेजी है। आयोग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों से बरामद की एसएससी की पूर्व में आयोजित हो चुकी परीक्षा की थी।
वहीं, मामले मेें पुलिस को छका चुके आरोपी आसन निवासी छोटा के गैर जमानती वारंट जारी कर दिये गए हैं। जांच अधिकारी राजेश जांगड़ा ने बताया कि कई बार आरोपी को पूछताछ का नोटिस भेजने के बाद भी वह नहीं आया। इस पर कोर्ट में अप्लीकेशन लगाकर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाए गए है।
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ये था मामला
करीब दो महीने पहले देशभर में एसएससी की तरफ से परीक्षा हुई थी। परीक्षा आंसर की के शक में पुलिस ने मदीना के नवीन और किशनगढ़ के दिलबाग सिंह को गिरफ्तार किया था। दिलबाग सिंह ने एक-एक लाख रुपये में आंसर की का सौदा किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद बड़ाली गांव के बिजेंद्र को भी गिरफ्तार किया था। वहीं मुख्य आरोपी आसन गांव का छोटा अभी तक फरार है। पुलिस ने एसएससी को आंसर की पुष्टि के लिए भेजी थी।
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