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पांच माह हुआ लेट, दो दिन में पोर्टल पर प्रापर्टी सर्वे का डाटा होगा अपडेट
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नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल को ठीक करवाते लोग।। अमर उजाला
विजेंद्र कौशिक
रोहतक। निगम की ओर से कराया गया प्रॉपर्टी सर्वे फाइनल हो गया है। दो लाख 30 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का डाटा दो दिन में एनडीसी पोर्टल पर डाल दिया जाएगा। इसके बाद आमजन पोर्टल पर जाकर आनलाइन अपने टैक्स की जांच कर सकेंगे। अगर कोई आपत्ति है तो पोर्टल पर ही आवेदन किया जा सकेगा। इस संबंध में बुधवार को चंडीगढ़ में शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता निगम आयुक्तों के साथ बैठक लेंगे। इसके चलते निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मंगलवार को सर्वे कंपनी व टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से रिपोर्ट ली।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में साल 2018 में प्रदेश सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया था। इसके साथ ही शहर के साथ लगते गांव बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया खुर्द व सुनारिया कलां और कुताना बस्ती को निगम में शामिल किया गया था। इससे पहले साल 2011 में नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ था, जिसके तहत पौने दो लाख प्रॉपर्टी यूनिट फाइनल की गई थी। अब 10 साल बाद 2020-21 में शहरी निकाय विभाग ने पूरे प्रदेश में नए सिरे से प्रॉपर्टी का सर्वे कराया, लेकिन सर्वे में गड़बड़ी के चलते निकाय विभाग ने कंपनी बदल दी। नई सर्वे कंपनी को एक अप्रैल तक प्रॉपर्टी रिकॉर्ड फाइनल करना था, लेकिन काफी लोगों की शिकायतों के चलते सर्वे को दोबारा अपडेट किया गया। अब करीब पांच माह बाद सितंबर में दो लाख 30 हजार यूनिट का सर्वे फाइनल हो सका है। इसकी रिपोर्ट सर्वे कंपनी ने निगम आयुक्त को सौंप दी है।
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फिर भेजा पुराना बिल, आम पब्लिक परेशान
आम लोगों के चालू वित्त वर्ष 2022-23 के बिल तैयार नहीं हुए हैं। ऐसे में पुराने बिल ही भेजे जा रहे हैं। एक दिन पहले सुभाष नगर निवासी अजय गोदाना, व्यापारी नेता टीन लूंबा के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे। टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को बताया कि साल 2021 में जो बिल भेजा था, उसमें मकान का क्षेत्रफल ज्यादा दर्शाया गया था। अब भी बिल ठीक करके नहीं भेजा गया। इसलिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि बिल में अगर कोई अंतर है तो एनडीसी पोर्टल पर जाकर आवेदन करें। बिल ठीक कर दिए जाएंगे।
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डिफाल्टरों के नाम होंगे सार्वजनिक, प्रॉपर्टी भी करेंगे सील
नगर निगम की तरफ से साल 2022-23 का प्रॉपर्टी वसूली का टारगेट 58 करोड़ रुपये रखा गया है, लेकिन अभी तक 20 करोड़ भी पूरा नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, 60 करोड़ के करीब राशि बकाया चल रही है। निगम आयुक्त ने निर्णय लिया है कि एक सप्ताह बाद उन लोगों की प्रॉपर्टी सील करेंगे, जो बार-बार नोटिस के बावजूद टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। साथ ही निगम प्रशासन का दावा है कि नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।
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वर्जन
प्रॉपर्टी सर्वे फाइनल हो गया है। दो लाख 30 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का डाटा दो दिन में एनडीसी पोर्टल पर डाल दिया जाएगा। अब एक सप्ताह में निगम प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई करेगा। साथ ही नाम भी सार्वजनिक किये जाएंगे, जहां तक बिलों में गड़बड़ी का सवाल है, आम लोग पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
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रोहतक। निगम की ओर से कराया गया प्रॉपर्टी सर्वे फाइनल हो गया है। दो लाख 30 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का डाटा दो दिन में एनडीसी पोर्टल पर डाल दिया जाएगा। इसके बाद आमजन पोर्टल पर जाकर आनलाइन अपने टैक्स की जांच कर सकेंगे। अगर कोई आपत्ति है तो पोर्टल पर ही आवेदन किया जा सकेगा। इस संबंध में बुधवार को चंडीगढ़ में शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता निगम आयुक्तों के साथ बैठक लेंगे। इसके चलते निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मंगलवार को सर्वे कंपनी व टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से रिपोर्ट ली।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में साल 2018 में प्रदेश सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया था। इसके साथ ही शहर के साथ लगते गांव बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया खुर्द व सुनारिया कलां और कुताना बस्ती को निगम में शामिल किया गया था। इससे पहले साल 2011 में नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ था, जिसके तहत पौने दो लाख प्रॉपर्टी यूनिट फाइनल की गई थी। अब 10 साल बाद 2020-21 में शहरी निकाय विभाग ने पूरे प्रदेश में नए सिरे से प्रॉपर्टी का सर्वे कराया, लेकिन सर्वे में गड़बड़ी के चलते निकाय विभाग ने कंपनी बदल दी। नई सर्वे कंपनी को एक अप्रैल तक प्रॉपर्टी रिकॉर्ड फाइनल करना था, लेकिन काफी लोगों की शिकायतों के चलते सर्वे को दोबारा अपडेट किया गया। अब करीब पांच माह बाद सितंबर में दो लाख 30 हजार यूनिट का सर्वे फाइनल हो सका है। इसकी रिपोर्ट सर्वे कंपनी ने निगम आयुक्त को सौंप दी है।
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फिर भेजा पुराना बिल, आम पब्लिक परेशान
आम लोगों के चालू वित्त वर्ष 2022-23 के बिल तैयार नहीं हुए हैं। ऐसे में पुराने बिल ही भेजे जा रहे हैं। एक दिन पहले सुभाष नगर निवासी अजय गोदाना, व्यापारी नेता टीन लूंबा के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे। टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को बताया कि साल 2021 में जो बिल भेजा था, उसमें मकान का क्षेत्रफल ज्यादा दर्शाया गया था। अब भी बिल ठीक करके नहीं भेजा गया। इसलिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि बिल में अगर कोई अंतर है तो एनडीसी पोर्टल पर जाकर आवेदन करें। बिल ठीक कर दिए जाएंगे।
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डिफाल्टरों के नाम होंगे सार्वजनिक, प्रॉपर्टी भी करेंगे सील
नगर निगम की तरफ से साल 2022-23 का प्रॉपर्टी वसूली का टारगेट 58 करोड़ रुपये रखा गया है, लेकिन अभी तक 20 करोड़ भी पूरा नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, 60 करोड़ के करीब राशि बकाया चल रही है। निगम आयुक्त ने निर्णय लिया है कि एक सप्ताह बाद उन लोगों की प्रॉपर्टी सील करेंगे, जो बार-बार नोटिस के बावजूद टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। साथ ही निगम प्रशासन का दावा है कि नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।
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वर्जन
प्रॉपर्टी सर्वे फाइनल हो गया है। दो लाख 30 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का डाटा दो दिन में एनडीसी पोर्टल पर डाल दिया जाएगा। अब एक सप्ताह में निगम प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई करेगा। साथ ही नाम भी सार्वजनिक किये जाएंगे, जहां तक बिलों में गड़बड़ी का सवाल है, आम लोग पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम