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पहले फर्ज, फिर परिवार, एएसआई दंपती लड़ रहा कोरोना के खिलाफ जंग
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एएसआई पूनम
- फोटो : RohtakCity
सोनीपत के गांव हलालपुर का एएसआई दंपती कोरोना के खिलाफ लड़ रहा है। महिला एएसआई पूनम जहां नए बस स्टैंड के आगे नाके की कमान थामे हुए है तो उसके पति एएसआई सोमबीर दहिया तड़के 4 बजे सब्जी मंडी और दिन में अनाज मंडी में गश्त करते हैं। दंपती का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से लड़ने के लिए खाकी का फर्ज पहले, परिवार बाद में है। यही कारण है कि थानेदार की चौकी से घर मात्र 4 किलोमीटर दूर शीला बाईपास है, लेकिन 24 घंटे लगातार ड्यूटी निभा रहे हैं।
एएसआई सोमबीर ने बताया कि परिवार जसबीर कॉलोनी में रहता है। पिता वजीर सिंह भी रोहतक पुलिस में एएसआई रहे हैं। बचपन से ही खाकी के प्रति लगाव रहा। 2000 में वह और 2003 में उसकी पत्नी पूनम हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए। पूनम तो एसआई तक का कोर्स कर चुकी हैं। फिलहाल पूनम की ड्यूटी अर्बन एस्टेट थाने में है। वह सुबह आठ बजे से रात को आठ बजे तक नए बस स्टैंड के बाहर लगे नाके में तैनात रहकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ वाहनों की चेकिंग सतर्कता से करती हैं। सोमबीर दहिया की ड्यूटी शिवाजी कॉलोनी थाने की नई अनाज मंडी पुलिस चौकी में है।
तड़के 4 बजे करनी होती है गश्त
सोमबीर ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है। तड़के चार बजे सब्जी मंडी लग जाती है, जहां आढ़ती माल खरीदते हैं। व्यापारी व आम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके लिए पुलिस के कड़ी नजर रखनी पड़ती है, ताकि शहरवासी सुरक्षित रहें। कई बार तो 24 घंटे तक घर नहीं जा पाते। दिन में फोन पर पत्नी से परिवार की कुशल मंगल पूछ लेता हूं।
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दादा-दादी बच्चों और बच्चे रख रहे दादा-दादी का ध्यान
एएसआई दंपती ड्यूटी के कारण फील्ड में रहते हैं, ऐसे में घर पर 13 वर्षीय बेटा व 11 वर्षीय बेटी का ध्यान उनके दादा रिटायर एएसआई वजीर सिंह और दादी रखते हैं। जबकि दोनों बच्चे अपने दादा-दादी का ध्यान रखते हैं। क्योंकि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।
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एएसआई सोमबीर ने बताया कि परिवार जसबीर कॉलोनी में रहता है। पिता वजीर सिंह भी रोहतक पुलिस में एएसआई रहे हैं। बचपन से ही खाकी के प्रति लगाव रहा। 2000 में वह और 2003 में उसकी पत्नी पूनम हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए। पूनम तो एसआई तक का कोर्स कर चुकी हैं। फिलहाल पूनम की ड्यूटी अर्बन एस्टेट थाने में है। वह सुबह आठ बजे से रात को आठ बजे तक नए बस स्टैंड के बाहर लगे नाके में तैनात रहकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ वाहनों की चेकिंग सतर्कता से करती हैं। सोमबीर दहिया की ड्यूटी शिवाजी कॉलोनी थाने की नई अनाज मंडी पुलिस चौकी में है।
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तड़के 4 बजे करनी होती है गश्त
सोमबीर ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है। तड़के चार बजे सब्जी मंडी लग जाती है, जहां आढ़ती माल खरीदते हैं। व्यापारी व आम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके लिए पुलिस के कड़ी नजर रखनी पड़ती है, ताकि शहरवासी सुरक्षित रहें। कई बार तो 24 घंटे तक घर नहीं जा पाते। दिन में फोन पर पत्नी से परिवार की कुशल मंगल पूछ लेता हूं।
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दादा-दादी बच्चों और बच्चे रख रहे दादा-दादी का ध्यान
एएसआई दंपती ड्यूटी के कारण फील्ड में रहते हैं, ऐसे में घर पर 13 वर्षीय बेटा व 11 वर्षीय बेटी का ध्यान उनके दादा रिटायर एएसआई वजीर सिंह और दादी रखते हैं। जबकि दोनों बच्चे अपने दादा-दादी का ध्यान रखते हैं। क्योंकि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।

एएसआई सोमबीर- फोटो : RohtakCity

एएसआई पूनम दहिया नए बस स्टैंड के बाहर नाके पर वाहनों की जांच करते हुए।- फोटो : RohtakCity

एएसआई सोमबीर दहिया सब्जी मंडी में गश्त करते हुए।- फोटो : RohtakCity