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Rohtak News: स्नेचिंग मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ रद्द नहीं होगी एफआईआर, डीएसपी कोर्ट में तलब
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रोहतक। स्नेचिंग के मामले में मृतक के बयान दर्ज करने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। कोर्ट ने इस केस के जांच अधिकारी की गलती छिपाकर मानवीय भूल बताने वाले डीएसपी को भी तलब कर लिया है। जेएमआईसी अभिमन्यु राजपूत की अदालत ने मंगलवार को यह निर्देश जारी किया है। आईओ एएसआई उधम सिंह व डीएसपी विवेक कुंडू काे 15 अप्रैल काे अदालत में पेश होना है।
अधिवक्ता पंकज बेरी ने बताया कि एएसआई के खिलाफ आर्य नगर थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की डीएसपी की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसे स्वीकार नहीं किया गया है। अदालत ने अर्जी अस्वीकार करते हुए मामले में दोनों पुलिस अधिकारियों को 15 अप्रैल के लिए समन जारी कर दिए हैं।
आरोपी करण की शिवाजी कॉलोनी थाना में दर्ज एफआईआर पर जमानत के लिए 24 सितंबर 2021 काे पेशी हुई। एएसजे मनपाल रामावत के सामने तथ्य पेश किए गए। इनमें कहा गया कि करण का भाई नितिन 30 जुलाई 2020 को मर चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने 13 जनवरी 2021 को मृतक नितिन को शामिल तफ्तीश दिखाकर उसके 161 के बयान भी दर्ज करा दिए। इसे को लेकर जज मनपाल रामावत ने तत्काल आदेश देकर आईओ को अपने पास कस्टडी में बैठा लिया। इसके बाद देर शाम आईओ उधम सिंह के खिलाफ गलत तथ्य पेश करने को लेकर एफआईआर दर्ज करा दी गई। मामले में डीएसपी ने जांच की और पाया कि जांच अधिकारी से मानवीय भूल हुई। छोटे भाई चिराग ने जानबूझकर गलत नीयत से अपने आपको नितिन बताया गया। इससे केस में जांच अधिकारी की कोई बदनीयत या लापरवाही सामने नहीं आई। जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट अंकित की जा चुकी है।
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कोर्ट से अब तक इस मामले में सम्मन नहीं मिला है। अदालत से सम्मन हुए हैं तो उन पर अमल किया जाएगा। केस को समझ कर पूरी जानकारी ली जाएगी।
- विवेक कुंडू, डीएसपी।
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अधिवक्ता पंकज बेरी ने बताया कि एएसआई के खिलाफ आर्य नगर थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की डीएसपी की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसे स्वीकार नहीं किया गया है। अदालत ने अर्जी अस्वीकार करते हुए मामले में दोनों पुलिस अधिकारियों को 15 अप्रैल के लिए समन जारी कर दिए हैं।
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आरोपी करण की शिवाजी कॉलोनी थाना में दर्ज एफआईआर पर जमानत के लिए 24 सितंबर 2021 काे पेशी हुई। एएसजे मनपाल रामावत के सामने तथ्य पेश किए गए। इनमें कहा गया कि करण का भाई नितिन 30 जुलाई 2020 को मर चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने 13 जनवरी 2021 को मृतक नितिन को शामिल तफ्तीश दिखाकर उसके 161 के बयान भी दर्ज करा दिए। इसे को लेकर जज मनपाल रामावत ने तत्काल आदेश देकर आईओ को अपने पास कस्टडी में बैठा लिया। इसके बाद देर शाम आईओ उधम सिंह के खिलाफ गलत तथ्य पेश करने को लेकर एफआईआर दर्ज करा दी गई। मामले में डीएसपी ने जांच की और पाया कि जांच अधिकारी से मानवीय भूल हुई। छोटे भाई चिराग ने जानबूझकर गलत नीयत से अपने आपको नितिन बताया गया। इससे केस में जांच अधिकारी की कोई बदनीयत या लापरवाही सामने नहीं आई। जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट अंकित की जा चुकी है।
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कोर्ट से अब तक इस मामले में सम्मन नहीं मिला है। अदालत से सम्मन हुए हैं तो उन पर अमल किया जाएगा। केस को समझ कर पूरी जानकारी ली जाएगी।
- विवेक कुंडू, डीएसपी।