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Rohtak News: भारंगम-सारंग में दिखा कला का उत्सव
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36 सुपवा में संवाद सत्र करते अभिनेता यशपाल शर्मा, जतिन जतिन सरना। संवाद
रोहतक। दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से आयोजित भारत रंग महोत्सव (भारंगम) और सारंग में मंगलवार को विविध प्रस्तुतियों ये कलाकारों ने समा बांधा। तमिल थिएटर और मंडी हाउस के म्यूजिक ग्रुप की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शाम के सत्र में भारंगम के तहत पंजाबी नाटक सांदल बार का दमदार मंचन किया गया। सारंग के सुबह के सत्र में अभिनेता यशपाल शर्मा और जतिन सरना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संवाद सत्र में दोनों कलाकारों ने थिएटर और अभिनय से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
थिएटर डायरेक्टर लक्ष्मी रावत ने भी रंगमंच को लेकर विचार रखे। महोत्सव में प्रदेशभर के रंगकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें नरेश प्रेरणा, केसरी नंदन, रवि मोहन, मनीष जोशी, संगीता किमोठी, मदन डागर सहित कई नाम शामिल हैं।
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अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा कि सुपवा जैसा संस्थान प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में यहां दाखिले के लिए छात्र तरसेंगे। जतिन सरना ने कहा कि अच्छा अभिनेता बनने के लिए पढ़ना, देखना, समझना और नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है।
तमिलनाडु से आए कलाकारों ने शानदार नाटक प्रस्तुत किया और उनके साथ मंडी हाउस-द बैंड के संस्थापक देवेंद्र अहिरवार ने भी ‘जोर से प्यार लगा है’ म्यूजिक नाटक की प्रस्तुति दी।
बीच में यूनिवर्सिटी के छात्रों की तरफ से भी कई तरह की संगीतमय प्रस्तुति मंच पर दी गई। इतिहास के पन्नों में दबी कहानी को बताने वाले इस नाटक ने पहचान, अपनापन व मानवीय कीमत जैसे समकालीन प्रश्नों को उजागर करने का काम किया। पंजाबी भाषा में मंचित नाटक में भाषा एक बार भी बाधा नहीं बनी, कलाकारों के अभिनय व भावों ने भाषा के अवरोध को पूरी तरह से खत्म कर दिया।
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शाम के सत्र में भारंगम के तहत पंजाबी नाटक सांदल बार का दमदार मंचन किया गया। सारंग के सुबह के सत्र में अभिनेता यशपाल शर्मा और जतिन सरना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संवाद सत्र में दोनों कलाकारों ने थिएटर और अभिनय से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
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थिएटर डायरेक्टर लक्ष्मी रावत ने भी रंगमंच को लेकर विचार रखे। महोत्सव में प्रदेशभर के रंगकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें नरेश प्रेरणा, केसरी नंदन, रवि मोहन, मनीष जोशी, संगीता किमोठी, मदन डागर सहित कई नाम शामिल हैं।
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अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा कि सुपवा जैसा संस्थान प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में यहां दाखिले के लिए छात्र तरसेंगे। जतिन सरना ने कहा कि अच्छा अभिनेता बनने के लिए पढ़ना, देखना, समझना और नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है।
तमिलनाडु से आए कलाकारों ने शानदार नाटक प्रस्तुत किया और उनके साथ मंडी हाउस-द बैंड के संस्थापक देवेंद्र अहिरवार ने भी ‘जोर से प्यार लगा है’ म्यूजिक नाटक की प्रस्तुति दी।
बीच में यूनिवर्सिटी के छात्रों की तरफ से भी कई तरह की संगीतमय प्रस्तुति मंच पर दी गई। इतिहास के पन्नों में दबी कहानी को बताने वाले इस नाटक ने पहचान, अपनापन व मानवीय कीमत जैसे समकालीन प्रश्नों को उजागर करने का काम किया। पंजाबी भाषा में मंचित नाटक में भाषा एक बार भी बाधा नहीं बनी, कलाकारों के अभिनय व भावों ने भाषा के अवरोध को पूरी तरह से खत्म कर दिया।

36 सुपवा में संवाद सत्र करते अभिनेता यशपाल शर्मा, जतिन जतिन सरना। संवाद