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Rohtak News: पोस्टल बैैलेट से पहले ही डल गया किसान का वोट, मायूस लाैटा
Sun, 26 May 2024 05:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 26 May 2024 05:07 AM IST
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झज्जर। लोकसभा चुनाव के दाैरान कुछ बूथ पर पहले से ही वोट डलने के मामले भी देखे गए। झज्जर शहर में एक किसान का वोट एक सप्ताह पहले ही किसी सरकारी कर्मचारी ने डाल दिया। एक मतदाता को वोटर स्लिप मिलने के बावजूद वोटर लिस्ट में उसका नाम नहीं मिला और उसे मायूस लाैटना पड़ा।
घोसियान मोहल्ला निवासी जोगेंद्र पेश से किसान है। जोगेंद्र ने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। वह शनिवार को वोट डालने बूथ नंबर-85 पर गया था। वहां जाकर पता चला कि उसका वोट तो एक सप्ताह पहले डाल दिया गया है। जब उसने मना किया तो उसे वोट नहीं डालने दिया गया। जब उसने मतदाता सहायता केंद्र पर मदद मांगी तो मतदाता सूची चेक की गई तो उसके उसके नाम व फोटो के सामने मोहर लगी हुई थी, जिसमें उसका मत डला हुआ था। जोगेंद्र ने कहा कि उसके पूरे परिवार में आज तक किसी की सरकारी नौकरी नहीं है।उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने कहा कि जब उसे सरकारी कर्मचारी मानकर वोट डालने से वंचित किया गया है तो उसे सरकारी नाैकरी भी मिलनी चाहिए?
झज्जर निवासी रघुबीर सिंह शनिवार को मतदान नहीं कर सके। वह छावनी मोहल्ला के राजकीय प्राइमरी स्कूल में मतदान के लिए गए थे, लेकिन जब उनका नंबर आया तो पोलिंग पार्टी के सदस्यों ने बताया कि उसका नाम वोटर लिस्ट में ही नहीं है और उसे बाहर भेज दिया। वह बीएलओ के पास गया तो बीएलओ ने कहा कि जब स्लिप है तो नाम भी होना चाहिए, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसे बाहर भेज दिया गया और मतदान से वंचित किया गया।
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घोसियान मोहल्ला निवासी जोगेंद्र पेश से किसान है। जोगेंद्र ने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। वह शनिवार को वोट डालने बूथ नंबर-85 पर गया था। वहां जाकर पता चला कि उसका वोट तो एक सप्ताह पहले डाल दिया गया है। जब उसने मना किया तो उसे वोट नहीं डालने दिया गया। जब उसने मतदाता सहायता केंद्र पर मदद मांगी तो मतदाता सूची चेक की गई तो उसके उसके नाम व फोटो के सामने मोहर लगी हुई थी, जिसमें उसका मत डला हुआ था। जोगेंद्र ने कहा कि उसके पूरे परिवार में आज तक किसी की सरकारी नौकरी नहीं है।उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने कहा कि जब उसे सरकारी कर्मचारी मानकर वोट डालने से वंचित किया गया है तो उसे सरकारी नाैकरी भी मिलनी चाहिए?
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झज्जर निवासी रघुबीर सिंह शनिवार को मतदान नहीं कर सके। वह छावनी मोहल्ला के राजकीय प्राइमरी स्कूल में मतदान के लिए गए थे, लेकिन जब उनका नंबर आया तो पोलिंग पार्टी के सदस्यों ने बताया कि उसका नाम वोटर लिस्ट में ही नहीं है और उसे बाहर भेज दिया। वह बीएलओ के पास गया तो बीएलओ ने कहा कि जब स्लिप है तो नाम भी होना चाहिए, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसे बाहर भेज दिया गया और मतदान से वंचित किया गया।
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