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Rohtak News: खेत से मैदान तक किसान के बेटों ने बनाई पहचान
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02सीटीके15-मेहर सिंह अखाड़े में कुश्ती का अभ्यास करते पहलवान। स्रोत: संवाद
रोहतक। कर्नाटक में दिसंबर में होने वाली कुश्ती की सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में हरियाणवी पहलवानों की धूम रहेगी। प्रतियोगिता में जीत के लिए पहलवानों ने तैयारी शुरू कर दी है। इसमें मेहर सिंह अखाड़े के करीब 40 पहलवान भाग लेंगे। इसके चलते इन दिनों सुबह से शाम तक यहां का नजारा कुछ अलग ही नजर आता है।
अखाड़े के पहलवान दिन में लगभग 8 घंटे से ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। कर्नाटक से पदक लाने के लिए पहलवानों को तैयार करने में खुद कोच रणबीर ढाका भी दावपेंच सिखा रहे हैं। अखाड़े के करीब 40 पहलवान अगले माह कर्नाटक जाने की तैयारी कर रहे हैं। ये फ्री स्टाइल व ग्रीको-रोमन दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। सभी पहलवान जूनियर प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर चुके हैं। अब ये सीनियर प्रतियोगिता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कोच रणबीर ढाका ने बताया कि अखाड़े के कई पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रदेश को पहचान दिला चुके हैं।
74 वेट कैटेगरी फ्री स्टाइल में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। वह चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम को मेहनत करता है। पिताजी खेती करते हैं। मां गृहणी हैं। दो बहने हैं। इनकी शादी हो चुकी है। पिताजी कहते हैं कि तू मेहनत कर, पैसे की चिंता मत कर। मैं अपने आप देख लूंगा। चचेरे भाई को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया। वर्ष 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। अगला लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स है।
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जयदीप, पहलवान, मेहर सिंह अखाडा।
रिठाल गांव का हूं। भार वर्ग 60 किलो ग्रीको रोमन सीनियर नेशनल की तैयारी कर रहा हूं। पिताजी खेती करते हैं। दो भाई हैं। एक भाई पढ़ता है। दिन में सात घंटे अभ्यास करता हूं। सुशील कुमार व योगेश्वर दत्त को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया। पहले 55 किलो कैटेगरी में खेलता था। अंडर-17 में 55 किलो कैटेगरी में 2017 में स्वर्ण व रजत पदक जीत चुका हूं। अंडर-23 में 2024 एशियन गेम्स में रजत और सीनियर नेशनल प्रतियोगिता 2024 जयपुर में स्वर्ण पदक जीता है।
सूरज, पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।
भार वर्ग 63 किलो कैटेगरी ग्रीको रोमन में कुश्ती की सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। हम चार भाई-बहन हैं। पिताजी खेती करते हैं। पहले 65 किलो कैटगेरी में खेलता था। सब जूनियर प्रतियोगिता 2019 व 2021 में कांस्य पदक जीता है। वर्ष 2022 में सीनियर प्रतियोगिता में कांस्य और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। गांव के बच्चे अखाड़े में जाते थे। उन्हीं को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया।
संदीप, पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।
भार वर्ग 55 किलो कैटगरी ग्रीको रोमन सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। हम दो भाई हैं। पिताजी खेती करते हैं। सब जूनियर 2021 में कांस्य और 2022 में रजत पदक जीता है। इसके बाद चोट लग गई थी। इसके बाद थोड़ी निराश हुई, लेकिन परिवार और कोच के सहयोग से एक साल की रिकवरी के बाद फिर से तैयारी शुरू की। सुशील कुमार को देखकर खेलना शुरू किया।
भारत पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।
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अखाड़े के पहलवान दिन में लगभग 8 घंटे से ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। कर्नाटक से पदक लाने के लिए पहलवानों को तैयार करने में खुद कोच रणबीर ढाका भी दावपेंच सिखा रहे हैं। अखाड़े के करीब 40 पहलवान अगले माह कर्नाटक जाने की तैयारी कर रहे हैं। ये फ्री स्टाइल व ग्रीको-रोमन दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। सभी पहलवान जूनियर प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर चुके हैं। अब ये सीनियर प्रतियोगिता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कोच रणबीर ढाका ने बताया कि अखाड़े के कई पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रदेश को पहचान दिला चुके हैं।
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74 वेट कैटेगरी फ्री स्टाइल में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। वह चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम को मेहनत करता है। पिताजी खेती करते हैं। मां गृहणी हैं। दो बहने हैं। इनकी शादी हो चुकी है। पिताजी कहते हैं कि तू मेहनत कर, पैसे की चिंता मत कर। मैं अपने आप देख लूंगा। चचेरे भाई को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया। वर्ष 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। अगला लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स है।
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जयदीप, पहलवान, मेहर सिंह अखाडा।
रिठाल गांव का हूं। भार वर्ग 60 किलो ग्रीको रोमन सीनियर नेशनल की तैयारी कर रहा हूं। पिताजी खेती करते हैं। दो भाई हैं। एक भाई पढ़ता है। दिन में सात घंटे अभ्यास करता हूं। सुशील कुमार व योगेश्वर दत्त को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया। पहले 55 किलो कैटेगरी में खेलता था। अंडर-17 में 55 किलो कैटेगरी में 2017 में स्वर्ण व रजत पदक जीत चुका हूं। अंडर-23 में 2024 एशियन गेम्स में रजत और सीनियर नेशनल प्रतियोगिता 2024 जयपुर में स्वर्ण पदक जीता है।
सूरज, पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।
भार वर्ग 63 किलो कैटेगरी ग्रीको रोमन में कुश्ती की सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। हम चार भाई-बहन हैं। पिताजी खेती करते हैं। पहले 65 किलो कैटगेरी में खेलता था। सब जूनियर प्रतियोगिता 2019 व 2021 में कांस्य पदक जीता है। वर्ष 2022 में सीनियर प्रतियोगिता में कांस्य और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। गांव के बच्चे अखाड़े में जाते थे। उन्हीं को देखकर कुश्ती खेलना शुरू किया।
संदीप, पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।
भार वर्ग 55 किलो कैटगरी ग्रीको रोमन सीनियर नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। हम दो भाई हैं। पिताजी खेती करते हैं। सब जूनियर 2021 में कांस्य और 2022 में रजत पदक जीता है। इसके बाद चोट लग गई थी। इसके बाद थोड़ी निराश हुई, लेकिन परिवार और कोच के सहयोग से एक साल की रिकवरी के बाद फिर से तैयारी शुरू की। सुशील कुमार को देखकर खेलना शुरू किया।
भारत पहलवान, मेहर सिंह अखाड़ा।