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दो संक्रमितों के शवों के साथ सड़क पर खड़े रहे परिजन, दो घंटे बाद हो सका दाह संस्कार

Wed, 26 Aug 2020 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:36 PM IST
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Family members standing on the road with dead bodies of two infected, cremated after two hours
पीजीआईएमएस में बुधवार को चार संक्रमितों की मौत हुई। पहली बार एक दिन में जिले के दो संक्रमितों की मौत हुई। इनमें इंदिरा कॉलोनी का युवक और नेहरू कॉलोनी का व्यक्ति शामिल है। दाह संस्कार के लिए पीजीआईएमएस से शमशान घाट जा रहे संक्रमितों के शवों को लेकर संस्थान और परिजनों में उस समय ठन गई, जबकि मेडिकल मोड़ पर शव ले जा रही एंबुलेंस को रुकवा लिया गया। बताया गया कि एक दिन में वह दो शव का ही दाह संस्कार करवा सकते हैं। जबकि श्मशान घाट पहले ही एक शव पहुंच चुका है। इस पर परिजनों ने विरोध कर दिया। करीब दो घंटे बाद शवों शमशान घाट ले जाया गया और गाइडलाइन के अनुसार दाह संस्कार किया गया।
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इंद्रा कॉलोनी के व्यक्ति ने बताया कि उसके चचेरे भाई की मौत बुधवार सुबह कोरोना से हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद संस्थान से फोन आया कि उनका शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है, वह आ जाएं। शव मेडिकल मोड ही पहुंचा था कि फोन आया कि शव वापस ले आए, श्मशाह घाट में एक दिन में दो से अधिक शव हम नहीं भेज सकते। एक शव पहले जा चुका है, इसलिए अंतिम संस्कार वीरवार को होगा। इस पर परिजनों ने विरोध जताया, कहा कि शोक संतप्त परिवार के सामने उनके मृतक शव का अपमान किया जा रहा है। इस पर सभी ने एंबुलेंस को वापस नहीं जाने दिया। करीब दो घंटे बाद शव का दाह संस्कार हो सका। वहीं, नेहरू कॉलोनी के 45 वर्षीय व्यक्ति ने भी कोरोना के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। सांस लेने में समस्या के कारण उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। मृतक का अंतिम संस्कार श्मशाम भूमि में बुधवार को जारी गाइडलाइन के अनुसार किया गया है।
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पीजीआईएमएस में बुधवार को चार संक्रमितों की मौत हुई, इनमें रोहतक का युवक और व्यक्ति भी शामिल है। एक दिन में दो शव का एक साथ दाह संस्कार किया जाता है। शव को पहले व बाद में भेजने में कुछ हुआ होगा, इसकी अधिक जानकारी नहीं है। दाह संस्कार का कार्य नगर निगम का है, वह बता सकते हैं कि परेशानी कहां हुई।
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- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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