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471 करोड़ से 700 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा निर्यात
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जिला विकास भवन के सभागार में लगी प्रर्दशनी देखते डीसी कैप्टन मनोज कुमार। संवाद
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जिले की 17 इकाइयां अपने उत्पाद दूसरे देशों में निर्यात कर रही हैं। जिले में इस समय 471 करोड़ का सालाना निर्यात है, 2024 तक इसे बढ़ाकर 700 करोड़ किया जाएगा। यह जानकारी उद्योग विभाग के अधिकारियों ने विकास भवन में आयोजित एक्सपोर्टर्स कॉनक्लेव के दौरान उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार को दी। इससे पहले उपायुक्त ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कॉनक्लेव का शुभारंभ किया। इसमें 12 इकाइयों ने अपने उद्योगों की प्रदर्शनी लगाई।
उपायुक्त कैप्टन मनोज ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारें उद्यमियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रही हैं। ताकि एक्सपोर्ट बढ़ाकर विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाया जा सके। उद्योग विकसित होने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे, खुशहाली आएगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों को एक स्थान पर संबंधित सेवाएं निर्धारित अवधि में उपलब्ध करवाएं। इस कड़ी में सिंगल विंडो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस आदि शामिल हैं। उन्होंने अन्य औद्योगिक इकाइयों के संचालकों का आह्वान किया कि वे भी निर्यात में शामिल हों। इसके लिए सरकार उद्यमियों को रियायत दे रही है। लगभग 25 विभाग उद्यमियों को निर्धारित अवधि में सेवाएं दे रहे हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों के कार्यों को तत्परता व सहानुभूतिपूर्वक निपटाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयां विकसित होने से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। अंत में उपायुक्त ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल की। जिला उद्योग केंद्र के निदेशक राजेश खेड़ा ने निर्यात को बढ़ावा देने को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए कदमों की जानकारी दी। इस मौके पर एमएसएमई तकनीकी सेंटर से नरेश, डीजीएफटी के सेक्शन हेड नरेश कुमार, उप निदेशक संदीप दांगी, सहायक उप निदेशक नीलिमा, एसके खटौड़, सुधीर जैन, बिट्टू मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।
कोरोना में बढ़ा निर्यात
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने सभी उद्यमियों से अपील की कि वे भी निर्यात की तरफ बढ़ें। उन्होंने बताया कि पिछले साल कोरोना के बावजूद रोहतक से होने वाला निर्यात बढ़ गया। अभी सिर्फ 17 इकाइयां ही निर्यात कर रही हैं, यहां से चावल, गारमेंट्स और ऑटोमोबाइल पार्ट्स विदेश में भेजे जाते हैं। बाकी उद्यमी भी निर्यात का प्रयास करें। वहीं, उद्योग विभाग कुछ अन्य देशों में निर्यात की संभावनाएं तलाशे।
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उपायुक्त कैप्टन मनोज ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारें उद्यमियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रही हैं। ताकि एक्सपोर्ट बढ़ाकर विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाया जा सके। उद्योग विकसित होने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे, खुशहाली आएगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों को एक स्थान पर संबंधित सेवाएं निर्धारित अवधि में उपलब्ध करवाएं। इस कड़ी में सिंगल विंडो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस आदि शामिल हैं। उन्होंने अन्य औद्योगिक इकाइयों के संचालकों का आह्वान किया कि वे भी निर्यात में शामिल हों। इसके लिए सरकार उद्यमियों को रियायत दे रही है। लगभग 25 विभाग उद्यमियों को निर्धारित अवधि में सेवाएं दे रहे हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों के कार्यों को तत्परता व सहानुभूतिपूर्वक निपटाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयां विकसित होने से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। अंत में उपायुक्त ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल की। जिला उद्योग केंद्र के निदेशक राजेश खेड़ा ने निर्यात को बढ़ावा देने को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए कदमों की जानकारी दी। इस मौके पर एमएसएमई तकनीकी सेंटर से नरेश, डीजीएफटी के सेक्शन हेड नरेश कुमार, उप निदेशक संदीप दांगी, सहायक उप निदेशक नीलिमा, एसके खटौड़, सुधीर जैन, बिट्टू मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।
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कोरोना में बढ़ा निर्यात
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने सभी उद्यमियों से अपील की कि वे भी निर्यात की तरफ बढ़ें। उन्होंने बताया कि पिछले साल कोरोना के बावजूद रोहतक से होने वाला निर्यात बढ़ गया। अभी सिर्फ 17 इकाइयां ही निर्यात कर रही हैं, यहां से चावल, गारमेंट्स और ऑटोमोबाइल पार्ट्स विदेश में भेजे जाते हैं। बाकी उद्यमी भी निर्यात का प्रयास करें। वहीं, उद्योग विभाग कुछ अन्य देशों में निर्यात की संभावनाएं तलाशे।
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