{"_id":"926f70eb30c3a28683e9df8d2018f186","slug":"ex-central-min-died-chandram-rohtak-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व केंद्रीय मंत्री चांद राम का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व केंद्रीय मंत्री चांद राम का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 16 Jun 2015 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व केंद्रीय मंत्री 93 वर्षीय चांद राम का सोमवार को निधन हो गया।
वे बीमारी के चलते रोहतक पीजीआई में दाखिल थे, जहां हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम 4 बजे खोखराकोट स्थित शमशान घाट में होगा। उनकी गिनती देश के दिग्गज दलित नेताओं में होती है।
1977 में जनता दल की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। वे 1966-67 में राव वीरेंद्र सिंह की प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री भी रहे। चांद राम संयुक्त पंजाब और हरियाणा में विधायक भी रहे।
1922 में उनका जन्म खरहर गांव (हाल जिला झज्जर) में हुआ था। पूर्व मंत्री के निधन पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शोक जताया है। अपने शोक संदेश में सीएम ने चांद राम को एक प्रबुद्ध राजनीतिक बताया, जिन्होंने सदैव गरीबों के उत्थान के लिए काम किया।वे अपने पीछे दो बेटे और चार बेटियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने सुराज पार्टी भी बनाई थी।
विज्ञापन
वे बीमारी के चलते रोहतक पीजीआई में दाखिल थे, जहां हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम 4 बजे खोखराकोट स्थित शमशान घाट में होगा। उनकी गिनती देश के दिग्गज दलित नेताओं में होती है।
1977 में जनता दल की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। वे 1966-67 में राव वीरेंद्र सिंह की प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री भी रहे। चांद राम संयुक्त पंजाब और हरियाणा में विधायक भी रहे।
1922 में उनका जन्म खरहर गांव (हाल जिला झज्जर) में हुआ था। पूर्व मंत्री के निधन पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शोक जताया है। अपने शोक संदेश में सीएम ने चांद राम को एक प्रबुद्ध राजनीतिक बताया, जिन्होंने सदैव गरीबों के उत्थान के लिए काम किया।वे अपने पीछे दो बेटे और चार बेटियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने सुराज पार्टी भी बनाई थी।
विज्ञापन