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Haryana: Rohtak PGI में बच्चों की एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी शुरू, बगैर वेटिंग निशुल्क होगी जांच
Wed, 18 Oct 2023 11:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 18 Oct 2023 11:32 PM IST
सार
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग बगैर वेटिंग निशुल्क जांच करेगा प्रदेश के पहले सरकारी अस्पताल में स्पेशल जांच सुविधा मिलेगी।
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पीजीआईएमएस में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की टीम डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के साथ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में पीजीआईएमएस का गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग अब बड़ों की ही नहीं छोटे बच्चों की भी एंडोस्कोपी और कोलोनास्कोपी जांच बगैर वेटिंग और निशुल्क करेगा। अब यहां से किसी मरीज को संस्थान से बाहर दिल्ली या चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा। इस जांच के लिए बाहर दस से 15 हजार रुपये वसूले जाते हैं। यह सुविधा प्रदेश के किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की सुपर स्पेशियलिटी में उपलब्ध विशेष सुविधाओं में बच्चों की एंडोस्कोपी आर कोलोनोस्कोपी जांच भी शामिल हो गई है। गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना व निदेशक डॉ. एसएस लोहचब के प्रयासों से यह जांच विभाग में संभव हो पाई।
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इसका लाभ प्रदेश के हजारों मरीजों को मिलेगा। छोटे बच्चों की एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी बड़ों के मुकाबले काफी जटिल प्रक्रिया है। क्योंकि छोटे बच्चों के खाने की पाइप, पेट और आंत काफी नाजुक और छोटी होती हैं। इसलिए इनकी एंडोस्कोपी की पाइप भी पतली होती है। गौरतलब है डॉ. प्रवीण अभी तक करीब 37000 मरीजों की एंडोस्कोपी जांच बगैर किसी वेटिंग दिए कर चुके हैं।
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फॉरेन बॉडी निकालना व बॉयोप्सी लेना होगा आसान
सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि अब विभाग में जांच मशीन आने से बच्चों के पेट में गई फॉरेन बाडी निकालना और आंत की बॉयोप्सी लेना आसान हो जाएगा। खून की नसों में छल्ले लगाने और टीका लगाना आसान हो जाएगा। क्योंकि अकसर बच्चे गलती से मैगनेट, सुई, कंचे जैसी चीजें निगल लेते हैं। ऐसे में सर्जरी करना या बाहर रेफर करना ही विकल्प होता था। अब बगैर किसी ऑपरेशन के इन चीजों को निकालना आसान हो जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में गेहूं की एलर्जी की समस्या के मरीजों की छोटी आंत से बॉयोप्सी लेना आसान हो जाएगा। आंत में जख्म व कैंसर आदि की जांच आसान हो जाएगी।
जानें...क्या है एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी जांच
एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी जांच में पाइप के टॉप पर कैमरा लगा होता है और इसके साथ चैनल होता है। कैमरा से अंदर का सारा दृश्य देखा जाता है और साथ चैनल से उपकरण अंदर ले जाया जाता है। इसका प्रयोग मुंह के रास्ते रुके हुए रास्ते को खोलना, बॉयोप्सी लेना, टांका लगाना, किसी चीज को बाहर लाना आदि होता है। एंडोस्कोपी में खाने की पाइप, पेट, छोटी आंत तक की जांच होती है। वहीं कोलोनोस्कोपी में बड़ी आंत की जांच होती है। इसमें भी कैमरे के साथ चैनल वाली पाइप गुदा के रास्ते पूरी बड़ी आंत में जाती है। दोनों पाइप पतली होती है ताकि मरीज को समस्या न हो। ये जांचें मरीज को बिना बेहोश किए और सुन किए होती हैं।