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नगर निगम ठेके के साथ सफाई कर्मचारियों का रोजगार छिना, सेवा समाप्त का थमाया नोटिस
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शहर के पार्कों और शौचालयों में काम करने वाले सफाई कर्मचारी नगर पालिका कर्मचारी संघ रोहतक के प्रध?
नगर निगम क्षेत्र में बने शौचालय व शहर के पार्क में काम करने वाले सफाई कर्मचारी मंगलवार को निगम परिसर में एकत्रित हुए। नगर पालिका कर्मचारी संघ (इकाई) के अध्यक्ष संजय बिड़लान से कर्मचारियों ने मुलाकात की और बताया कि 225 कर्मचारी लगातार 4 से 5 वर्ष से ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहे हैं। कार्यकाल संतोषजनक होने के बावजूद निगम व ठेकेदार का अनुबंध समाप्त होने पर सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। इस कारण उनका रोजगार समाप्त हो गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि ठेका समाप्त होने के साथ वे भी सड़कों पर आ गए हैं। इसके कारण उनके परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो जाएगा। इस विषय पर संघ के पदाधिकारियों ने गहनता से विचार कर निर्णय लिया कि नगर पालिका कर्मचारी संघ इस समस्या में उनके साथ खड़ा रहेगा। संघ निगम प्रशासन को मांगपत्र देगा। इसमें मांग की जाएगी कि ठेके पर लगे कर्मचारी निगम की ओर से जारी नए ठेके के ठेकेदार के पास प्राथमिकता से लिए जाएंगे। निविदा शर्तों में इस बिंदु को जोड़ा जाए, ताकि कर्मचारियों व उनके परिवार का पालन-पोषण सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर अनिल कागंडा जिला प्रधान, प्रेम सागर, संजय झिंगाल, सरवन बोहत, विक्की बिडलान, वीरेंद्र गुर्जर, रवि चड्डा, अंकित आदीवाल, जतिन, मुकेश सारवान, सतीश भालोट, कवंल राणा, पवन राणा मौजूद रहा।
नौकरी बहाली नहीं हुई तो होगा आरपार का आंदोलन
नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय, पार्क और कम्युनिटी सेंटर में काम करने वाले 250 सफाई कर्मचारी व अन्य ठेका कर्मचारी सड़क पर आने के खतरे से आहत हैं। ठेका समाप्त होने से उनकी नौकरी पर तलवार लटक गई है। इसके चलते कर्मचारियों ने रोष सभा की। रोष सभा में सर्वसम्मति से दो दिनों में सभी कर्मचारियों की नौकरी बहाली नहीं होने पर 30 सितंबर से आरपार का आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया।
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महावीर पार्क में एकत्रित ठेका कर्मचारियों से सीटू के जिला सचिव विनोद ने कहा कि नगर निगम के 250 कर्मचारियों की नौकरी पर लटक रही तलवार प्रदेश सरकार के दावे की पोल खोल रही है। इसमें भ्रामक प्रचार के माध्यम से सरकार ठेका प्रथा को खत्म करने का दावा कर रही है। सरकार का स्वच्छता के माध्यम से स्मार्ट सिटी बनाने पर का दावा भी हवा में है। इसलिए नगरपालिका कर्मचारी संघ और सीटू ने आंदोलन का फैसला लिया है। इस मौके पर सुरेंद्र, शंकर, विक्की, मंजीत,अंजू, प्रेम, पुष्पा, रानी, कृष्णा, सुमन, संगीता, धर्मवीर, रामकुमार, अमन, अजय, जसबीर, सुरेश, बिट्टू, सुरेंद्र, राजपाल, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने कहा कि ठेका समाप्त होने के साथ वे भी सड़कों पर आ गए हैं। इसके कारण उनके परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो जाएगा। इस विषय पर संघ के पदाधिकारियों ने गहनता से विचार कर निर्णय लिया कि नगर पालिका कर्मचारी संघ इस समस्या में उनके साथ खड़ा रहेगा। संघ निगम प्रशासन को मांगपत्र देगा। इसमें मांग की जाएगी कि ठेके पर लगे कर्मचारी निगम की ओर से जारी नए ठेके के ठेकेदार के पास प्राथमिकता से लिए जाएंगे। निविदा शर्तों में इस बिंदु को जोड़ा जाए, ताकि कर्मचारियों व उनके परिवार का पालन-पोषण सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर अनिल कागंडा जिला प्रधान, प्रेम सागर, संजय झिंगाल, सरवन बोहत, विक्की बिडलान, वीरेंद्र गुर्जर, रवि चड्डा, अंकित आदीवाल, जतिन, मुकेश सारवान, सतीश भालोट, कवंल राणा, पवन राणा मौजूद रहा।
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नौकरी बहाली नहीं हुई तो होगा आरपार का आंदोलन
नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय, पार्क और कम्युनिटी सेंटर में काम करने वाले 250 सफाई कर्मचारी व अन्य ठेका कर्मचारी सड़क पर आने के खतरे से आहत हैं। ठेका समाप्त होने से उनकी नौकरी पर तलवार लटक गई है। इसके चलते कर्मचारियों ने रोष सभा की। रोष सभा में सर्वसम्मति से दो दिनों में सभी कर्मचारियों की नौकरी बहाली नहीं होने पर 30 सितंबर से आरपार का आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया।
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महावीर पार्क में एकत्रित ठेका कर्मचारियों से सीटू के जिला सचिव विनोद ने कहा कि नगर निगम के 250 कर्मचारियों की नौकरी पर लटक रही तलवार प्रदेश सरकार के दावे की पोल खोल रही है। इसमें भ्रामक प्रचार के माध्यम से सरकार ठेका प्रथा को खत्म करने का दावा कर रही है। सरकार का स्वच्छता के माध्यम से स्मार्ट सिटी बनाने पर का दावा भी हवा में है। इसलिए नगरपालिका कर्मचारी संघ और सीटू ने आंदोलन का फैसला लिया है। इस मौके पर सुरेंद्र, शंकर, विक्की, मंजीत,अंजू, प्रेम, पुष्पा, रानी, कृष्णा, सुमन, संगीता, धर्मवीर, रामकुमार, अमन, अजय, जसबीर, सुरेश, बिट्टू, सुरेंद्र, राजपाल, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।