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पीजीआई में ब्लैक फंगस के मरीजों की हो रही आपात सर्जरी, इंजेक्शन का टोटा
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पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीजों की लगातार आपात सर्जरी की जा रही है। लेकिन इंजेक्शन की कमी पूरी नहीं हो रही है। इसके चलते मरीजों की जान संकट में है। संस्थान ने सरकार से छह हजार इंजेक्शन की डिमांड भेजी है, जबकि प्रतिदिन 200 के आसपास ही मिल रहे हैं।
ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या पीजीआईएमएस के नेत्र व ईएनटी वार्ड में 106 हो गई है। इसके अलावा डेंटल विभाग में भी 50 के करीब मरीज उपचाराधीन हैं। मरीजों की स्थिति को देखते हुए संस्थान के डॉक्टर लगातार ऑपरेशन कर रहे हैं और ब्लैक फंगस को आंखों व ब्रेन तक जाने से रोक रहे हैं। रविवार की शाम चार बजे तक डॉक्टरों ने पांच ऑपरेशन कर दिए थे और पांच मरीजों का ऑपरेशन वेटिंग में चल रहा था। ब्लैक फंगस के मरीजों ने बताया कि जब तक मरीज को इंजेक्शन नहीं मिलेगा वह ठीक कैसे होंगे। ऑपरेशन ब्लैक फंगस को आगे बढ़ने की गति को कम कर सकता है न कि उसे ठीक कर सकता है। पीजीआईएमएस के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को 10 मरीजों का ऑपरेशन हुआ है। अप्रूवल कमेटी की डिमांड के अनुसार इंजेक्शन आ रहे हैं और इन्हें मरीजों को लगाया भी जा रहा है। संस्थान में 106 ब्लैक फंगस के मरीज दाखिल हैं। दो गंभीर मरीजों में से एक को मेडिसिन व एक को डेंटल विभाग में रेफर किया गया है। हमने सरकार को छह हजार इंजेक्शन की डिमांड भेज रखी है।
जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में 42 ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं। रविवार को किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। मरीजों को सही उपचार मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या पीजीआईएमएस के नेत्र व ईएनटी वार्ड में 106 हो गई है। इसके अलावा डेंटल विभाग में भी 50 के करीब मरीज उपचाराधीन हैं। मरीजों की स्थिति को देखते हुए संस्थान के डॉक्टर लगातार ऑपरेशन कर रहे हैं और ब्लैक फंगस को आंखों व ब्रेन तक जाने से रोक रहे हैं। रविवार की शाम चार बजे तक डॉक्टरों ने पांच ऑपरेशन कर दिए थे और पांच मरीजों का ऑपरेशन वेटिंग में चल रहा था। ब्लैक फंगस के मरीजों ने बताया कि जब तक मरीज को इंजेक्शन नहीं मिलेगा वह ठीक कैसे होंगे। ऑपरेशन ब्लैक फंगस को आगे बढ़ने की गति को कम कर सकता है न कि उसे ठीक कर सकता है। पीजीआईएमएस के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को 10 मरीजों का ऑपरेशन हुआ है। अप्रूवल कमेटी की डिमांड के अनुसार इंजेक्शन आ रहे हैं और इन्हें मरीजों को लगाया भी जा रहा है। संस्थान में 106 ब्लैक फंगस के मरीज दाखिल हैं। दो गंभीर मरीजों में से एक को मेडिसिन व एक को डेंटल विभाग में रेफर किया गया है। हमने सरकार को छह हजार इंजेक्शन की डिमांड भेज रखी है।
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जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में 42 ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं। रविवार को किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। मरीजों को सही उपचार मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन