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Rohtak News: बिना प्यास भी पीएं पानी, सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा होगा कम

Thu, 08 Jan 2026 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Thu, 08 Jan 2026 02:12 AM IST
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Drinking water even when you're not thirsty will reduce your risk of heart attack in winter.
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। सर्दी में पारा गिरते ही खून की नलियां सिकुड़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। हार्ट अटैक तक का खतरा बढ़ जाता है। पीजीआई के विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में बिना प्यास के भी रोजाना डेढ़ से दो लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।
पीजीआई के हृदय विशेषज्ञ डॉ. अपूर्व नरूला बताते हैं कि सर्दी में प्यास कम लगती है। ठंड के कारण लोग पानी पीने से बचते भी हैं। लेकिन, पानी की कमी से ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ जाता है। इससे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
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खून गाढ़ा हो जाने पर दिल को पंपिंग में और जोर लगाना पड़ता है। इससे दिमाग की नसें फटने का खतरा बढ़ता है। कई लोगों को सिर दर्द की होने लगता है। लगातार दबाव से दिल का आकार बढ़ने लगता है। खून के थक्के जमने का भी खतरा हो सकता है। शुगर बढ़ने का किडनी पर बुरा असर पड़ता है।
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प्रदूषण से बढ़ रहीं हृदय संबंधी समस्याएं
सर्दी में खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया भी दिल के लिए दुखदायी साबित होते हैं। इनसे पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बढ़ता प्रदूषण भी दिल की सेहत के लिए खतरा है। प्रदूषित हवा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। फेफड़े और हृदय आपस में जुड़े होने से हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
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आंखों को भी हाइड्रेट रखना जरूरी
सर्दी में आंखों को भी हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एसपीएस भाटिया बताते हैं कि शुष्क हवा के कारण आंखों में सूखापन बढ़ जाता है। पर्याप्त पानी पीने, प्रिजर्वेटिव-फ्री लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप के इस्तेमाल और बाहर जाते समय धूप का चश्मा पहनने से आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सीने में भारीपन या दर्द, सांस लेने में परेशानी व अत्यधिक पसीना आना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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ये बरतें सावधानी
डॉ. नरूला के मुताबिक, सर्दी में रोजाना डेढ़ से दो लीटर पानी पीना बेहद जरूरी है। इससे खून का संचार अच्छा रहता है, गाढ़ापन भी संतुलित रहता है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए हर्बल टी, सूप, काढ़ा और ग्रीन टी जैसे तरल भी ले सकते हैं। सर्दी में शराब और धूम्रपान से बचना चाहिए। धूम्रपान खून की नलियों की चौड़ाई को घटाता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा दोगुना हो जाता है।

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तले-भुने और चिकने खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी

हृदय रोगियों को सर्दी में दो से तीन लेयर कपड़े जरूर पहनना चाहिए। सुबह की सैर से बचना चाहिए। तले-भुने और चिकने खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। अधिक घी, बटर, रेवड़ी और गजक नुकसानदायी हो सकते हैं। सब्जियों व फलों को आहार में शामिल करना जरूरी है।
- डॉ. मनदीप, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
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