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Rohtak News: चिकित्सा बॉन्ड नीति पर डीएमईआर अधिकारी के जवाब से एमबीबीएस छात्रों की चिंता बढ़ी
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21- पीजीआईएमएस में विधानसभा समिति व डीएमईआर को चिकित्सा बॉन्ड नीति को स्पष्ट करने को लेकर ज्ञा
- फोटो : 1
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विवि में वर्ष 2020 के एमबीबीएस छात्र 28 फरवरी में पासआउट होने वाले हैं लेकिन अब तक चिकित्सा बॉन्ड पॉलिसी को लेकर स्पष्टता न होने से रोष है। इसको लेकर ही वीरवार को पीजीआईएमएस में हरियाणा विधानसभा की स्वास्थ्य सेवाएं एवं स्वास्थ्य शिक्षा समिति व डीएमईआर को चिकित्सा बॉन्ड नीति को स्पष्ट करने को लेकर ज्ञापन सौंपा।
विधानसभा समिति व डीएमईआर (डायरेक्ट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) की तरफ से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया। हालांकि, छात्रों ने बताया कि डीएमईआर के जवाब से साफ लग रहा है कि चिकित्सा बॉन्ड नीति को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है।
इस दौरान 2020–21 बैच के एमबीबीएस छात्रों ने सेवा शर्तें, वेतन संरचना समेत 17 बिंदुओं पर केंद्रित ज्ञापन समिति को सौंपा। इसमें बॉन्ड नीति की खामियों को बिंदुवार बताया गया है। यह ज्ञापन समिति के सदस्यों के साथ-साथ डीएमईआर हरियाणा को भी औपचारिक रूप से सौंपा गया।
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ये हैं मांगें
सेवा शर्तें, वेतन संरचना, पोस्टिंग, मेडिको-लीगल सुरक्षा, पीजी अध्ययन, बॉन्ड से बाहर निकलने की प्रक्रिया और शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्ट करने की मांगें शामिल हैं। छात्रों ने सभी शंकाओं के समाधान होने तक बाध्यकारी सहमति न लेने का आग्रह किया।
छात्र अक्षत मित्तल बताया कि डीएमईआर अधिकारी ने जवाब दिया कि इसको लेकर नीति व पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जल्द समाधान किया जाएगा। वह सरकारी सेवा के विरोध में नहीं हैं बल्कि नीति के तहत एसओपी व स्पष्ट नियमों की कमी को लेकर चिंतित हैं। उनका बिना पूर्ण जानकारी के सहमति लेना न्यायसंगत नहीं है।
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विधानसभा समिति को चिकित्सा बॉन्ड नीति को लेकर ज्ञापन सौंपा है। डीएमईआर अधिकारी की तरफ से कहा गया कि इसको लेकर फिलहाल पोर्टल व नीति तैयार की जा रही है। इस महीने बैच पासआउट होने वाला है। फिलहाल नीतियां बनाई जा रही हैं। जल्द समाधान का आश्वासन मिला है। अगर जल्द समाधान न हुआ तो मुख्यमंत्री को शिकायत करने पर विचार किया जाएगा।
- अंकित वर्मा, अध्यक्ष, अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स एंड इंटर्न एसोसिएशन
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विधानसभा समिति व डीएमईआर (डायरेक्ट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) की तरफ से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया। हालांकि, छात्रों ने बताया कि डीएमईआर के जवाब से साफ लग रहा है कि चिकित्सा बॉन्ड नीति को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है।
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इस दौरान 2020–21 बैच के एमबीबीएस छात्रों ने सेवा शर्तें, वेतन संरचना समेत 17 बिंदुओं पर केंद्रित ज्ञापन समिति को सौंपा। इसमें बॉन्ड नीति की खामियों को बिंदुवार बताया गया है। यह ज्ञापन समिति के सदस्यों के साथ-साथ डीएमईआर हरियाणा को भी औपचारिक रूप से सौंपा गया।
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ये हैं मांगें
सेवा शर्तें, वेतन संरचना, पोस्टिंग, मेडिको-लीगल सुरक्षा, पीजी अध्ययन, बॉन्ड से बाहर निकलने की प्रक्रिया और शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्ट करने की मांगें शामिल हैं। छात्रों ने सभी शंकाओं के समाधान होने तक बाध्यकारी सहमति न लेने का आग्रह किया।
छात्र अक्षत मित्तल बताया कि डीएमईआर अधिकारी ने जवाब दिया कि इसको लेकर नीति व पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जल्द समाधान किया जाएगा। वह सरकारी सेवा के विरोध में नहीं हैं बल्कि नीति के तहत एसओपी व स्पष्ट नियमों की कमी को लेकर चिंतित हैं। उनका बिना पूर्ण जानकारी के सहमति लेना न्यायसंगत नहीं है।
विधानसभा समिति को चिकित्सा बॉन्ड नीति को लेकर ज्ञापन सौंपा है। डीएमईआर अधिकारी की तरफ से कहा गया कि इसको लेकर फिलहाल पोर्टल व नीति तैयार की जा रही है। इस महीने बैच पासआउट होने वाला है। फिलहाल नीतियां बनाई जा रही हैं। जल्द समाधान का आश्वासन मिला है। अगर जल्द समाधान न हुआ तो मुख्यमंत्री को शिकायत करने पर विचार किया जाएगा।
- अंकित वर्मा, अध्यक्ष, अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स एंड इंटर्न एसोसिएशन