{"_id":"61561a148ebc3e4715055aef","slug":"dm-course-expected-to-start-soon-in-pgi-rohtak-news-rtk6256487141","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई में जल्द ही डीएम कोर्स शुरू होने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई में जल्द ही डीएम कोर्स शुरू होने की उम्मीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही पीजीआई में डीएम कॉर्डियोलॉजी (डॉक्टर्स ऑफ मेडिसन इन कॉर्डियोलॉजी) कोर्स शुरू हो जाएगा। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम संस्थान का दौरा कर चुकी है। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस की सुपरस्पेशिलिटी सुविधाओं में खास कर हृदय रोग विभाग में गुणात्मक सुधार आने वाला है। पहली बार इस विभाग में डीएम कॉर्डियोलॉजी कोर्स शुरू होने की उम्मीद है। इस तीन वर्षीय सुपरस्पेशिलिटी कोर्स की आधारभूत जरूरतें व कागजी कार्रवाई पूरी हो गई है। कोर्स शुरू करने से पहले एनएमसी की टीम ने 27 अगस्त को संस्थान का दौरा कर व्यवस्था का जायजा भी ले चुकी है। इसमें वार्ड, बेड, लैब, ऑपरेशन थियेटर समेत अन्य जरूरी चीजों का आकलन कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। अब वहां से फैसला आना शेष है।
प्रत्येक तीन वर्ष में तैयार होंगे दो विशेषज्ञ
पीजीआई के हृदय रोग विभाग में डीएम कॉर्डियोलॉजी कोर्स शुरू होने से यहां प्रत्येक तीन वर्ष में हृदय रोग के दो विशेषज्ञ तैयार होंगे। विभाग में डॉ. कुलदीप लालड एकमात्र स्पेशलिस्ट हैं। इन्हीं पर मरीजों की जांच, इलाज व अन्य कार्यालय संबंधी कार्यों का भार है।
डॉ. कुलदीप का प्रयास लाएगा रंग
पीजीआई के हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. कुलदीप लालड यहां डीएम कोर्डियोलॉजी कोर्स शुरू करने के लिए जी जान से जुटे हैं। यहां कोर्स शुरू हुआ तो उनके प्रयास रंग लाएंगे और नए हृदय रोग विशेषज्ञ तैयार हो सकेंगे। फिलहाल यहां विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एचओडी अकेले शिक्षक होंगे। इसलिए इस कोर्स की दो ही सीटें मिलने की उम्मीद है। बाद में नए विशेषज्ञों के आने से ये सीटें बढ़ने की भी उम्मीद है।
विज्ञापन
डीएनबी कोर्स हो चुका है शुरू
संस्थान के हृदय रोग विभाग में डीएनबी कोर्स शुरू हो चुका है। यह हृदय रोग के लिए विशेष कोर्स है। इसकी संस्थान के कॉर्डियोलॉजी विभाग में एक ही सीट है। यह डिग्री कोर्स करने के लिए भी मारामारी रहती है।
संस्थान में डीएम कॉर्डियोलॉजी शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस कोर्स के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुरूप सभी तैयारियां कर ली गई हैं। एनएमसी की टीम भी दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुकी है। अब एनएमसी से कोर्स की मंजूरी मिलने का इंतजार है। इसके बाद संस्थान में नए हृदय रोग विशेषज्ञ तैयार किए जा सकेंगे।
-डॉ. कुलदीप लालड, अध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, पीजीआईएमएस।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।
विज्ञापन
प्रत्येक तीन वर्ष में तैयार होंगे दो विशेषज्ञ
पीजीआई के हृदय रोग विभाग में डीएम कॉर्डियोलॉजी कोर्स शुरू होने से यहां प्रत्येक तीन वर्ष में हृदय रोग के दो विशेषज्ञ तैयार होंगे। विभाग में डॉ. कुलदीप लालड एकमात्र स्पेशलिस्ट हैं। इन्हीं पर मरीजों की जांच, इलाज व अन्य कार्यालय संबंधी कार्यों का भार है।
विज्ञापन
डॉ. कुलदीप का प्रयास लाएगा रंग
पीजीआई के हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. कुलदीप लालड यहां डीएम कोर्डियोलॉजी कोर्स शुरू करने के लिए जी जान से जुटे हैं। यहां कोर्स शुरू हुआ तो उनके प्रयास रंग लाएंगे और नए हृदय रोग विशेषज्ञ तैयार हो सकेंगे। फिलहाल यहां विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एचओडी अकेले शिक्षक होंगे। इसलिए इस कोर्स की दो ही सीटें मिलने की उम्मीद है। बाद में नए विशेषज्ञों के आने से ये सीटें बढ़ने की भी उम्मीद है।
विज्ञापन
डीएनबी कोर्स हो चुका है शुरू
संस्थान के हृदय रोग विभाग में डीएनबी कोर्स शुरू हो चुका है। यह हृदय रोग के लिए विशेष कोर्स है। इसकी संस्थान के कॉर्डियोलॉजी विभाग में एक ही सीट है। यह डिग्री कोर्स करने के लिए भी मारामारी रहती है।
संस्थान में डीएम कॉर्डियोलॉजी शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस कोर्स के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुरूप सभी तैयारियां कर ली गई हैं। एनएमसी की टीम भी दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुकी है। अब एनएमसी से कोर्स की मंजूरी मिलने का इंतजार है। इसके बाद संस्थान में नए हृदय रोग विशेषज्ञ तैयार किए जा सकेंगे।
-डॉ. कुलदीप लालड, अध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, पीजीआईएमएस।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।