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देव कॉलोनी हत्याकांड: एमडीयू से पीछा करते हुए घर तक पहुंचा आरोपी, चार गोली मार की वारदात

Sun, 30 Apr 2017 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 30 Apr 2017 02:15 AM IST
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Dev colony massacre: accused of reaching house following chains of MDU
हत्या करने वाले आरोपी का पुलिस अब तक नहीं लगा सकी सुराग - फोटो : amar ujala
कृषि विभाग से रिटायर्ड अधिकारी रणधीर खत्री की कार का एमडीयू से पीछा करते हुए आरोपी देव कॉलोनी स्थित घर तक पहुंचे थे। इसके बाद चार गोलियां मारकर वारदात को अंजाम दिया। वहीं जांच में सामने आया है कि वारदात की एक वजह घर के पास लड़कियों का पीजी होने के चलते आरोपी से बहस भी बताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी तक आरोपी का सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस जांच में अभी तक रणधीर सिंह की हत्या का सही वजह सामने नहीं आ पा रही है। परिजनों ंने भी कुछ बोलने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि उनकी किसी ने रंजिश नहीं है। मामले में पीजीआई थाना प्रभारी राकेश सैनी ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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खत्री को था कुश्ती का शौक

रणधीर सिंह खत्री ने साल 1980 में मॉस्को ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया था। इतना ही नहीं खत्री ने कुश्ती में नेशनल लेवल पर पांच स्वर्ण पदक भी जीत थे। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उनके दोस्त सिंह की कुश्ती के दिनों को याद कर रहे थे। कुश्ती कोच ईश्वर सिंह दहिया ने बताया कि उन्होंने खत्री के साथ काफी समय बिताया। दहिया का कहना है कि रणधीर सिंह ने कभी भी किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं किया। खत्री को शुरू में कुश्ती का शौक था। दहिया ने बताया कि खत्री ने ओलंपिक खेल के लिए क्वालीफाई किया था। मगर किन्हीं परिस्थितियों के चलते वे खेलों में हिस्सा नहीं ले सके। रणधीर सिंह 62 किलोग्राम वजन में खेलते थे। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में सामने आया कि रणधीर को चार गोलियां मारी गई थी।
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तीन बार उत्तीर्ण की आईएएस की परीक्षा

खत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर भी क ई कुश्ती प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उन्होंने यूपी के गाजियाबाद, हैदराबाद, करनाल सहित अन्य जगहों पर हुई प्रतियोगिताओं में पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किये थे। कुश्ती छोड़ने के बाद वे कृषि वैज्ञानिक बने। कुश्ती कोच ईश्वर सिंह का कहना है कि खत्री ने तीन बार आईएएस की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन वे साक्षात्कार में पास नहीं हो सके।
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ये था मामला

देव कॉलोनी स्थित मेहर सिंह के अखाड़े वाली गली में 56 वर्षीय रणधीर खत्री का मकान है। मूलरूप से कसरैंटी निवासी रणधीर अपनी पत्नी के साथ मकान में रहते थे। शुक्रवार रात करीब 10 बजे वे एमडीयू में दोस्तों से मिलकर कार लेकर घर आये थे। उनका बड़ा बेटा राहुल घर पर मौजूद था। उन्होंने घर के बाहर कार रोककर गेट खुलवाने के लिए घंटी बजाई। ताकि कार को अंदर खड़ी कर सकें। जब तक उनका बेटा गेट तक पहुंचा तभी पीछे से आये एक बाइक सवार ने रणधीर सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे मौके पर रणधीर ने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी आराम से बाइक पर बैठकर दिल्ली रोड की तरफ फरार हो गया था।
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