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डेंगू का डंक भी हुआ तेज, पांच दिन में मिले 9 केस
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एंटी लार्वा अभियान के तहत घरों में चेकिंग करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। विज्ञप्ति
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कोरोना के साथ डेंगू के डंक का खतरा भी बढ़ गया है। पिछले पांच दिन में जिले में डेंगू के नौ मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। मंगलवार को शहर के सेक्टर एक, सैनी आनंदपुरा और एमडीयू कैंपस में एक-एक डेंगू का मरीज मिला। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या ने आमजन के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी चिंता में डाल दिया है।
मच्छरजनित रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग की टीम ने एंटी लार्वा एक्टिविटी के साथ जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत लोगों को घरों के आसपास पानी जमा होने व लार्वा न पनपने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरजनित रोगों पर अंकुश के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी लार्वा गतिविधि चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को लाढ़ौत में पोषण सप्ताह, पोलियो प्रोग्राम के साथ लोगों को मच्छर जनित रोगों की जानकारी दी गई। टीम ने ग्रामीण क्षेत्र के 305 घरों को जांचा। इनमें पांच स्थानों पर लार्वा पाया गया। शहरी क्षेत्र में 1148 घरों को जांचा। इनमें से 25 में लार्वा पाया गया। इन सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। साथ ही दोबारा दौरे पर लार्वा मिला तो चालान किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान पानी की टंकी, कूलर, ड्रम, टायर, टूटे बर्तन, डिब्बे, रद्दी सामान व पानी के अन्य स्रोत भी जांचे गए। टीम ने लोगों को मच्छर का लार्वा नहीं पनपने देने के लिए जरूरी उपाय अमल में लाने की भी सलाह दी।
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अब तक 3921 लोगों को नोटिस जारी
जिले में अब तक डेंगू के 22 केस मिल चुके हैं। पिछले साल यह संख्या महज 10 थी। इसके अलावा अब तक 3921 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 3077 लोगों को नोटिस दिए गए थे। टीम ने लोगों को बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोली लेने की सलाह दी। इस मौके पर नोडल अधिकारी डॉ. कपिल गुप्ता, सीडीपीओ, सुपरवाइजर रामप्रकाश, स्वास्थ्य कार्यकर्ता रविंद्र कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
- सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान व फ्रीज की ट्रे जरूर साफ करें।
- पशु पक्षियों के बर्तन, ड्रम को खाली करके सुखाएं, फिर पानी डालें।
- शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले पूरी बाज के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- ठहरे पानी में मिट्टी का तेल या लार्वानाशक दवाई डालें।
वर्जन
डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट है। जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी के अलावा मच्छर जनित रोगों से अवगत कराया जा रहा है। रोडवेज डिपो पर विशेष जांच अभियान के तहत टायरों की जांच की जाएगी। रोडवेज व अन्य विभागों के साथ तालमेल बनाते हुए मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए कहीं पानी जमा न रहे। गड्ढों में काला तेल डाला जाएगा। फॉगिंग भी की जाएगी।
- डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन
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मच्छरजनित रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग की टीम ने एंटी लार्वा एक्टिविटी के साथ जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत लोगों को घरों के आसपास पानी जमा होने व लार्वा न पनपने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरजनित रोगों पर अंकुश के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी लार्वा गतिविधि चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को लाढ़ौत में पोषण सप्ताह, पोलियो प्रोग्राम के साथ लोगों को मच्छर जनित रोगों की जानकारी दी गई। टीम ने ग्रामीण क्षेत्र के 305 घरों को जांचा। इनमें पांच स्थानों पर लार्वा पाया गया। शहरी क्षेत्र में 1148 घरों को जांचा। इनमें से 25 में लार्वा पाया गया। इन सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। साथ ही दोबारा दौरे पर लार्वा मिला तो चालान किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान पानी की टंकी, कूलर, ड्रम, टायर, टूटे बर्तन, डिब्बे, रद्दी सामान व पानी के अन्य स्रोत भी जांचे गए। टीम ने लोगों को मच्छर का लार्वा नहीं पनपने देने के लिए जरूरी उपाय अमल में लाने की भी सलाह दी।
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अब तक 3921 लोगों को नोटिस जारी
जिले में अब तक डेंगू के 22 केस मिल चुके हैं। पिछले साल यह संख्या महज 10 थी। इसके अलावा अब तक 3921 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष 3077 लोगों को नोटिस दिए गए थे। टीम ने लोगों को बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोली लेने की सलाह दी। इस मौके पर नोडल अधिकारी डॉ. कपिल गुप्ता, सीडीपीओ, सुपरवाइजर रामप्रकाश, स्वास्थ्य कार्यकर्ता रविंद्र कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
- सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान व फ्रीज की ट्रे जरूर साफ करें।
- पशु पक्षियों के बर्तन, ड्रम को खाली करके सुखाएं, फिर पानी डालें।
- शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले पूरी बाज के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- ठहरे पानी में मिट्टी का तेल या लार्वानाशक दवाई डालें।
वर्जन
डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट है। जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी के अलावा मच्छर जनित रोगों से अवगत कराया जा रहा है। रोडवेज डिपो पर विशेष जांच अभियान के तहत टायरों की जांच की जाएगी। रोडवेज व अन्य विभागों के साथ तालमेल बनाते हुए मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए कहीं पानी जमा न रहे। गड्ढों में काला तेल डाला जाएगा। फॉगिंग भी की जाएगी।
- डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन