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Rohtak News: राजकीय महाविद्यालय दुबलधन मेंडिफेंस स्टडीज विषय शुरू कराने की उठाई मांग
Thu, 25 Apr 2024 09:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 25 Apr 2024 09:32 PM IST
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25jjrp17 राजकीय महाविद्यालय दूबलधन अपना मांग पत्र देते हुए ग्राम पंचायत के पदाधिकारी ।संवाद
बेरी। राजकीय महाविद्यालय दुबलधन में डिफेंस स्टडीज एसोसिएशन और ग्राम पंचायत दुबलधन की तरफ से स्नातक स्तर पर डिफेंस स्टडीज विषय को लागू करने के लिए मांग की है। डिफेंस स्टडीज एसोसिएशन ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मयंक मेहरा को ज्ञापन सौंपकर इसी सत्र से डिफेंस स्टडीज विषय को शुरू करवाने की मांग की।
एसोसिएशन की तरफ से डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सैन्य विज्ञान में शिक्षा प्राप्त कर चुके छात्र न केवल सेना में देश की सुरक्षा कर रहे हैं बल्कि राष्ट्रीय हित के अन्य मोर्चों पर भी अपनी जवाबदेही तय करते हैं। उन्होंने बताया कि आज विश्व के राष्ट्रों का ध्रुवीकरण के कारण वर्तमान में माहौल राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूम रहा है। वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए देश की आंतरिक और सीमावर्ती सुरक्षा की हालात के दृष्टिगत भारत में एक समावेश सैन्य शिक्षा की आवश्यकता है। वही ग्रामीणों की तरफ से जगपाल सिंह (सरपंच) ने बताया कि हरियाणा के युवाओं का अंग्रेजों के समय से ही सैन्य क्षेत्र में मुख्य भूमिका के रूप में योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि डिफेंस स्टडीज विषय को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 5 वर्षीय एलएलबी और एनसीसी पाठ्यक्रम में ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल किया गया है, जिससे इस विषय में रोजगार के और अधिक अवसर बढ़ गए हैं। इस दौरान महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मयंक मेहरा ने डिफेंस स्टडीज एसोसिएशन और ग्रामीणों को विषय को खोलने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर सूबे साहब, रणवीर, सोनू पंच व पवन उपस्थित रहे।
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एसोसिएशन की तरफ से डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सैन्य विज्ञान में शिक्षा प्राप्त कर चुके छात्र न केवल सेना में देश की सुरक्षा कर रहे हैं बल्कि राष्ट्रीय हित के अन्य मोर्चों पर भी अपनी जवाबदेही तय करते हैं। उन्होंने बताया कि आज विश्व के राष्ट्रों का ध्रुवीकरण के कारण वर्तमान में माहौल राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूम रहा है। वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए देश की आंतरिक और सीमावर्ती सुरक्षा की हालात के दृष्टिगत भारत में एक समावेश सैन्य शिक्षा की आवश्यकता है। वही ग्रामीणों की तरफ से जगपाल सिंह (सरपंच) ने बताया कि हरियाणा के युवाओं का अंग्रेजों के समय से ही सैन्य क्षेत्र में मुख्य भूमिका के रूप में योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि डिफेंस स्टडीज विषय को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 5 वर्षीय एलएलबी और एनसीसी पाठ्यक्रम में ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल किया गया है, जिससे इस विषय में रोजगार के और अधिक अवसर बढ़ गए हैं। इस दौरान महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मयंक मेहरा ने डिफेंस स्टडीज एसोसिएशन और ग्रामीणों को विषय को खोलने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर सूबे साहब, रणवीर, सोनू पंच व पवन उपस्थित रहे।
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