{"_id":"58fbc8b84f1c1b922e8b48ac","slug":"teasing-haryana-rohtak-mdu-student-girls-sp-police-fraud","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूआईईटी में छेड़खानी से पीड़ित छात्राएं नहीं आईं सामने, शिकायत खारिज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूआईईटी में छेड़खानी से पीड़ित छात्राएं नहीं आईं सामने, शिकायत खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:48 AM IST
विज्ञापन
eve teasing
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमडीयू के यूआईईटी में छेड़छाड़ का मामले में किसी भी छात्रा के सामने न आने पर मामले को खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने दावा किया है कि शिकायत में जिन छात्राओं के नाम थे, इन नामों की कोई छात्रा ही नहीं मिली। ऐसे में शिकायत को फर्जी करार दे दिया गया।
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की कुछ छात्राओं ने पिछले महीने होली के समारोह के दौरान तीन कर्मचारियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। छात्राओं द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कर्मचारियों के साथ उनके बाहरी दोस्त भी थे। कर्मचारियों और उनके दोस्तों ने उनके साथ छेड़खानी की। इस शिकायत पर करीब पांच छात्र-छात्राओं के नाम हैं। यह मामला यूनिवर्सिटी की ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा एवं यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ के पास भी गया है। इस मामले में यूआईईटी के डायरेक्टर प्रो. राहुल ऋषि ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा गई है। जांच में पाया गया कि जिन छात्राओं के नाम से शिकायत है उस नाम की छात्राएं ही नहीं हैं और न ही कोई छात्रा सामने आ रही है। कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। पूरी जांच-पड़ताल के बाद यह शिकायत फर्जी पायी गई है। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट में भी एक छात्रा ने अपने शिक्षक पर छेड़खानी का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की कुछ छात्राओं ने पिछले महीने होली के समारोह के दौरान तीन कर्मचारियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। छात्राओं द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कर्मचारियों के साथ उनके बाहरी दोस्त भी थे। कर्मचारियों और उनके दोस्तों ने उनके साथ छेड़खानी की। इस शिकायत पर करीब पांच छात्र-छात्राओं के नाम हैं। यह मामला यूनिवर्सिटी की ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा एवं यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ के पास भी गया है। इस मामले में यूआईईटी के डायरेक्टर प्रो. राहुल ऋषि ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा गई है। जांच में पाया गया कि जिन छात्राओं के नाम से शिकायत है उस नाम की छात्राएं ही नहीं हैं और न ही कोई छात्रा सामने आ रही है। कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। पूरी जांच-पड़ताल के बाद यह शिकायत फर्जी पायी गई है। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट में भी एक छात्रा ने अपने शिक्षक पर छेड़खानी का आरोप लगाया था।
विज्ञापन