फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Rohtak fire case, investigation lasted for five months, remains of jewelry and cash not found in ashes

रोहतक में आग का मामला: पांच महीने चली जांच, राख में नहीं मिले जेवरात-नकदी के अवशेष, अब पड़ोसियों पर केस दर्ज

Sat, 20 May 2023 11:27 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 20 May 2023 11:27 AM IST
सार

रोहतक में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार पड़ोसियों ने मकान बेचने का दबाव बनाने के लिए षड़यंत्र के तहत पहले सामान चोरी किया, फिर आग लगने की फर्जी कहानी बना दी।

विज्ञापन
Rohtak fire case, investigation lasted for five months, remains of jewelry and cash not found in ashes
रोहतक पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोहतक के शहर के पाड़ा मोहल्ले में घर के अंदर मिली राख के अंदर 20 लाख के जेवरात, नकदी व सामान के अवशेष नहीं मिले। शक है कि पड़ोसियों ने मकान बेचने का दबाव बनाने के लिए षड़यंत्र के तहत पहले सामान चोरी किया, फिर आग लगने की फर्जी कहानी बना दी। पांच माह चली जांच के बाद पुलिस ने अब पड़ोसियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

विज्ञापन


मकान मालकिन ने पड़ोसियों पर जताया शक, पांच माह की जांच के बाद केस दर्ज
पुलिस को दी शिकायत में पाड़ा मोहल्ला निवासी मंजीत कौर ने दी शिकायत में बताया कि वह काफी समय से हिसार में रहने लगी। यहां पर उसका मकान है। 14 जनवरी 2023 को पड़ोस के व्यक्ति डेविड ने फोन किया, जिसे लड़की रुबी ने उठाया। डेविड ने बताया कि आपके मकान में आग लग गई है। उसने फायर ब्रिगेड को बुला लिया है और पुलिस को भी फोन कर दिया है। मकान का ताला तोड़कर आग बुझाई गई है।
विज्ञापन


पाड़ा मोहल्ला निवासी मंजीत कौर ने जनवरी में दी थी पुरानी सब्जी मंडी थाने में शिकायत 
वह मकान पर पहुंची तो घर के अंदर रखे लाखों रुपये के जेवरात व 10 हजार की नकदी व सारा घरेलू सामान मकान में नहीं थे। जबकि मकान के अंदर हॉल में आग की राख पड़ी थी, जिसकी कड़ियां जली हुई थी। जिस कमरे में कीमती सामान था, वहां कोई आग नहीं लगी थी। राख के अंदर भी कीमती सामान के अवशेष नहीं मिले। जब उसने पूछा कि मकान में आग कैसे लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आग लगाने के लिए षड़यंत्र रचा
न तो बिजली का कलेक्शन है, न गैस सिलेंडर है। जेवरात व दूसरा सामान जल गया, लेकिन प्लास्टिक की कुर्सी क्यों नहीं जली। वह पुलिस थाने में गई तो पता चला कि आरोपी ने कोई आगजनी की सूचना नहीं दी। उसे शक है कि आरोपियों ने लाखों रुपये के जेवरात, नकदी व अन्य घर का कीमती सामान चोरी करके आग लगने की फर्जी कहानी बनाई है। पुलिस ने शिकायत देकर मामले की जांच की। अब पांच माह बाद आरोपी डेविड, तनवी गुलाटी, गौरव विज, सुरजन सिंह चावला व पड़ोसी द्रव व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed