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सवालों के बहाने पूर्व सीएम हुड्डा के करीबियों को घेरने की तैयारी 

Thu, 07 Apr 2016 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 07 Apr 2016 02:24 AM IST
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Questions shed close to the former CM Hooda preparing to corner
‌विरेंद्र - फोटो : file photo
प्रोफेसर विरेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के केस में पुलिस ने फिर से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबियों को घेरने की तैयारी कर ली है। पुलिस ने पूर्व विधायक बी. बी. बतरा सहित सैकड़ों लोगों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है।
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बुधवार को काफी लोगों ने एसआईटी को लिखित में बयान भी दिए। वहीं, पुलिस ने मामले में दूसरे आरोपी कैप्टन मानसिंह पर नजर रखने वाले पुलिस कर्मियों को अस्पताल से हटा दिया है। उसके फरार होने के डर से पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
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लोगों से एसआईटी के सवाल-
1- आप क्या काम करते हैं?
2- प्रोफेसर विरेंद्र, पीएसओ सतीश और जयदीप धनखड़ क्या आप इन्हें जानते हो?
3- अगर जानते हो तो आंदोलन के दौरान इनसे मोबाइल पर क्या बात हुई?

भारी खर्चा कर निकलवाई कॉल डिटेल
राजद्रोह के आरोप को झेल रहे प्रोफेसर विरेंद्र सिंह के मामले में पुलिस ने अपनी जान छुड़ाने
के लिए सैकड़ों लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। पुलिस ने भारी भरकम खर्चे के साथ पहले तो संबंधित मोबाइल कंपनियों से आंदोलन के दौरान घटनास्थलों पर घूम रहे सभी यूजर्स की कॉल डिटेल और लोकेशन निकलवाई। इसके बाद कॉल डिटेल के आधार पर सभी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। अब एसआईटी सभी के लिखित में बयान दर्ज करवा रही है। इंस्पेक्टर जगबीर सिंह ने बताया कि कांग्रेस नेता बी. बी. बतरा को भी नोटिस जारी किया गया है। 
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चाहे पुलिस, नेता हो या पत्रकार सभी को नोटिस
जांच पड़ताल के नाम पर जारी किए गए नोटिस में पुलिस ने किसी को नहीं बख्शा है। चाहे वह पुलिस कर्मी हो या फिर पत्रकार। इसके अलावा कई नेताओं को भी नोटिस जारी कर दिये गए हैं। पुलिस के गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया गया है, जो आंदोलन के समय पुलिस विभाग को गुप्त सूचना मुहैया करवा रहे थे।

सबूत जुटाने में नाकाम रही थी एसआईटी
बता दें कि पुलिस ने मामले में प्रोफेसर विरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर 10 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मामले में अहम सबूत नहीं जुटा सकी थी। इस कारण पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। प्रोफेसर विरेंद्र सिंह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे हैं।


 जांच में शामिल करने के लिए सैकड़ों लोगों को नोटिस जारी किए गए है। कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
पवन कुमार डीएसपी और एसआईटी इंचार्ज।
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