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Rohtak: कांग्रेस नेता अशोक उर्फ काका हत्याकांड के 11 दोषियों को उम्रकैद, गोली मार की थी हत्या

Tue, 17 Jan 2023 04:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 17 Jan 2023 04:41 PM IST
सार

निर्भया कांड का असर इस केस पर देखने को मिला। 16 से 18 साल के बीच नाबालिगों पर वयस्क मानकर केस चला और दूसरे दोषियों के बराबर सजा मिली। अदालत के फैसले पर काका के बेटे बोले कि अदालत के फैसले से संतुष्ट है। दोषी अनिल का पिता व सुनील की मां बोली कि हाईकोर्ट में अपील करेंगे। 

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Life imprisonment to 11 convicts of Congress leader Ashok Verma alias Kaka murder case
अशोक काका का फाइल फोटो, दोषियों को लेकर जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में कांग्रेस के पूर्व शहरी अध्यक्ष एवं आभूषण व्यापारी अशोक काका हत्याकांड में एडीजे राकेश सिंह की अदालत ने सभी 11 दोषियों को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

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कांग्रेसी नेता के दोषी भतीजे रेवाड़ी निवासी संजय सोनी व मनोज सोनी, करौंथा निवासी वीरेंद्र उर्फ बिंद्र, बोहर निवासी अनिल नांदल, नेहरू कॉलोनी निवासी दीपक कोचर, शौरा कोठी निवासी सतीश कुमार, टिटौली निवासी सुनील कुमार, किलोई निवासी पंकज हुड्डा और संदीप सहित वे दो युवक भी शामिल हैं, जो वारदात के समय नाबालिग थे।
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इसके अतिरिक्त आर्म्स एक्ट के तहत चार दोषियों पंकज हुड्डा, संदीप, सुनील व एक नाबालिग को अदालत ने अलग से तीन-तीन साल की कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माना व सबूत मिटाने पर एक दोषी सुनील को तीन साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है।
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पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि अशोक काका (60) कांग्रेस के शहरी इकाई के जिला अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि हैफेड चेयरमैन भी रहे थे। अप्रैल 2016 में अशोक मॉडल टाउन डबल पार्क में घूमने गए थे। जब पार्क में वे सैर कर रहे थे, तब उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जांच में खुलासा हुआ था कि नया पड़ाव में अशोक काका का 147 वर्ग गज पुश्तैनी मकान था। अशोक काका ने यह जमीन किसी को बेच दी थी। इसपर उनका भतीजा संजय सोनी और मनोज सोनी अपना हक जता रहे थे। उन्होंने भी यह जमीन टिटौली के सुनील व करौंथा के बिंदर को बेच दी थी, लेकिन उन्हें यह जमीन नहीं मिल रही थी। सभी ने मिलकर अशोक काका की हत्या कर दी। 

निर्भया कांड का असर, चिल्ड्रन कोर्ट में चला वयस्क मानकर केस 
बचाव पक्ष के वकील सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि अदालत ने केस में नामजद दो नाबालिगों को भी अन्य दोषियों के बराबर सजा सुनाई है। वकील ने बताया कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद 2015 में कानून बना था कि अगर गंभीर केस में नामजद नाबालिग की उम्र 16 से 18 साल के बीच है तो अदालत देखे कि आरोपी वयस्क की तरह अच्छा व बुरा समझने की क्षमता रखता है। अगर अदालत चाहे तो चिल्ड्रन कोर्ट में वयस्क मानकर केस चला सकती है। काका हत्याकांड में अदालत ने दोनों नाबालिग को कानून के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

अदालत के फैसले से मेरा परिवार पूरी तरह संतुष्ट है। पुलिस ने अच्छी तरह से जांच की। साथ ही शहर के व्यापारियों ने भी वारदात के बाद परिवार का सहयोग किया। इससे अपराधियों में डर पैदा होगा। - नितिन वर्मा, मृतक अशोक काका का बेटा


वारदात से दो दिन पहले बेटा अनिल दिल्ली में था। इसके बावजूद उसे भी दोषी मान लिया गया। साथ ही दो नाबालिगों को भी उम्रकैद की सजा दी गई है। अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। -रमेश नांदल, बोहर 

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