रोहतक: जुर्माने से बचने के लिए आरटीए इंस्पेक्टर की गाड़ी में लगाया जीपीएस सिस्टम, सड़क पर आते ही ट्रक बदलते थे रास्ता
शक के आधार पर जांच करवाई तो छत पर गाड़ी की लाइट के पास उपकरण लगा मिला। लिखित शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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हरियाणा का रोहतक आरटीए कार्यालय एक बार फिर चर्चाओं में है। जुर्माने से बचने के लिए व सरकार के राजस्व को चुराने के लिए किसी ने आरटीए इंस्पेक्टर की सरकारी गाड़ी की छत पर जीपीएस सिस्टम लगा दिया। शक होने पर जांच करवाई तो उपकरण लाइट के पास लगा मिला। इंस्पेक्टर ने इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन विभाग) के इंस्पेक्टर लायकराम ने दी शिकायत में बताया कि उसकी ड्यूटी अक्तूबर 2020 से रोहतक स्थित कार्यालय में लगी हुई है। वह सरकारी वाहन से सड़कों पर ओवरलोड वाहनों की जांच करते हैं। नियम तोड़ने पर वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया जाता है।
कुछ दिन से जब भी वे सरकारी बोलेरो लेकर सड़कों पर जांच करने जाते तो ट्रकों या दूसरे भारी वाहनों की आवाजाही कम हो जाती। उसने सरकारी ड्राइवर विष्णुदत्त से बात की। आखिर उनकी लोकेशन कैसे लीक हो रही है। कहीं गाड़ी के अंदर तो कोई उपकरण नहीं लगा है।
तब गाड़ी की 10 जनवरी को निजी एजेंसी में जांच करवाई तो गाड़ी की छत पर लगी लाइट के पास एक जीपीएस उपकरण मिला। उपकरण में एक सिम भी डली हुई थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिना किसी अनुमति व सूचना के सरकारी गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा दिया। इससे न केवल सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली गई, बल्कि राजस्व को भी हानि पहुंचाई है।
आरटीए रोहतक का नाम लेकर मांगी गई थी मंथली
शहर का आरटीए कार्यालय पहले भी चर्चाओं में आ चुका है। पिछले माह विभाग को लिखित में शिकायत मिली कि एक व्यक्ति विभाग के अधिकारियों का नाम लेकर प्रति ट्रक मंथली मांग रहा है। इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज करवाया गया था। अब जीपीएस सिस्टम मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिम की आईडी से खुलेगा राज, जल्द करेंगे जांच
लिखित शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बरामद सिम को कब्जे में ले लिया है। उसकी जांच कर पता लगाया जाएगा कि यह आईडी किस के नाम से जारी है। इसके बाद ही पूरे मामले की गहराई में जाया जा सकेगा। साथ ही उस मैकेनिक के भी बयान दर्ज होंगे, जिसने जीपीएस सिस्टम को बरामद किया है। - एसआई जयकरण, जांच अधिकारी थाना शिवाजी कॉलोनी