{"_id":"580fc33c4f1c1b3924bc36df","slug":"court-rape-rape-attempt-crime-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के बाद भी आरोपी से मिलती रही, सबूत सामने आने पर कोर्ट ने किया बरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म के बाद भी आरोपी से मिलती रही, सबूत सामने आने पर कोर्ट ने किया बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 26 Oct 2016 02:10 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। मंगलवार को कोर्ट ने केस दर्ज कराने वाली युवती के बयानों पर संदेह जताते हुए विजयनगर निवासी रविन्द्र उर्फ पाली को बरी किया। वहीं इससे पहले भी सन् 2011 में युवती ने रविंद्र पर दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में भी कोर्ट ने आरोपी को बरी किया था। वहीं 2014 में दोबारा युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक युवती ने 21 फरवरी 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी। युवती का कहना था कि 20 फरवरी की रात आरोपी रविंद्र उसके घर में घुस गया। आरोपी ने युवती की गर्दन पर चाकू रखकर धमकाते हुए दुष्कर्म किया। पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। बाद में कोर्ट ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। बचाव पक्ष के वकील शेखर शर्मा का कहना है कि केस दर्ज करवाने के बाद भी युवती बीच बीच में युवक से होटल में मिलती रही। वकील नेे केस दर्ज होने के बाद दोनों की साथ की फोटो कोर्ट में पेश की। साथ ही वक ील ने कहा कि यह लड़की फेसबुक पर भी युवक से बात करती थी। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद कहा कि युवती के बयानों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। इस कारण कोर्ट ने रविंद्र को बरी कर दिया।
पहले दर्ज कराया था दुष्कर्म प्रयास का केस
वकील शेखर शर्मा ने बताया कि 2011 में भी युवती ने युवक पर दुष्कर्म का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में फैसला आने से पहले युवती ने युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि कोर्ट 2011 के मामले में साक्ष्य के अभाव में युवक को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत में चले अभियोग के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक युवती ने 21 फरवरी 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी। युवती का कहना था कि 20 फरवरी की रात आरोपी रविंद्र उसके घर में घुस गया। आरोपी ने युवती की गर्दन पर चाकू रखकर धमकाते हुए दुष्कर्म किया। पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। बाद में कोर्ट ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। बचाव पक्ष के वकील शेखर शर्मा का कहना है कि केस दर्ज करवाने के बाद भी युवती बीच बीच में युवक से होटल में मिलती रही। वकील नेे केस दर्ज होने के बाद दोनों की साथ की फोटो कोर्ट में पेश की। साथ ही वक ील ने कहा कि यह लड़की फेसबुक पर भी युवक से बात करती थी। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद कहा कि युवती के बयानों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। इस कारण कोर्ट ने रविंद्र को बरी कर दिया।
विज्ञापन
पहले दर्ज कराया था दुष्कर्म प्रयास का केस
वकील शेखर शर्मा ने बताया कि 2011 में भी युवती ने युवक पर दुष्कर्म का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में फैसला आने से पहले युवती ने युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि कोर्ट 2011 के मामले में साक्ष्य के अभाव में युवक को बरी कर दिया था।
विज्ञापन