{"_id":"58e7e3794f1c1b41485b7540","slug":"bharan-sarpanch-death-case-two-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"भराण सरपंच की हत्या के दो दोषियों को उम्रकै द, तीसरा भगौड़ा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भराण सरपंच की हत्या के दो दोषियों को उम्रकै द, तीसरा भगौड़ा
ब्यूरो अमर उजाला राोहतक
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित भराण के पूर्व सरपंच कप्तान सिंह उर्फ कप्पे हत्याकांड में अदालत ने गांव के ही अमित उर्फ टिंकू और कुलवंत उर्फ मोनू को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इस मामले में एक अन्य आरोपी जयबीर भगोड़ा घोषित है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 15 सितंबर 2015 को गांव भराण में तत्कालीन सरपंच कप्तान सिंह सुबह घर से अपनी कार में किसी दोस्त से मिलने के लिए निकले थे। सरपंच के पास उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी। दोपहर करीब एक बजे कप्तान के भाई नरेश के पास पुलिस का फोन आया कि मदीना में कप्तान की कार में ही किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है। तब नरेश व एक उनका रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। यहां देखा तो कप्पे का शव चालक सीट पर खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस ने सरपंच के पिता रणबीर सिंह की शिकायत पर तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में गांव भराण के जयबीर, अमित उर्फ टिंकू और संजय कॉलोनी निवासी कुलवंत उर्फ मोनू के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कुलवंत उर्फ मोनू और अमित को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। जबकि आरोपी जयबीर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। इस कारण अदालत ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद अमित उर्फ टिंकू और कुलवंत उर्फ मोनू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
इन सबूतों साबित हुए थे दोषी
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील आरसी दलाल ने बताया कि वारदात में शामिल आरोपी पहले ही कोर्ट में मान चुके थे कि उन्होंने सरपंच से रुपये ले रखे थे। इसके अलावा जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उनके पास से बरामद कपड़ों पर खून के धब्बे थे। उन कपड़ों को जांच के लिए लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपियों के कपड़ों पर लगे खून के धब्बे सरपंच के ब्लड सैंपल से मैच खा रहे थे। इसके बाद आरोपियों से बरामद किये गए हथियारों और मौके से बरामद खोल की भी जांच करवाई गई। इसकी रिपोर्ट में भी सामने आया कि मौके से मिले खोल आरोपियों के ही हथियार से चली हुई गोली के थे। इन सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 15 सितंबर 2015 को गांव भराण में तत्कालीन सरपंच कप्तान सिंह सुबह घर से अपनी कार में किसी दोस्त से मिलने के लिए निकले थे। सरपंच के पास उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी। दोपहर करीब एक बजे कप्तान के भाई नरेश के पास पुलिस का फोन आया कि मदीना में कप्तान की कार में ही किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है। तब नरेश व एक उनका रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। यहां देखा तो कप्पे का शव चालक सीट पर खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस ने सरपंच के पिता रणबीर सिंह की शिकायत पर तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में गांव भराण के जयबीर, अमित उर्फ टिंकू और संजय कॉलोनी निवासी कुलवंत उर्फ मोनू के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कुलवंत उर्फ मोनू और अमित को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। जबकि आरोपी जयबीर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। इस कारण अदालत ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद अमित उर्फ टिंकू और कुलवंत उर्फ मोनू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
इन सबूतों साबित हुए थे दोषी
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील आरसी दलाल ने बताया कि वारदात में शामिल आरोपी पहले ही कोर्ट में मान चुके थे कि उन्होंने सरपंच से रुपये ले रखे थे। इसके अलावा जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उनके पास से बरामद कपड़ों पर खून के धब्बे थे। उन कपड़ों को जांच के लिए लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपियों के कपड़ों पर लगे खून के धब्बे सरपंच के ब्लड सैंपल से मैच खा रहे थे। इसके बाद आरोपियों से बरामद किये गए हथियारों और मौके से बरामद खोल की भी जांच करवाई गई। इसकी रिपोर्ट में भी सामने आया कि मौके से मिले खोल आरोपियों के ही हथियार से चली हुई गोली के थे। इन सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
विज्ञापन