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भैणी सुरजन में ग्रामीणाें ने पकड़े चोर, हंगामे के बाद पुलिस को सौंपा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 03 Sep 2016 02:16 AM IST
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भैणी सुरजन गांव में पकड़े चोर
- फोटो : अमर उजाला
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महम चौबीसी के गांव भैणी सुरजन में पिछले दो महीने से लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों का आखिरकार ग्रामीणों ने तोड़ निकाल लिया। बृहस्पतिवार रात को ग्रामीणों ने खुद दो चोरों को रंगों हाथों दबोच लिया। काफी हंगामे के बाद शुक्रवार सुबह उन्हें पुलिस के हवाले किया गया।
गांव में बढ़ रही चोरी की वारदातों से तंग आकर गांव के कुछ युवाओं ने रात को ठीकरी पहरा देना शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार रात को ठीकरी पहरे पर बैठे युवाओं ने जब केबल ऑफिस के पास कुछ युवाओं पर शक हुआ तो खुलासा हुआ कि वे चोरी करने आए हैं। ग्रामीणों को देखकर आरोपी भागने लगे। युवाओं ने उनका पीछा कर दो चोरों को पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर महम निवासी आरोपी संजय ने गांव में हुई चार चोरियों में शामिल होने की बात कही। आरोपी ने बताया कि गांव से चोरी किए गए सामान को बेचने से हमें प्रति व्यक्ति एक लाख 80 हजार रुपये मिले थे।
चोर पकड़े जाने पर सुबह गांव में हंगामा हो गया और एकबारगी तो ग्रामीणों ने चोरों को पुलिस के हवाले करने से मना कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि चोरी की इतनी वारदात होने और एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती। इसलिए ग्रामीणों को पुलिस पर भरोसा नहीं है। बाद में आरोपियों को सीआईए की टीम के हवाले किया गया। इस बारे में जांच अधिकारी रामनिवास का कहना है कि पुलिस तफ्तीश के बाद छानबीन कर मामले में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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गांव में बढ़ रही चोरी की वारदातों से तंग आकर गांव के कुछ युवाओं ने रात को ठीकरी पहरा देना शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार रात को ठीकरी पहरे पर बैठे युवाओं ने जब केबल ऑफिस के पास कुछ युवाओं पर शक हुआ तो खुलासा हुआ कि वे चोरी करने आए हैं। ग्रामीणों को देखकर आरोपी भागने लगे। युवाओं ने उनका पीछा कर दो चोरों को पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर महम निवासी आरोपी संजय ने गांव में हुई चार चोरियों में शामिल होने की बात कही। आरोपी ने बताया कि गांव से चोरी किए गए सामान को बेचने से हमें प्रति व्यक्ति एक लाख 80 हजार रुपये मिले थे।
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चोर पकड़े जाने पर सुबह गांव में हंगामा हो गया और एकबारगी तो ग्रामीणों ने चोरों को पुलिस के हवाले करने से मना कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि चोरी की इतनी वारदात होने और एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती। इसलिए ग्रामीणों को पुलिस पर भरोसा नहीं है। बाद में आरोपियों को सीआईए की टीम के हवाले किया गया। इस बारे में जांच अधिकारी रामनिवास का कहना है कि पुलिस तफ्तीश के बाद छानबीन कर मामले में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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