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जर्जर क्वार्टरों से 15 दिन के अंदर दोनों परिवारों को हटाने के आदेश
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:24 AM IST
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जर्जर क्वार्टरों से 15 दिन के अंदर दोनों परिवारों को हटाने के आदेश
- एसई एसके बंसल बोले, एक्सईएन सिटी क्वार्टर खाली होने की सौंपेंगे रिपोर्ट तब कराया जाएगा ध्वस्तीकरण
- करीब छह दशक पहले बिजलीघर मुख्यालय में बनाए गए थे क्वार्टर
फोटो--- ईपीएस : 24 तारीख पेज 6
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। साढ़े 11 करोड़ से बने 48 फ्लैट्स छोड़कर करीब छह दशक पहले बने कंडम क्वार्टरों में दो बिजली कर्मियों का परिवार समेत लौटना चर्चा का विषय बना है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बिजली विभाग के एसई एसके बंसल ने एक्सईएन सिटी को 15 दिन के अंदर दोनों परिवारों को हटाकर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
पुरानी आईटीआई के पास बिजली विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से कर्मचारियों के लिए 48 फ्लैट्स बनवाए हैं। इन फ्लैट्स को खाली करके दो कर्मचारी गुपचुप तरीके से करीब 1970 में बिजली मुख्यालय परिसर में बने क्वार्टरों में परिवार समेत आकर रहने लगे हैं। इन क्वार्टरों को कंडम घोषित होने के बाद धराशायी करने का आदेश भी हो चुका है। दोनों कर्मियों ने सांठगांठ करके दोबारा से बिजली मीटर भी लगवा लिए। अमर उजाला ने 24 जून को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सोमवार को एसई ने अपने कार्यालय के कर्मियों को भेजकर हकीकत का पता लगवाया। जब पुष्टि हो गई कि दो कर्मचारी गुपचुप तरीके से परिवार समेत आकर कंडम क्वार्टर में रह रहे हैं, तो उन्होंने एक्सईएन सिटी जेएस नारा को 15 दिन के अंदर क्वार्टरों को खाली कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यह भी पता लगाया जाए कि किसकी सहमति से दोबारा से मीटर लगाए गए हैं ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
एसई एसके बंसल ने बताया कि कंडम क्वार्टर में किसी को भी रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बारिश का मौसम आ रहा है, जिसमें अनहोनी की आशंका बनी रहती है। एक्सईएन सिटी को स्पष्ट आदेश कर दिए गए हैं कि दोनों क्वार्टरों को खाली करवाकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट दें ताकि उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करवाई जा सके।
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- एसई एसके बंसल बोले, एक्सईएन सिटी क्वार्टर खाली होने की सौंपेंगे रिपोर्ट तब कराया जाएगा ध्वस्तीकरण
- करीब छह दशक पहले बिजलीघर मुख्यालय में बनाए गए थे क्वार्टर
फोटो--- ईपीएस : 24 तारीख पेज 6
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। साढ़े 11 करोड़ से बने 48 फ्लैट्स छोड़कर करीब छह दशक पहले बने कंडम क्वार्टरों में दो बिजली कर्मियों का परिवार समेत लौटना चर्चा का विषय बना है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बिजली विभाग के एसई एसके बंसल ने एक्सईएन सिटी को 15 दिन के अंदर दोनों परिवारों को हटाकर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
पुरानी आईटीआई के पास बिजली विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से कर्मचारियों के लिए 48 फ्लैट्स बनवाए हैं। इन फ्लैट्स को खाली करके दो कर्मचारी गुपचुप तरीके से करीब 1970 में बिजली मुख्यालय परिसर में बने क्वार्टरों में परिवार समेत आकर रहने लगे हैं। इन क्वार्टरों को कंडम घोषित होने के बाद धराशायी करने का आदेश भी हो चुका है। दोनों कर्मियों ने सांठगांठ करके दोबारा से बिजली मीटर भी लगवा लिए। अमर उजाला ने 24 जून को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सोमवार को एसई ने अपने कार्यालय के कर्मियों को भेजकर हकीकत का पता लगवाया। जब पुष्टि हो गई कि दो कर्मचारी गुपचुप तरीके से परिवार समेत आकर कंडम क्वार्टर में रह रहे हैं, तो उन्होंने एक्सईएन सिटी जेएस नारा को 15 दिन के अंदर क्वार्टरों को खाली कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यह भी पता लगाया जाए कि किसकी सहमति से दोबारा से मीटर लगाए गए हैं ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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एसई एसके बंसल ने बताया कि कंडम क्वार्टर में किसी को भी रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बारिश का मौसम आ रहा है, जिसमें अनहोनी की आशंका बनी रहती है। एक्सईएन सिटी को स्पष्ट आदेश कर दिए गए हैं कि दोनों क्वार्टरों को खाली करवाकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट दें ताकि उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करवाई जा सके।
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