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आधार कार्ड और बैंक दस्तावेजों की डिटेल लेकर करना था ठगी का बड़ा खेल
Updated Sun, 11 Feb 2018 02:32 AM IST
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आधार कार्ड और बैंक दस्तावेजों की डिटेल लेकर करनी थी बड़ी ठगी
- पकड़े गये आरोपी ग्रामीणों के आधार कार्ड सहित बैंक के दस्तावेजों की जानकारी लेकर करते ऑनलाइन ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर मुख्यमंत्री के गांव में ठगी करने वाले गिरोह के लोग जिले में लाखों रुपयोें की ठगी करना चाहते थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी बहला फुसलाकर ग्रामीणों से उनके आधार कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की डिटेल इकट्ठा कर रहे थे। डिटेल लेने के बाद आरोपियों का बडे़ स्तर पर ऑनलाइन ठगी करने का इरादा था। पुलिस ने मामले में पकड़ी गई दो महिला सहित चार आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियाणी में शुक्रवार दोपहर को कार में सवार होकर दो महिलाएं सहित चार लोग आये थे। चारों लोगों ने कुछ ग्रामीणों को गांव के एक मकान में इकट्ठा कर लिया। ठग ग्रामीणों से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर एक हजार और फाइल चार्ज के नाम पर चार हजार रुपये ले रहे थे। सरपंच प्रतिनिधि बंसी विज को मामले की सूचना मिली। वह अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे थे। यहां पर ग्रामीणों ने ठगी के आरोप में मदीना निवासी अरुण, शास्त्री नगर निवासी बबीता, अंजू और हिसार बाईपास निवासी चालक राहुल को पकड़ लिया था। आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत ग्रामीणों का एक हजार रुपये में पंजीकरण कर रहे थे। इसके बाद ग्रामीणों से सारे पहचान संबंधी सारे दस्तावेज लेकर फाइल चार्ज के नाम पर 5 हजार रुपये वसूल रहे थे। वे ग्रामीणों को लालच देते थे कि उनका रजिस्ट्रेशन विभाग में होने से उनके बैंक खाते में ढाई लाख रुपये आ जाएंगे।
पांच ग्रामीणों से लिये थे रुपये, पुलिस करेगी बरामदगी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने बनियाणी के पांच ग्रामीणों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक और फाइल चार्ज के नाम पर चार हजार रुपये लिये थे। इतना ही नहीं आरोपियों के पास ग्रामीणों के आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज सहित अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी थी। पुलिस ने आरोपियों से कुछ रुपये व दस्तावेज बरामद कर लिये हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह की सरगना गीता नाम की महिला है। वह रोहतक में हिसार बाईपास पर रहती है। पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
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जिलेभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोगों से हजारों रुपये की ठगने वाले गिरोह का नेटवर्क पूरे जिले में फैला है। बताया जा रहा है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोपियों के निशाने पर अधिकतर गांव और अशिक्षित लोग रहते थे। ऐसे लोगों को आरोपी आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे। गिरोह के सदस्य जिले में अलग अलग गांव में जाकर लोगों से ठगी करते थे। आरोपी राहुल किरयाना स्टोर चलाता है।
बचाव में अलग अलग तर्क दे रहे आरोपी
ठगी के गोरखधंधे का खुलासा होने और पुलिस की पकड़ में आने के बाद आरोपी अपने बचाव में अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। आरोपियों का कहना है कि गीता नाम की महिला ने उन्हें एक दिन की मजदूरी पर लेकर आई थी। वह खुद को एडीसी ऑफिस की अधिकारी बताती है। पकड़ा गया आरोपी अरुण सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है जबकि दोनों महिला आरोपियों का भी दावा है कि वह मजदूरी करती हैं। महिलाओं का कहना है 500 रुपये की मजदूरी की बात कहकर उन्हें गांव में भेजा गया था। हालांकि पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दो युवकों से ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दो युवकों से ठगी का मामला सामने आया है।
पुलिस को दी शिकायत में प्रविंद्र ने बताया कि गोहाना अड्डा पर दशमेश मोबाइल के नाम से उनकी दुकान है। 18 दिसंबर 2017 को उनके पास अज्ञात नंबर से एक कॉल आई। कॉल करने वाले युवक ने कहा कि उसने एक मोबाइल खरीदना है। फिर युवक ने कहा कि वह ऑनलाइन पेमेंट पोर्टल के माध्यम से भुगतान कर देगा। आरोप है कि युवक ने दुकानदार के पोर्टल का ओटीपी लेकर खाते से 14325 रुपये निकाल लिये। इसके बाद दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह अन्य मामले में एक युवक ने नये और पुराने सामान खरीदने बेचने वाली वेबसाइट के माध्यम से ठगी कर ली। राजेंद्र नगर के सुमित ने बताया कि उसने वेबसाइट पर एक पुराने मोबाइल का विज्ञापन देखा था। इसके बाद उसने बेचने वाले युवक से बात की। उसने सुमित से ऑनलाइन पेमेंट मंगवा ली। इसके बाद न मोबाइल भेजा न ही रुपये वापस किये।
वीआईपी मोबाइल नंबर देने के नाम पर असिस्टेेंट प्रोफेसर के बेटे से ठगी
- दो घंटे में वीआईपी नंबर शुरू होने की बात कहकर 16 हजार रुपये ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मोबाइल का वीआईपी नंबर देने के नाम पर ठगों ने असिस्टेंट प्रोफेसर के बेटे से 16 हजार रुपये ठग लिये। इतना ही नहीं आरोपियों ने एक सिम भी युवक के घर कूरियर कर दिया। जब सिम शुरू नहीं हुआ तो फर्जीवाड़े का पता चला। इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है।
अर्बन एस्टेट थानाक्षेत्र के एक युवक ने पुलिस को बताया कि उसके पिता शहर के एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। युवक ग्रेजुएशन कर रहा है। युवक ने बताया कि उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। उसमें कुछ वीआईपी मोबाइल नंबर दिये गये थे। इस पर युवक ने संबंधित नंबर पर संपर्क करके एक वीआईपी नंबर मंगवाया। ठगों ने पहले तो युवक से एक हजार रुपये लिये। फिर युवक के घर एक कुरियर भेजा। इसमें एक सिमकार्ड रखा था। युवक ने फिर से संबंधित नंबर पर बात की। इस बार आरोपी ने युवक से कहा कि सिमकार्ड 2 घंटे बाद शुरू हो जाएगा। इसके बाद आरोपी ने शेष 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेजने की बात कही। फिर युवक ने 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिये। लेकिन दो घंटे बाद भी सिम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद युवक को फर्जीवाड़े का पता चला। फिर पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह ठगों ने गोहाना रोड निवासी गौरव सैनी के खाते से भी दस हजार रुपये निकाल लिये। गौरव का कहना है कि एटीएम उनके पास ही था। तभी उनके मोबाइल पर दस हजार रुपये निकासी का मैसेज आया। फिर गौरव ने बैंक और पुलिस को शिकायत दी।
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- पकड़े गये आरोपी ग्रामीणों के आधार कार्ड सहित बैंक के दस्तावेजों की जानकारी लेकर करते ऑनलाइन ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर मुख्यमंत्री के गांव में ठगी करने वाले गिरोह के लोग जिले में लाखों रुपयोें की ठगी करना चाहते थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी बहला फुसलाकर ग्रामीणों से उनके आधार कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की डिटेल इकट्ठा कर रहे थे। डिटेल लेने के बाद आरोपियों का बडे़ स्तर पर ऑनलाइन ठगी करने का इरादा था। पुलिस ने मामले में पकड़ी गई दो महिला सहित चार आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियाणी में शुक्रवार दोपहर को कार में सवार होकर दो महिलाएं सहित चार लोग आये थे। चारों लोगों ने कुछ ग्रामीणों को गांव के एक मकान में इकट्ठा कर लिया। ठग ग्रामीणों से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर एक हजार और फाइल चार्ज के नाम पर चार हजार रुपये ले रहे थे। सरपंच प्रतिनिधि बंसी विज को मामले की सूचना मिली। वह अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे थे। यहां पर ग्रामीणों ने ठगी के आरोप में मदीना निवासी अरुण, शास्त्री नगर निवासी बबीता, अंजू और हिसार बाईपास निवासी चालक राहुल को पकड़ लिया था। आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत ग्रामीणों का एक हजार रुपये में पंजीकरण कर रहे थे। इसके बाद ग्रामीणों से सारे पहचान संबंधी सारे दस्तावेज लेकर फाइल चार्ज के नाम पर 5 हजार रुपये वसूल रहे थे। वे ग्रामीणों को लालच देते थे कि उनका रजिस्ट्रेशन विभाग में होने से उनके बैंक खाते में ढाई लाख रुपये आ जाएंगे।
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पांच ग्रामीणों से लिये थे रुपये, पुलिस करेगी बरामदगी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने बनियाणी के पांच ग्रामीणों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक और फाइल चार्ज के नाम पर चार हजार रुपये लिये थे। इतना ही नहीं आरोपियों के पास ग्रामीणों के आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज सहित अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी थी। पुलिस ने आरोपियों से कुछ रुपये व दस्तावेज बरामद कर लिये हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह की सरगना गीता नाम की महिला है। वह रोहतक में हिसार बाईपास पर रहती है। पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
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जिलेभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोगों से हजारों रुपये की ठगने वाले गिरोह का नेटवर्क पूरे जिले में फैला है। बताया जा रहा है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोपियों के निशाने पर अधिकतर गांव और अशिक्षित लोग रहते थे। ऐसे लोगों को आरोपी आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे। गिरोह के सदस्य जिले में अलग अलग गांव में जाकर लोगों से ठगी करते थे। आरोपी राहुल किरयाना स्टोर चलाता है।
बचाव में अलग अलग तर्क दे रहे आरोपी
ठगी के गोरखधंधे का खुलासा होने और पुलिस की पकड़ में आने के बाद आरोपी अपने बचाव में अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। आरोपियों का कहना है कि गीता नाम की महिला ने उन्हें एक दिन की मजदूरी पर लेकर आई थी। वह खुद को एडीसी ऑफिस की अधिकारी बताती है। पकड़ा गया आरोपी अरुण सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है जबकि दोनों महिला आरोपियों का भी दावा है कि वह मजदूरी करती हैं। महिलाओं का कहना है 500 रुपये की मजदूरी की बात कहकर उन्हें गांव में भेजा गया था। हालांकि पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दो युवकों से ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दो युवकों से ठगी का मामला सामने आया है।
पुलिस को दी शिकायत में प्रविंद्र ने बताया कि गोहाना अड्डा पर दशमेश मोबाइल के नाम से उनकी दुकान है। 18 दिसंबर 2017 को उनके पास अज्ञात नंबर से एक कॉल आई। कॉल करने वाले युवक ने कहा कि उसने एक मोबाइल खरीदना है। फिर युवक ने कहा कि वह ऑनलाइन पेमेंट पोर्टल के माध्यम से भुगतान कर देगा। आरोप है कि युवक ने दुकानदार के पोर्टल का ओटीपी लेकर खाते से 14325 रुपये निकाल लिये। इसके बाद दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह अन्य मामले में एक युवक ने नये और पुराने सामान खरीदने बेचने वाली वेबसाइट के माध्यम से ठगी कर ली। राजेंद्र नगर के सुमित ने बताया कि उसने वेबसाइट पर एक पुराने मोबाइल का विज्ञापन देखा था। इसके बाद उसने बेचने वाले युवक से बात की। उसने सुमित से ऑनलाइन पेमेंट मंगवा ली। इसके बाद न मोबाइल भेजा न ही रुपये वापस किये।
वीआईपी मोबाइल नंबर देने के नाम पर असिस्टेेंट प्रोफेसर के बेटे से ठगी
- दो घंटे में वीआईपी नंबर शुरू होने की बात कहकर 16 हजार रुपये ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मोबाइल का वीआईपी नंबर देने के नाम पर ठगों ने असिस्टेंट प्रोफेसर के बेटे से 16 हजार रुपये ठग लिये। इतना ही नहीं आरोपियों ने एक सिम भी युवक के घर कूरियर कर दिया। जब सिम शुरू नहीं हुआ तो फर्जीवाड़े का पता चला। इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है।
अर्बन एस्टेट थानाक्षेत्र के एक युवक ने पुलिस को बताया कि उसके पिता शहर के एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। युवक ग्रेजुएशन कर रहा है। युवक ने बताया कि उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। उसमें कुछ वीआईपी मोबाइल नंबर दिये गये थे। इस पर युवक ने संबंधित नंबर पर संपर्क करके एक वीआईपी नंबर मंगवाया। ठगों ने पहले तो युवक से एक हजार रुपये लिये। फिर युवक के घर एक कुरियर भेजा। इसमें एक सिमकार्ड रखा था। युवक ने फिर से संबंधित नंबर पर बात की। इस बार आरोपी ने युवक से कहा कि सिमकार्ड 2 घंटे बाद शुरू हो जाएगा। इसके बाद आरोपी ने शेष 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेजने की बात कही। फिर युवक ने 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिये। लेकिन दो घंटे बाद भी सिम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद युवक को फर्जीवाड़े का पता चला। फिर पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह ठगों ने गोहाना रोड निवासी गौरव सैनी के खाते से भी दस हजार रुपये निकाल लिये। गौरव का कहना है कि एटीएम उनके पास ही था। तभी उनके मोबाइल पर दस हजार रुपये निकासी का मैसेज आया। फिर गौरव ने बैंक और पुलिस को शिकायत दी।