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अदालत दो
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:14 AM IST
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जानलेवा हमले के मामले में तीन बरी
शिकायत करने वाला पक्ष अदालत में गवाही से मुकरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने तीन युवकों को बरी कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फकरुद्दीन की अदालत ने गवाहों के मुकरने के कारण तीनों को अपराध मुक्त कर दिया। मामला चुलियाना में हुई मारपीट से जुड़ा है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार चुलियाना निवासी पवन ने सांपला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि मूलरूप से गांव गांधरा निवासी ओमबीर पीने के पानी की सप्लाई करता है। वह काफी समय से चुलियाना गांव में रहता है। पवन ने बताया कि 10 जून 2016 को उनके बड़े भाई धर्मबीर के घर में पीने के पानी की सप्लाई नहीं हुई। इस पर पवन के भतीजे ने पानी चढ़ाने के लिए मोटर चला दी। लेकिन ओमबीर ने आकर मोटर बंद कर दी। इसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीत, मंजीत और वजीर ने पवन के भतीजे पर फरसे से हमला कर दिया। हमले में पवन के परिवार के कई लोग घायल हो गये थे। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर मंजीत, संजीत और वजीर के खिलाफ चालान पेश किया था। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज किया गया था। अब अदालत में गवाह के मुकरने के कारण तीनों को बरी कर दिया गया।
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शिकायत करने वाला पक्ष अदालत में गवाही से मुकरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने तीन युवकों को बरी कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फकरुद्दीन की अदालत ने गवाहों के मुकरने के कारण तीनों को अपराध मुक्त कर दिया। मामला चुलियाना में हुई मारपीट से जुड़ा है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार चुलियाना निवासी पवन ने सांपला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि मूलरूप से गांव गांधरा निवासी ओमबीर पीने के पानी की सप्लाई करता है। वह काफी समय से चुलियाना गांव में रहता है। पवन ने बताया कि 10 जून 2016 को उनके बड़े भाई धर्मबीर के घर में पीने के पानी की सप्लाई नहीं हुई। इस पर पवन के भतीजे ने पानी चढ़ाने के लिए मोटर चला दी। लेकिन ओमबीर ने आकर मोटर बंद कर दी। इसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीत, मंजीत और वजीर ने पवन के भतीजे पर फरसे से हमला कर दिया। हमले में पवन के परिवार के कई लोग घायल हो गये थे। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर मंजीत, संजीत और वजीर के खिलाफ चालान पेश किया था। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज किया गया था। अब अदालत में गवाह के मुकरने के कारण तीनों को बरी कर दिया गया।
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