फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   दादा की नहीं चाचा की करनी थी हत्या

दादा की नहीं चाचा की करनी थी हत्या

Thu, 25 Oct 2018 02:48 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
दादा की नहीं चाचा की करनी थी हत्या
अमउ उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

रोहतक। सदर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव के अजीत हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने दादा की नहीं, बल्कि अपने सगे चाचा की हत्या करनी थी। जिस चारपाई पर चाचा लेटते थे, उस पर दादा जाकर लेट गए थे। उसने समझा कि चाचा ही चारपाई पर लेटे है। हत्या के बाद वह अपने घर पर ही हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी लेकर चला गया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।
क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में सोमवार की रात बडे़ भाई के पोते ने घेर में सो रहे किसान अजीत सिंह की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर पर ही जाकर बैठ गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपी रिंकू को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई थी।
विज्ञापन

एसएचओ सदर मंजीत मोर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रिंकू ने पूछताछ में बताया कि उसे दादा अजीत सिंह का नहीं, बल्कि अपने सगे चाचा बलराज का मर्डर करना था। दरअसल, बलराज को दादा अजीत ने गोद लिया हुआ था। उसे जमीन में हिस्सा नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा बलराज और रिंकू के खेत मिले हुए थे। डोलबंदी को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। इसी विवाद के चलते वह चाचा बलराज की हत्या करना चाहता था। एक सप्ताह से चाचा बलराज घेर में सो रहे थे। उसने चाचा समझ ही दादा अजीत सिंह की कुल्हाडे से वार कर हत्या करद ी तथा अपने घर जाकर बैठ गया। शोर शराबा होने के बाद ही उसे चाचा के बजाए दादा की हत्या के बारे में पता लगा। एसएचओ ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक सप्ताह से हत्या के प्रयास में था आरोपी
एसएचओ ने बताया कि आरोपी रिंकू नशीले पदार्थों का सेवन करता है। घटना को अंजाम देते समय भी वह नशे में था। नशे में ही उसने वारदात को अंजाम दिया। पिछले एक सप्ताह से ही वह घटना को अंजाम देने की फिराक में था। मगर मौका नहीं लग पा रहा था।

कटड़े को जन्म देने पर देखरेख को घेर में सो रहा था बलराज
पुलिस ने बताया कि अक्सर बलराज अपने घर में ही सोता था। मगर एक सप्ताह पूर्व ही बलराज की भैंस ने कटड़े को जन्म दिया था। जिस पर बलराज एक सप्ताह से घेर में ही भैंस की देखभाल के लिए सो रहा था, जबकि अजीत सिंह बलराज के घर पर सो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed